21/10/2026
जातस्य हि ध्रुवो मृत्युर्ध्रुवं जन्म मृतस्य च। तस्मादपरिहार्येथे न त्वं शोचितुमर्हसि।।
अर्थातः
जिसने जन्म लिया है उसकी मृत्यु निश्चित है और मृत्यु के बाद पुनर्जन्म भी निश्चित है।
हम शरीर त्यागने के बाद भी अपने नाम/काम से संसार मे ही रहते हैं🌺
आज स्वर्गीय श्रीमती रमा मिश्रा जी की पुण्यतिथि पर उनकी स्मृति में श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए प्रभु जनों के लिए प्रसाद बनवाया जा रहा है🙏
बाबा विश्वनाथ पवित्र आत्मा को शांति प्रदान करें और साथ ही साथ आपके परिवार पर अपनी कृपा बनाए रखें🌸
ओम शांति🙏