05/08/2017
चुनाव है भाइयों देखो पूरा वि०वि० डोल रहा है,मै केजरीवाल का अनुयायी धरने वाला बोल रहा हूँ।
वर्तमान में छात्रसंघ के उपाध्यक्ष पद पर आसीन जिनके अनेक है कागजी एवं मौखिक कीर्तिमान लेकिन हुआ कुछ नही है काम धाम।
#सुनो रे बंधु #सुनो रे भाई फिर से लिखित आश्वासन पर पूरी हुई चुनावी वोट वाली लड़ाई।
#मैं कहना चाहता हूं उपाध्यक्ष जी आपने अपने कार्यकाल में बहुत सी उपलब्धियां गिनाई लेकिन यथार्थ में उसकी कुछ और ही है सच्चाई।
आपने सिर्फ दो काम बहुत अच्छा किया है ज्ञापन दिया और बोला खूब है।
ट्रैकसूट का चर्चा जग जाहिर है ,राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित वाले लाइन पे आई आंच है।
आज आपको लिखित आश्वासन भी मिल गया कि 15 दिनों में आपकी मांगो को पूरा किया जाएगा ,इतेफाक देखिये समाचार में देखा कि 15 दिन बाद चाइना युद्ध करेगा दोनों में एक समानता है दोनों ही बातों का कोई तवज्जो नही है।
भाई साहब इस समय आंदोलन करके छात्रों को क्यों बेवकूफ बना रहे है,एक साल तक क्या अन्य देशों का भ्रमण करने गए थे।
#सुनो रे बंधु सूनो रे भाई
आये वोट की राजनीति कर के अपने विवि के केजरीवाल प्रशासन द्वारा लेकर फिर लॉलीपॉप रे भाई:-विद्यार्थी सब जान चुके है।
#सच ही कहा किसी ने काम कुछ ऐसा कर जाओ की मुद्दा ही ना बचे राजनीति करने को।
लेकिन फिर आपकी दुकान कैसे चलेगी।
जो काम आपको पद पाते ही करना चाहिए था उसे आप वोट बैंक की राजनीति के लिए कर रहे है।
जबकि तीनो समस्याएं पिछले एक वर्षों से व्याप्त है या यूं कहें कई वर्षों से जिसपर कई लोगो के साथ आपने भी ज्ञापन दिया था और आवाज़ भी उठाई थी,लेकिन ये काम चुनाव में ही क्यों ?
एक पद पर रहने के बाद अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ने से पूर्व ही क्यों?
छात्रों को न बहकायें।
छात्र सब जानते है।