अपना घर आश्रम, वाराणसी सडकों, प्लेट फार्म, धार्मिक स्थलों, आदि से आश्रय हीन, असहाय, लावारिस, पीडित, विक्षिप्त, संक्रमित, शोषित, परित्यक्त, बीमार, निशक्तजन लोगों को लाकर निशुल्क आश्रय, चिकित्सा, भोजन, कपड़ा, सुरक्षा आदि सेवाएं उपलब्ध कराता हैं। यहाँ उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए दवाओं के साथ अन्य मनोवैज्ञानिक क्रिया कलापों मे भी इन्हे व्यस्त रखने की आवश्यकता होती है, ताकि उनको जीवन नीरस नहीं लगे। आश्र
म के प्रभु स्वरूप आवासी, जिन्हे हम प्रभु जी कह संबोधित करते है, अपने परिवार जनों से दूर होने से बहुत अकेलापन महसुस करते है एवं उदास रहते हैं। इनको घर का माहौल देने के लिए समय समय पर भजन, कीर्तन, गीत संगीत के कार्यक्रम किए जाते हैं। आश्रम से जुड़े हुए कुछ समाज सेवी लोग त्योहारों एवं अपने महत्वपूर्ण पलों पर अन्य तरह की गतिविधियाँ भी करते रहते हैं औऱ इनके बीच खुशियाँ बाँटकर अकेलापन दूर करने की कोशिश करते हैं। वाराणसी मे अपना घर आश्रम की स्थापना अक्टूबर 2018 मे हुई |आज यहा 278प्रभु जी है। प्रभु जनों के परिवार का पता लगाकर उनका पुनर्वास करने का हर सम्भव प्रयास आश्रम करता है। अभी तक हमारे "अपनों से मिलन "प्रकल्प के द्वारा अपना घर संस्था द्वारा 400 से अधिक प्रभु स्वरुप जनों को पुनर्वासित किया जा चुका है|
अपना घर आश्रम एक गैर सरकारी संस्था है एवं उदार, सहृदय और करुणावान व्यक्तियों के सहयोग पर निर्भर है।
आइए आप भी अपना घर आश्रम से जुड़ कर यहाँ के दीन दुखियों को खुशियाँ दें।
www.apnagharvaranasi.com,7521060001,7521060002*卐।। जय श्रीराम ।।卐*
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*परहित सरिस धर्म नहीं भाई !*
*पर पीड़ा सम नहीं अधमाई
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*सादर.!!*
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*☆राम☆राम☆राम☆राम☆*
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*�जय जय राम जी !�*
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