03/21/2025
इस बार ये पहला मौका है जब भाभी की अनुपस्थिति में मायका जाने का मौका मिलेगा । पाँच साल हो गए सुमित्रा भाभी को गुजरे हुए तब से इस बार भाभी के पोते की शादी में जाने का निमंत्रण आया है । जाना तो पड़ेगा ही, भतीजे की शादी के बाद ये पहला मौका होगा जब सब से मिलना होगा ।
समझ नहीं आ रहा जाऊं या रहने दूँ ? दोनों भाई सुखदेव और हरि भैया तो पहले ही चले गए , भाभियाँ थी इतनी ज्यादा पूछने वाली, अब वो भी रही नहीं, फिर किसके लिए जाऊं ? भतीजे - भतीजी तो पहले भी मुझे कम ही पसन्द करते थे । रूप से ही कम सुंदर और शादी भी कम पढ़ी - लिखी होने के कारण गरीब घर में हुई थी ।
वसुदेव जी (पति) की भी तबियत ठीक नहीं । क्या करूँ..?
60 वर्षीय नीलम जी बालकनी में बैठे - बैठे पुराने दिनों में खो गईं । उनके भतीजे के बेटे अक्षत की शादी थी । कार्ड वहीं मेज पर रखा था और वो अतीत के गलियारों में घूमने लगीं । जैसे ही दरवाजे की घण्टी बजी नीलम जी मानो नींद से जागीं । शाम का समय था । उनकी बहू शालिनी ऑफिस से आई थी ।
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