16/09/2026
योग के भीष्म पितामह कहे जाने वाले मेरे पूज्य गुरु प्रो. ईश्वर भारद्वाज जी आज भौतिक रूप से हमारे बीच उपस्थित नहीं हैं। उनके महाप्रयाण से योग जगत ने एक महान साधक, शिक्षक और मार्गदर्शक को खो दिया है। मेरे लिए यह केवल एक गुरु को खोने का क्षण नहीं, बल्कि जीवन के उस दीपस्तंभ के भौतिक रूप से ओझल होने का क्षण है, जिसने मेरे जीवन को दिशा और प्रकाश दिया।
उनका स्नेह, उनकी वाणी, उनका मार्गदर्शन और उनकी कृपा मेरे जीवन में आज भी उसी तरह जीवंत हैं। शरीर नश्वर है, लेकिन गुरु द्वारा दिया गया ज्ञान, संस्कार और साधना की दृष्टि कभी समाप्त नहीं होती। आपके दिखाए मार्ग पर चलना ही हम साधकों की सच्ची श्रद्धांजलि है।
ॐ शांति। 🙏🏻