03/10/2024
#उम्र_साथ_या_अकेलापन।।
यह खूबसूरत तस्वीर हमारी टीम द्वारा वाराणसी के माँ गंगा घाट किनारे ली गई है।
यह बुजुर्ग दंपति कौन और कहां से हैं यह तो हमें नहीं पता परन्तु बढ़ती उम्र के इस पड़ाव में जहां लगभग दोनों ही असमर्थ और असहाय से हो चले हैं वहां एक-दुसरे का सहारा बन साथ-साथ हाथ थामे एक-दूजे को प्रोत्साहित करते हुए गंगा दर्शन या भ्रमण के लिए चले जा रहे थे।
खैर यह तो थी अबतक यहां दिख रही इस तस्वीर की बात लेकिन क्या हम/आप इसके पीछे की भयावह सच्चाई या मार्मिक वजह पर ध्यानाकर्षण कर पा रहे हैं या नहीं ??
आज के परिवेश में ज्यादातर गांवों या शहरों में देखा सुना जाने वाला यह दृश्य काफी हद तक हमारे समाज और परिवार के शर्मनाक सच का एक चेहरा बनता जा रहा है।
इसके पीछे कई वजह, सोच, प्रमाण या प्रमुख कारण हो सकते हैं किन्तु उनपर न जाकर मुख्य विषय पर चलते हैं।
माता-पिता बच्चों को पढ़ा लिखा कर काबिलियत के उस दौड़ में शामिल करा देते या इतना काबिल बना देते हैं कि वह आगे बढ़ने की होड़ या शहरी आधुनिकीकरण में इतने व्यस्त होते जा रहे हैं कि बुज़ुर्ग मां-बाप का सहारा बनने के बजाय भविष्य की जद्दोजहद में रम या खो जा रहे हैं।
यह हमारे समाज के साथ-साथ आज हर व्यक्ति के लिए विचार अथवा चिंतन का एक बड़ा विषय है कि, आखिरकार हम सब आगे बढ़ रहे हैं या आने वाली पीढ़ी को उस दौड़ या होड़ में ढकेलते जा रहे हैं जहां आने वाले समय में हर किसी को इस पड़ाव में अकेलेपन या गुमनाम जीवन जीने पर मजबूर होकर खुद को मजबूत करना पड़ेगा ।
किसी की भावनाओं को आहत करना हमारा उद्देश्य नहीं है सिर्फ अपने सामाजिक कर्तव्य का निर्वहन करना और एक अच्छे समाज का निर्माण ही हमारा एकमात्र लक्ष्य है।
Yugastra Foundation