09/05/2026
आचार्य चाणक्य के ये शब्द केवल एक dialogue नहीं—शिक्षक की शक्ति का उद्घोष हैं।
जब एक शिक्षक ठान लेता है, तो वह एक साधारण बालक में सम्राट देख सकता है, उसे गढ़ सकता है और इतिहास की दिशा बदल सकता है।
चाणक्य ने चंद्रगुप्त को केवल शिक्षा नहीं दी—उसे एक उद्देश्य, एक दृष्टि और एक साम्राज्य का स्वप्न दिया।
उन सभी गुरुओं और शिक्षकों को नमन, जो हमें हमारी क्षमता का एहसास तब कराते हैं, जब शायद हमें स्वयं भी उस पर विश्वास नहीं होता।
Happy Teacher’s Day!
#शिक्षकदिवस