14/05/2026
जातस्य हि ध्रुवो मृत्युर्ध्रुवं जन्म मृतस्य च। तस्मादपरिहार्येथे न त्वं शोचितुमर्हसि।।
अर्थातः
जिसने जन्म लिया है उसकी मृत्यु निश्चित है और मृत्यु के बाद पुनर्जन्म भी निश्चित है।
हम शरीर त्यागने के बाद भी अपने नाम/काम से संसार मे ही रहते हैं🌺
आज स्वर्गीय संजय कुमार जी की पुण्यतिथि पर उनकी पत्नी श्रीमती ऋचा चित्रांशी जी के सहयोग से उनकी स्मृति में श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए प्रभुजनों के लिए प्रसाद बनवाया जा रहा है 🙏
बाबा विश्वनाथ पवित्र आत्मा को शांति प्रदान करें और आपके परिवार पर अपनी कृपा बनाए रखें 🌺
ओम शांति 🙏