HUMAN Nature CLUB

HUMAN Nature CLUB HUMAN NATURE CLUB:THE NEERAJ SHARMA Foundation is a registered charitable trust established by neeraj sharma.

human nature club:The NEERAJ SHARMA Foundation is a registered charitable trust established by NEERAJ SHARMA for helping the cause of the underprivileged in two main areas: Public help & Education and healthcare.

15/09/2016
17/10/2014

घर के बाहर नुक्कड़ पर परी जैसे कपड़े पहने
एक छोटी सी बहुत ही प्यारी बच्ची खड़ी थी
वही एक पान पट्टी की दुकान थी जो कोई
भी वह से सिगरेट लेता उससे कहती अंकल मुझे
भी एक सिगरेट दिला दो प्लीज
सिगरेट बड़े शौक से पीने वाले
उसे डाँटते और सिगरेट बुरी चीज़ हैं
की नसीहत जरुर देते और कुछ कुछ तो सिगरेट
की सब
बुराइयाँ तक गिना देते एक सज्जन से रहा नहीं गया
उन्होंने बच्ची को पूछ ही लिया बेटा अच्छे घर
की दिखती हो फिर ये गन्दी हरकत क्यों
तो वो बच्ची बोली अंकल आप भी तो अच्छे घर
के हो फिर ये बुरी आदत क्यों बच्ची का जवाब सुन
वो
शर्म सार होते हुए बोला फिर भी मेरे सवाल
का जवाब तो नहीं मिला बेटा तब वो बच्ची
उस सज्जन के हाथ से सिगरेट
छिनते हुए एक कोने में ले गई जहा टूटी हुई
सिगरेट का ढेर लगा था
और सिगरेट तोड़ के उस ढेर में फेक दी
और बोली अंकल मेने आपकी जिंदगी के 5minit
बचा लिए उस सज्जन से रहा नहीं गया पूछा
आखिर ये सब क्यों करती हो
तो बोली मेरे पापा इस बुरी आदत
की वजह से मुझे अनाथ कर भगवान के पास चले गए
उस सज्जन के आख में आंसू आ गए पूरा पैकेट
निकला और मसल के फेक दिया और आंसु पोछते हुए
बच्ची के सर पर हाथ फेरते हुए निकल गया
=========== Anmol Vachan ============
धुम्रपान पहले आपको फिर आपके परिवार को
फिर देश को बर्बाद कर देगा !!

15/10/2014

मजदूर के जूते

एक बार एक शिक्षक संपन्न परिवार से सम्बन्ध रखने वाले एक युवा शिष्य के साथ कहीं टहलने निकले . उन्होंने देखा की रास्ते में पुराने हो चुके एक जोड़ी जूते उतरे पड़े हैं , जो संभवतः पास के खेत में काम कर रहे गरीब मजदूर के थे जो अब अपना काम ख़त्म कर घर वापस जाने की तयारी कर रहा था .

शिष्य को मजाक सूझा उसने शिक्षक से कहा , “ गुरु जी क्यों न हम ये जूते कहीं छिपा कर झाड़ियों के पीछे छिप जाएं ; जब वो मजदूर इन्हें यहाँ नहीं पाकर घबराएगा तो बड़ा मजा आएगा !!”

शिक्षक गंभीरता से बोले , “ किसी गरीब के साथ इस तरह का भद्दा मजाक करना ठीक नहीं है . क्यों ना हम इन जूतों में कुछ सिक्के डाल दें और छिप कर देखें की इसका मजदूर पर क्या प्रभाव पड़ता है !!”

शिष्य ने ऐसा ही किया और दोनों पास की झाड़ियों में छुप गए .

मजदूर जल्द ही अपना काम ख़त्म कर जूतों की जगह पर आ गया . उसने जैसे ही एक पैर जूते में डाले उसे किसी कठोर चीज का आभास हुआ , उसने जल्दी से जूते हाथ में लिए और देखा की अन्दर कुछ सिक्के पड़े थे , उसे बड़ा आश्चर्य हुआ और वो सिक्के हाथ में लेकर बड़े गौर से उन्हें पलट -पलट कर देखने लगा . फिर उसने इधर -उधर देखने लगा , दूर -दूर तक कोई नज़र नहीं आया तो उसने सिक्के अपनी जेब में डाल लिए . अब उसने दूसरा जूता उठाया , उसमे भी सिक्के पड़े थे …मजदूर भावविभोर हो गया , उसकी आँखों में आंसू आ गए , उसने हाथ जोड़ ऊपर देखते हुए कहा – “हे भगवान् , समय पर प्राप्त इस सहायता के लिए उस अनजान सहायक का लाख -लाख धन्यवाद , उसकी सहायता और दयालुता के कारण आज मेरी बीमार पत्नी को दावा और भूखें बच्चों को रोटी मिल सकेगी .”

मजदूर की बातें सुन शिष्य की आँखें भर आयीं . शिक्षक ने शिष्य से कहा – “ क्या तुम्हारी मजाक वाली बात की अपेक्षा जूते में सिक्का डालने से तुम्हे कम ख़ुशी मिली ?”

शिष्य बोला , “ आपने आज मुझे जो पाठ पढाया है , उसे मैं जीवन भर नहीं भूलूंगा . आज मैं उन शब्दों का मतलब समझ गया हूँ जिन्हें मैं पहले कभी नहीं समझ पाया था कि लेने की अपेक्षा देना कहीं अधिक आनंददायी है . देने का आनंद असीम है .

15/10/2014

Getting angry doesn't solve anything.

15/10/2014

भगवान में विश्वास करते हैं, वीडियो देखने क्लिक करें(by human nature)
27/09/2014

भगवान में विश्वास करते हैं, वीडियो देखने क्लिक करें(by human nature)

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