26/03/2026
#सम्पूर्णसमाधानदिवस पिंडरा तहसील वाराणसी
#समुदायकासशक्तिकरण #नटसमुदायसंघर्षसमिति #नटमुसहर #भूमिअधिकार #आवासीयपट्टा #अर्धघुमंतुसमुदाय #समुदायकीआवाज़ #विमुक्तघुमंतु #पिंडरा #शिक्षाकामार्ग #मानवाधिकार #वाराणसी #जनसुनवाई
दिनांक: 23 मार्च 2026
स्थान: पिंडरा तहसील, वाराणसी
आज दिनांक 23 मार्च 2026 को वाराणसी जनपद के पिंडरा तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर नट समुदाय संघर्ष समिति के बैनर तले बेलवा हटिया, बेलवा मुसहर बस्ती, बेलवा मुस्लिम बस्ती, जगदीशपुर, औराव, खरकपुर, गोकुलपुर, फत्तूपुर, रमईपट्टी, गजेन्द्र तथा दल्लीपुर सहित विभिन्न गांवों से लगभग 80 से अधिक विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू (DNT) नट एवं मुसहर समुदाय की महिलाएं अपनी समस्याओं को लेकर पिंडरा तहसील पहुंचीं।
समुदाय की महिलाओं ने अपनी प्रमुख मांगों को लेकर तहसील प्रशासन को आवेदन पत्र सौंपा। इन मांगों में मुख्य रूप से घरौनी प्रमाण पत्र जारी करना, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास उपलब्ध कराना, शौचालय निर्माण, भूमिआवंटन, सड़कों की मरम्मत तथा पात्र परिवारों के लिए राशन कार्ड जारी करना शामिल है।
आवेदन देने के दौरान समुदाय के लोगों ने आरोप लगाया कि तहसील में आवेदन लेने वाले अधिकारी द्वारा सभी लोगों के साथ समान व्यवहार नहीं किया गया। कुछ गांवों के लोगों को सम्पूर्ण समाधान दिवस की पक्की रसीद दी गई, जबकि अधिकांश लोगों को केवल सादे कागज पर कच्ची रसीद देकर भेज दिया गया।
इसके अलावा समुदाय के लोगों का कहना है कि अधिकारियों द्वारा उनसे यह भी कहा गया कि “पहले उस व्यक्ति को बुलाओ जिसने यह आवेदन लिखा है, उसे यहीं बैठाया जाएगा तब समझ आएगा।” आवेदन जमा करने के बाद भी लोगों को तुरंत रसीद नहीं दी गई और कहा गया कि दो घंटे बाद रसीद दी जाएगी। जब समुदाय के लोगों ने इसका विरोध किया और रसीद देने की मांग की, तब अधिकारियों द्वारा जल्दबाजी में कच्ची रसीद देकर उन्हें वापस भेज दिया गया।
इस संबंध में नट समुदाय संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रेम नट ने कहा कि विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समाज लंबे समय से अपनी बुनियादी समस्याओं को लेकर पिंडरा तहसील में आवेदन दे रहा है, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार और दुर्व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र ही समुदाय की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो संगठन आने वाले समय में इस मुद्दे को लेकर आगे की रणनीति और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
कार्यक्रम में समुदाय की महिलाओं में सोनी, शहनाज़, राबिया, शबाना, विनोद, तैहरून, शहज़ादी, प्रमिला, बबीता, अनीता, मीना, चिंता, उषा, गुड्डी, गुलाबी, बेला, बसंती, रिंका आदि महिलाएं उपस्थित रहीं।
साथ ही नट समुदाय संघर्ष समिति के कार्यकर्ता सौरभ, राहुल, करण, नेहा, ज्योति, नंदनी, रिया, मीना आदि उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के एमएसडब्ल्यू के छात्र मिली राव और हर्ष कनौजिया भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
#सम्पूर्णसमाधानदिवस पिंडरा तहसील वाराणसी
#समुदायकासशक्तिकरण #नटसमुदायसंघर्षसमिति #नटमुसहर #भूमिअधिकार #आवासीयपट्टा #अर्धघुमंतुसमुदाय #समुदायकीआवाज़ #विमुक्तघुमंतु #पिंडरा #शिक्षाकामार्ग #मानवाधिकार #वाराणसी #जनसुनवाई
दिनांक: 23 मार्च 2026
स्थान: पिंडरा तहसील, वाराणसी
आज दिनांक 23 मार्च 2026 को वाराणसी जनपद के पिंडरा तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर नट समुदाय संघर्ष समिति के बैनर तले बेलवा हटिया, बेलवा मुसहर बस्ती, बेलवा मुस्लिम बस्ती, जगदीशपुर, औराव, खरकपुर, गोकुलपुर, फत्तूपुर, रमईपट्टी, गजेन्द्र तथा दल्लीपुर सहित विभिन्न गांवों से लगभग 80 से अधिक विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू (DNT) नट एवं मुसहर समुदाय की महिलाएं अपनी समस्याओं को लेकर पिंडरा तहसील पहुंचीं।
समुदाय की महिलाओं ने अपनी प्रमुख मांगों को लेकर तहसील प्रशासन को आवेदन पत्र सौंपा। इन मांगों में मुख्य रूप से घरौनी प्रमाण पत्र जारी करना, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास उपलब्ध कराना, शौचालय निर्माण, भूमिआवंटन, सड़कों की मरम्मत तथा पात्र परिवारों के लिए राशन कार्ड जारी करना शामिल है।
आवेदन देने के दौरान समुदाय के लोगों ने आरोप लगाया कि तहसील में आवेदन लेने वाले अधिकारी द्वारा सभी लोगों के साथ समान व्यवहार नहीं किया गया। कुछ गांवों के लोगों को सम्पूर्ण समाधान दिवस की पक्की रसीद दी गई, जबकि अधिकांश लोगों को केवल सादे कागज पर कच्ची रसीद देकर भेज दिया गया।
इसके अलावा समुदाय के लोगों का कहना है कि अधिकारियों द्वारा उनसे यह भी कहा गया कि “पहले उस व्यक्ति को बुलाओ जिसने यह आवेदन लिखा है, उसे यहीं बैठाया जाएगा तब समझ आएगा।” आवेदन जमा करने के बाद भी लोगों को तुरंत रसीद नहीं दी गई और कहा गया कि दो घंटे बाद रसीद दी जाएगी। जब समुदाय के लोगों ने इसका विरोध किया और रसीद देने की मांग की, तब अधिकारियों द्वारा जल्दबाजी में कच्ची रसीद देकर उन्हें वापस भेज दिया गया।
इस संबंध में नट समुदाय संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रेम नट ने कहा कि विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समाज लंबे समय से अपनी बुनियादी समस्याओं को लेकर पिंडरा तहसील में आवेदन दे रहा है, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार और दुर्व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र ही समुदाय की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो संगठन आने वाले समय में इस मुद्दे को लेकर आगे की रणनीति और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
कार्यक्रम में समुदाय की महिलाओं में सोनी, शहनाज़, राबिया, शबाना, विनोद, तैहरून, शहज़ादी, प्रमिला, बबीता, अनीता, मीना, चिंता, उषा, गुड्डी, गुलाबी, बेला, बसंती, रिंका आदि महिलाएं उपस्थित रहीं।
साथ ही नट समुदाय संघर्ष समिति के कार्यकर्ता सौरभ, राहुल, करण, नेहा, ज्योति, नंदनी, रिया, मीना आदि उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के एमएसडब्ल्यू के छात्र मिली राव और हर्ष कनौजिया भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।