Pundit Pawan Upadhyay Smriti Nyas

Pundit Pawan Upadhyay Smriti Nyas महिलाओं के कल्याण व विकास के लिए समर्पित नव स्मृति संस्था

  session  shivpur Varanasi
07/07/2024

session
shivpur Varanasi

19/05/2024
!!बेटा बाप से बढ़के !!नवीन के हाथों में फोन था जो अभी-अभी उसने कान से हटाया था।हेलो- हेलो की आवाज भी उसके कानों तक नहीं ...
19/05/2024

!!बेटा बाप से बढ़के !!

नवीन के हाथों में फोन था जो अभी-अभी उसने कान से हटाया था।
हेलो- हेलो की आवाज भी उसके कानों तक नहीं पहुंच रही थी जैसे।
तभी अचानक बाबूजी पूजा के कमरें से जल छिड़कते हुए निकले।... पगला गए हो क्या ? कुछ बोलते क्यों नहीं? तब से फोन की हेलो हेलो की आवाज आ रही है।
पर नवीन बोलने की स्थिति में कहां था। उसने फोन जमीन पर रख कर बाबूजी के पांव पकड़ लिए। उसके आंखों से आंसुओं की धार बह निकली मानो वो उन आंसुओं से उनके चरणों को पखार रहा हो।
अब तो दीनदयाल जी भी घबरा गए। अरे नवीन की मां देखो इसे क्या हुआ है।
मां भी जल्दी-जल्दी आंचल से हाथ पोंछते हुए रसोई से बाहर निकली। मां भी उसे इस हाल में देखकर घबरा गई।
बबुआ क्या हो गया? मां के पकड़ते ही वह मां की गोद में सर रखकर फफक कर रोने लगा। अब तो मां भी रोने रोने जैसी हो गई।
पर कांपते हाथों से नवीन का सिर उठाया। क्या हुआ बेटा? अब बता भी दो, हम दोनों का दिल बैठा जा रहा है।
अब शायद नवीन की आंखों से आंसू सूख गए थे, जी हल्का सा हो गया था।
कुछ नहीं मां बाबूजी, बहुत खुशी की बात है।
आज मैं बाबूजी से नजरे मिलाने के लायक हो गया हूं।
अब बाबूजी ने उसका हाथ अपने हाथ में लेते हुए कहा ऐसा क्या हो गया बेटा? तुझसे कोई गलती हो गई है क्या? तू तो मेरा आदर्श बेटा है।
मुझे तो याद नहीं कि तुझे कोई गलती हुई है।
बाबूजी आप दोनों लेटर पढ़िए,आपको खुद समझ में आ जाएगा।
बाबूजी ने उसके हाथ से देखा लेटर खोला तो अवाक रह गए।
पहले लिफाफे में उसका यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति का जॉइनिंग लेटर था। दूसरे लिफाफे में उसके शोध के लिए उसे सम्मानित किए जाने के लिए भारत सरकार द्वारा दिल्ली बुलाए जाने का बुलावा पत्र था।
अब आंखों से आंसू गिरने की बारी बाबूजी की थी।
‌ बाबूजी याद आया जब मेरी मिडिल में नौकरी लगी थी तो आपने कहा था मैं बहुत खुश हूं बेटा।
पर मैंने मां से आपको ये कहते सुन लिया था, अभी तो उम्र है पढ़ लेता और ऊंचे के लिए ट्राई कर लेता। मेरा एक सपना था मैं पीएचडी नहीं कर पाया लेकिन मेरा बेटा कर लेता तो मुझे बहुत खुशी होती।
पर चलो कोई बात नहीं जरूरी नहीं कि सबके सपने पूरे ही हो।
बाबूजी ने रूंधे गले से कहा तूने यह सब मेरे लिए किया।
आज मैं उन खुशकिस्मत पिताओं में से हूं जो कह सकता है... मेरा बेटा मुझसे बढ़कर है।
मेरा आशीर्वाद है तुझे,
सूरज की तरह हमेशा चमकती रहना,
तेरी औलाद तुझसे भी बड़ा बने।।

अंजू चौबे

वोट को अपील करके मेरी एक कहानी जिसे आज के प्रतिष्ठित अखबार में जगह मिली है धन्यवाद प्रिंट मीडिया
09/05/2024

वोट को अपील करके मेरी एक कहानी जिसे आज के प्रतिष्ठित अखबार में जगह मिली है धन्यवाद प्रिंट मीडिया

*!!मेरे सपनों को मंजिल मिली!!* बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद और आप सब की शुभकामनाओं से मेरे  **नवसृजित ट्रस्ट पंडित पवन उपाध...
01/05/2024

*!!मेरे सपनों को मंजिल मिली!!*
बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद और आप सब की शुभकामनाओं से मेरे **नवसृजित ट्रस्ट पंडित पवन उपाध्याय स्मृति* न्यास का शुभारंभ वाराणसी दुर्गाकुंड स्थित राजकीय निराश्रित वृद्धाश्रम में हुआ।
जिसमें सभी महिलाओं को वस्त्र वितरित किया गया। यह न्यास जनकल्याण के लिए पूर्णत समर्पित है।
*कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय महापौर श्री अशोक तिवारी जी थे ।तथा कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में वाराणसी के श्री धर्म संघ शिक्षा मंडल के महामंत्री श्री जग जीतन पांडे जी थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता गांधी अध्ययन पीठ महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के पूर्व निदेशक प्रोफेसर राम प्रकाश द्विवेदी जी ने की।*
इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्रतिष्ठित जनमानस की सहभागिता रही। और मीडिया बंधु ने भी बड़ी संख्या में अपना पूरा सहयोग दिया।

Address

Varanasi
Varanasi

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Pundit Pawan Upadhyay Smriti Nyas posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to Pundit Pawan Upadhyay Smriti Nyas:

Share