11/06/2026
#धोरे गांव की पहचान वर्षों से आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव के लिए रही है। यहां सभी समुदायों के लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी रहे हैं और हमेशा सम्मान के साथ रहते आए हैं।
#आप सभी से विनम्र निवेदन है कि गांव के भविष्य से जुड़े किसी भी निर्णय पर विचार करते समय गांव की एकता, शांति और सामाजिक सौहार्द को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। हमारा मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों में नए मस्जिद निर्माण के बजाय वर्तमान व्यवस्था को बनाए रखना गांव के व्यापक हित में अधिक उचित होगा।
#हमारा उद्देश्य किसी धर्म या समुदाय का विरोध करना नहीं है, बल्कि उस भाईचारे और विश्वास को बनाए रखना है जो वर्षों से धोरे गांव की सबसे बड़ी पहचान रहा है।
#आइए, हम सब मिलकर गांव की शांति, एकता और सामाजिक समरसता को बनाए रखें, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इसी प्रेम और सद्भाव के वातावरण में जीवन जी सकें।
#धर्म अलग हो सकते हैं, लेकिन गांव एक है; गांव की शांति और एकता सबसे ऊपर है।"
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