06/04/2026
वृंदावन शोध संस्थान में आयोजित पाँच दिवसीय संरक्षण कार्यशाला के दूसरे दिन प्रतिभागियों को पांडुलिपियों के प्राथमिक एवं उपचारात्मक संरक्षण की गहन जानकारी दी गई। इस दौरान फंगल इन्फेक्शन, कीटों से सुरक्षा, तथा उपयुक्त वातावरण (प्रकाश, तापमान, आर्द्रता) बनाए रखने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा हुई।
विशेष प्रशिक्षण सत्र में श्री प्रमोद कुमार पाण्डेय ने पांडुलिपि फोल्डर बनाने की विधि सिखाई, वहीं संस्थान के निदेशक डॉ. राजीव द्विवेदी ने संस्थान की संरक्षण गतिविधियों और राष्ट्रीय पाण्डुलिपि मिशन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थानों से आए प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता इस कार्यशाला को और भी सार्थक बना रही है।
🪶 भारतीय विरासत के संरक्षण के प्रति जागरूकता ही हमारी असली शक्ति है।