10/05/2026
गौरी गोपाल आश्रम आज उन 315 से अधिक वृद्ध माताओं का घर बना हुआ है,
जिनमें से कई ऐसी हैं जिन्हें कभी अपने ही घर से निकाल दिया गया…
कुछ माताएँ वर्षों तक सड़कों पर भटकती रहीं…
कई अपनों की उपेक्षा और पीड़ा सहती रहीं…
जिस उम्र में उन्हें अपने बच्चों के प्रेम और सहारे की आवश्यकता थी, उस समय उन्हें अकेलापन, तिरस्कार और आँसू मिले।
लेकिन आज वही माताएँ गौरी गोपाल आश्रम में सम्मान, सुरक्षा, अपनापन और परिवार का प्रेम पा रही हैं
यहाँ कोई माँ अकेली नहीं है।
हर माँ को पूरा सम्मान, सेवा, भोजन, उपचार और स्नेह दिया जाता है…
ताकि उनके जीवन का शेष समय आँसुओं में नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और शांति के साथ बीते
गौरी गोपाल आश्रम में सच में हर दिन होता है ❤️