नट समुदाय संघर्ष समिति बेलवां वाराणसी

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नट समुदाय संघर्ष समिति बेलवां वाराणसी नट समुदाय का जनसंगठन

बड़ी जीत! राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने लिया संज्ञान ✊नट समुदाय संघर्ष समिति (NSSS), बेलवा, पिंडरा, वाराणसी* द्वारा दि...
05/10/2026

बड़ी जीत! राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने लिया संज्ञान ✊

नट समुदाय संघर्ष समिति (NSSS), बेलवा, पिंडरा, वाराणसी* द्वारा दिनांक 16.09.2026 को मुसहर जाति के मजदूर की हत्या के मामले में की गई शिकायत पर *राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (भारत सरकार)* ने त्वरित कार्रवाई की है।
आयोग ने दिनांक 23/09/2026 को *फाइल नं. APCR/BP/UP/2026/344921* के तहत *जिला मजिस्ट्रेट, वाराणसी एवं पुलिस आयुक्त, वाराणसी* को नोटिस जारी किया है।

आयोग ने 15 दिन के भीतर मांगी है रिपोर्ट:

1. घटना का पूरा विवरण
2. FIR नंबर और धाराएं (SC/ST Act 1989 की सुसंगत धाराएं जोड़ी गईं या नहीं)
3. गिरफ्तारी और अभियुक्तों की स्थिति
4. आरोप-पत्र / अंतिम रिपोर्ट
5. पीड़ित परिवार को मिली राहत राशि का ब्यौरा

आयोग ने स्पष्ट कहा है कि यदि 15 दिन में जवाब नहीं मिला तो संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत सिविल न्यायालय की शक्तियों का प्रयोग कर समन जारी किया जाएगा।

यह हमारी सामूहिक लड़ाई का परिणाम है। हम तब तक लड़ते रहेंगे जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता।

लड़ेंगे, जीतेंगे!
नट समुदाय संघर्ष समिति, बेलवा पिंडरा वाराणसी



जोहार!
आप सभी को बताते हुए खुशी हो रही है कि NSSS की शिकायत पर दिल्ली से राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने DM और पुलिस कमिश्नर वाराणसी को नोटिस भेजा है।
मुसहर मजदूर हत्या कांड में अब तक SC/ST Act नहीं लगाया गया था, अब आयोग ने 15 दिन में पूरी रिपोर्ट तलब की है।
यह आपकी एकता की जीत है। कागज में बहुत ताकत होती है।
ी_जीत

नट समुदाय संघर्ष समिति बेलवां वाराणसी SC/ST UDAAN, उड़ान  Asian Bridge India Navin Narayan Suraj Rathaure Rahul Kumar Rat...
22/09/2026

नट समुदाय संघर्ष समिति बेलवां वाराणसी SC/ST UDAAN, उड़ान Asian Bridge India Navin Narayan Suraj Rathaure Rahul Kumar Rathour Aparnaa Aparnaa Nagsen Pendharkar Anoop Shramik Anand Mathew राजीव कुमार राजूराम Adv Babalu Ram Manoj Yadav Social Worker Pradeep Esteves Rijwan Ali Saifi

पहचान होगी तो हक मिलेगा!
NT-DNT समाज की गिनती होगी, तभी सही डेटा मिलेगा!

जनगणना 2027 में विमुक्त, घुमंतू, अर्ध-घुमंतू समाज की अलग पहचान होनी चाहिए।



*नट समुदाय संघर्ष समिति नट समुदाय संघर्ष समिति बेलवां वाराणसी *जिसकी लड़ाई, उसकी अगुवाई की ओर एक कदम**प्रेम नट**संयोजक /...
19/09/2026

*नट समुदाय संघर्ष समिति नट समुदाय संघर्ष समिति बेलवां वाराणसी

*जिसकी लड़ाई, उसकी अगुवाई की ओर एक कदम*

*प्रेम नट*
*संयोजक / संस्थापक - नट समुदाय संघर्ष समिति, बेलवां पिंडरा, वाराणसी / उड़ान फाउंडेशन, वाराणसी*

हमारा एक जनसंगठन है - नट समुदाय संघर्ष समिति (NSSS)। हमारी टीम में कम्युनिटी मोबिलाइज़र के रूप में हमारी एक साथी कार्य करती हैं। उनकी यह रिपोर्ट केवल एक रिपोर्ट नहीं, बल्कि DNT समुदाय में आए बदलाव की जीवंत कहानी है।

*अक्टूबर 2025 - जब डर ही पहचान थी*

जब हम पहली बार अक्टूबर 2025 में मुसहर बस्तियों में गए, तो स्थिति बेहद गंभीर थी। लोग बैठक में आने से डरते थे। शिक्षा का नामोनिशान नहीं था। अपने हक की बात करना तो दूर, सामने आकर बैठने तक में झिझक थी। सदियों से चले आ रहे सामाजिक कलंक और अधिकारियों के डर ने समुदाय को चुप करा दिया था।

हमने हार नहीं मानी। लगातार बैठक, संवाद और पैरवी का सिलसिला शुरू किया। धीरे-धीरे लोगों को शिक्षा, भूमि, आवास, राशन, पेंशन और उनके संवैधानिक अधिकारों के बारे में जागरूक किया।

*बदलाव की आहट - तहसील तक का सफर*

जागरूकता के बाद जब समुदाय तहसील और ब्लॉक पर आवेदन देने जाने लगा, तो नई चुनौती सामने आई। अधिकारियों, प्रधानों और अन्य लोगों द्वारा डराना-धमकाना शुरू हुआ। "आवेदन मत दो", "तुम्हारी मड़ई पर बुलडोजर चलेगा" जैसी धमकियाँ मिलीं।

लेकिन हम लगातार लगे रहे। और आज परिणाम सबके सामने है।

अब स्थिति यह है कि समुदाय के अंदर से डर पूरी तरह खत्म हो गया है। अब तो लेखपाल और अधिकारी खुद कहते हैं - *"अरे इन लोगों से कौन बात करेगा, ये लोग बहुत सवाल करते हैं।"*

यही हमारी सबसे बड़ी जीत है। डर से सवाल तक का यह सफर ही असली सशक्तिकरण है।

*19 अगस्त 2026 - ऐतिहासिक दिन*

इस बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण 19 अगस्त 2026 को देखने को मिला। ग्राम शिवरामपुर, करधना और जोगापुर मुसहर बस्ती से समुदाय स्वयं चलकर राजातालाब तहसील पहुँचा। वहाँ SDM के समक्ष भूमि, घरौनी प्रमाण पत्र, आवास, शौचालय, स्ट्रीट लाइट और जलापूर्ति जैसी मूलभूत समस्याओं के लिए लिखित आवेदन दिया।

और सबसे गर्व की बात - आवेदन देने के बाद वे स्वयं तहसील गेट के सामने खड़े होकर फोटो लेकर हमें शेयर कर रहे हैं। जो समुदाय कभी बाहर निकलने से डरता था, आज वह खुद अपनी आवाज बन रहा है।

*इस साहसिक कदम में शामिल रहे हमारे साथी:*

*शिवरामपुर मुसहर बस्ती से -* आशा, रामावती, सुग्गी, सीता, सरोजा, रंजू, अटवारी, विमला, गुड्डी, काजल, बादामा, उर्मिला, चंदा, कलावती, शशिकला, मनोज

*जोगापुर मुसहर बस्ती से -* गीता, शीला, मुनेशरा, माधुरी, भूलना, पार्वती, सुदामा, प्रमोद, विजय, भरत, मंजीता, नन्हकू, अजीत, राजेश

*करधना मुसहर बस्ती से -* चमेला, धान्ती, पिंका, पिंकी, संतरा, रेमा आदि महिलाएं एवं पुरुष

*आगे का संकल्प*

हमारी मोबिलाइज़र साथी कहती हैं - "हम ऐसे ही लगन और ईमानदारी से कार्य करेंगे और जैसे इन तीन बस्तियों से समुदाय स्वयं आगे बढ़कर अपनी मांग कर रहा है, वैसे ही कई और बस्तियों को भी तैयार करेंगे ताकि वे भी अपनी मांग स्वयं कर सकें।"

यही तो NSSS का मूल मंत्र है - *जिसकी लड़ाई, उसकी अगुवाई।*

हम किसी के लिए नहीं, बल्कि समुदाय के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। आज शिवरामपुर, करधना, जोगापुर ने रास्ता दिखाया है। कल और भी कई बस्तियाँ इसी रास्ते पर चलेंगी।

*जय भीम! जय संविधान! जोहार!*

नट समुदाय संघर्ष समिति - नट समुदाय संघर्ष समिति बेलवां वाराणसी जिसकी लड़ाई, उसकी अगुवाई की ओर एक कदमप्रेम नटसंयोजक / संस...
19/09/2026

नट समुदाय संघर्ष समिति - नट समुदाय संघर्ष समिति बेलवां वाराणसी

जिसकी लड़ाई, उसकी अगुवाई की ओर एक कदम

प्रेम नट
संयोजक / संस्थापक - नट समुदाय संघर्ष समिति, बेलवां पिंडरा, वाराणसी / उड़ान फाउंडेशन, वाराणसी

हमारा एक जनसंगठन है - नट समुदाय संघर्ष समिति (NSSS)। हमारी टीम में कम्युनिटी मोबिलाइज़र के रूप में हमारी एक साथी कार्य करती हैं। उनकी यह रिपोर्ट केवल एक रिपोर्ट नहीं, बल्कि DNT समुदाय में आए बदलाव की जीवंत कहानी है।

अक्टूबर 2025 - जब डर ही पहचान थी

जब हम पहली बार अक्टूबर 2025 में मुसहर बस्तियों में गए, तो स्थिति बेहद गंभीर थी। लोग बैठक में आने से डरते थे। शिक्षा का नामोनिशान नहीं था। अपने हक की बात करना तो दूर, सामने आकर बैठने तक में झिझक थी। सदियों से चले आ रहे सामाजिक कलंक और अधिकारियों के डर ने समुदाय को चुप करा दिया था।

हमने हार नहीं मानी। लगातार बैठक, संवाद और पैरवी का सिलसिला शुरू किया। धीरे-धीरे लोगों को शिक्षा, भूमि, आवास, राशन, पेंशन और उनके संवैधानिक अधिकारों के बारे में जागरूक किया।

*बदलाव की आहट - तहसील तक का सफर*

जागरूकता के बाद जब समुदाय तहसील और ब्लॉक पर आवेदन देने जाने लगा, तो नई चुनौती सामने आई। अधिकारियों, प्रधानों और अन्य लोगों द्वारा डराना-धमकाना शुरू हुआ। "आवेदन मत दो", "तुम्हारी मड़ई पर बुलडोजर चलेगा" जैसी धमकियाँ मिलीं।

लेकिन हम लगातार लगे रहे। और आज परिणाम सबके सामने है।

अब स्थिति यह है कि समुदाय के अंदर से डर पूरी तरह खत्म हो गया है। अब तो लेखपाल और अधिकारी खुद कहते हैं - *"अरे इन लोगों से कौन बात करेगा, ये लोग बहुत सवाल करते हैं।"*

यही हमारी सबसे बड़ी जीत है। डर से सवाल तक का यह सफर ही असली सशक्तिकरण है।

19 अगस्त 2026 - ऐतिहासिक दिन

इस बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण 19 अगस्त 2026 को देखने को मिला। ग्राम शिवरामपुर, करधना और जोगापुर मुसहर बस्ती से समुदाय स्वयं चलकर राजातालाब तहसील पहुँचा। वहाँ SDM के समक्ष भूमि, घरौनी प्रमाण पत्र, आवास, शौचालय, स्ट्रीट लाइट और जलापूर्ति जैसी मूलभूत समस्याओं के लिए लिखित आवेदन दिया।

और सबसे गर्व की बात - आवेदन देने के बाद वे स्वयं तहसील गेट के सामने खड़े होकर फोटो लेकर हमें शेयर कर रहे हैं। जो समुदाय कभी बाहर निकलने से डरता था, आज वह खुद अपनी आवाज बन रहा है।

इस साहसिक कदम में शामिल रहे हमारे साथी:

शिवरामपुर मुसहर बस्ती से -आशा, रामावती, सुग्गी, सीता, सरोजा, रंजू, अटवारी, विमला, गुड्डी, काजल, बादामा, उर्मिला, चंदा, कलावती, शशिकला, मनोज

*जोगापुर मुसहर बस्ती से -* गीता, शीला, मुनेशरा, माधुरी, भूलना, पार्वती, सुदामा, प्रमोद, विजय, भरत, मंजीता, नन्हकू, अजीत, राजेश

करधना मुसहर बस्ती से - चमेला, धान्ती, पिंका, पिंकी, संतरा, रेमा आदि महिलाएं एवं पुरुष

आगे का संकल्प

हमारी मोबिलाइज़र साथी कहती हैं - "हम ऐसे ही लगन और ईमानदारी से कार्य करेंगे और जैसे इन तीन बस्तियों से समुदाय स्वयं आगे बढ़कर अपनी मांग कर रहा है, वैसे ही कई और बस्तियों को भी तैयार करेंगे ताकि वे भी अपनी मांग स्वयं कर सकें।"

यही तो NSSS का मूल मंत्र है -
जिसकी लड़ाई, उसकी अगुवाई।

हम किसी के लिए नहीं, बल्कि समुदाय के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। आज शिवरामपुर, करधना, जोगापुर ने रास्ता दिखाया है। कल और भी कई बस्तियाँ इसी रास्ते पर चलेंगी।

जय भीम! जय संविधान! जोहार!

#पिंडरा

08/09/2026

#नट #मुसहर #विमुक्त #समानता @उड़ान नट समुदाय संघर्ष समिति बेलवां वाराणसी

08/09/2026
08/09/2026

#नट #मुसहर @उड़ान

सम्पूर्ण समाधान दिवस पर नट, मुसहर समुदाय के लोगों ने अपनी मूलभूत जरूरतों के लिए आवेदन दिया नट समुदाय संघर्ष समिति बेलवां...
05/09/2026

सम्पूर्ण समाधान दिवस पर नट, मुसहर समुदाय के लोगों ने अपनी मूलभूत जरूरतों के लिए आवेदन दिया नट समुदाय संघर्ष समिति बेलवां वाराणसी
दिनांक: 05 सितंबर 2026
स्थान: तहसील पिंडरा एवं तहसील राजातालाब, जनपद वाराणसी

विषय: संपूर्ण समाधान दिवस पर विमुक्त घुमंतू DNT नट-मुसहर समुदाय की महिलाओं द्वारा बुनियादी सुविधाओं हेतु आवेदन

आज दिनांक 05 सितंबर 2026 को जनपद वाराणसी की दो तहसीलों - पिंडरा एवं राजातालाब में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर विमुक्त, घुमंतू, नट, मुसहर, DNT समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपनी जनसमस्याओं के समाधान हेतु आवेदन पत्र प्रस्तुत किए। सभी आवेदन नट समुदाय संघर्ष समिति (NSSS), बेलवा, पिंडरा के संगठन की महिला सदस्यों के नेतृत्व में दिए गए।

1. तहसील पिंडरा में:
गांव: बेलवा, फत्तूपुर, दल्लूपुर, बसनी, जगदीशपुर
मांगें: नाला निर्माण, घरौनी, भूमिहीनों को भूमि आवंटन, स्ट्रीट लाइट, PM आवास, हैंडपंप
*आवेदन देने वालीं:* संजीरा मुसहर (फत्तूपुर), रेखा, किस्मत्ती (बेलवा), गुड्डी (फत्तूपुर), नगीना (बेलवा मुसहर), चंपा कबूतर, शकुंतला, गुलाब मुसहर, जरीना, गुड़िया, सबनम, प्रवीण, शहनाज़, सोनी बानो, रहिशा (हाकिम बस्ती, बसनी) सहित 20+ महिलाएं।

2. तहसील राजातालाब में:
बस्ती: जोगापुर, करधना, शिवरामपुर मुसहर बस्ती
मांगें: घरौनी, जमीन, स्ट्रीट लाइट, पेयजल, हैंडपंप
आवेदन देने वालीं:
- शिवरामपुर: नगीना, सीता, सरोजा, आशा, रंजू, सुग्गी, अटवारी, मनोज, काजल
- जोगापुर: भुलना, निर्मला, गीता, निशा
- करधना: हिरावती, चमेला, बदामा, प्रमोद, रीवा (कुल 18+)

सक्षम अधिकारियों ने दोनों तहसीलों में आवेदन लेकर "चलिये देखेंगे, जांच कर कार्रवाई करेंगे" का आश्वासन दिया।

प्रेम नट @नट समुदाय संघर्ष समिति बेलवा पिंडरा वाराणसी: ने कहा कि"हमारा DNT समुदाय आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। नाला न होने से बरसात में घरों में पानी भर जाता है, बिना घरौनी के परिवार रह रहे हैं। आज हमारी बहनों ने स्वयं तहसील आकर हिम्मत दिखाई, यह संगठन की सबसे बड़ी उपलब्धि है।"

जय भीम - जय संविधान - जय विमुक्ति ! || जय भीम - जय संविधान ||मान्यवर, जय विमुक्ति !आप सभी को सादर आमंत्रण 🙏जैसा कि आप जा...
29/08/2026

जय भीम - जय संविधान - जय विमुक्ति !

|| जय भीम - जय संविधान ||

मान्यवर, जय विमुक्ति !

आप सभी को सादर आमंत्रण 🙏

जैसा कि आप जानते हैं, अंग्रेजों के काले कानून *Criminal Tribes Act, 1871* से हमारे विमुक्त (DNT), घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू समुदाय को *31 अगस्त 1952* को आजादी मिली थी।

इसी ऐतिहासिक दिन की स्मृति में हम हर साल *31 अगस्त - विमुक्ति दिवस* मनाते हैं।

इस वर्ष भी उड़ान ट्रस्ट, नट समुदाय संघर्ष समिति एवं DNT Youth Resource Centre, बेलवां, पिंडरा, वाराणसी* के संयुक्त तत्वाधान में *विमुक्ति दिवस समारोह* का आयोजन किया जा रहा है।

इस गौरवशाली समारोह में आप सादर आमंत्रित हैं।

मुख्य अतिथि:
Dinesh Prashad Rajbhar
Adv, Supreme Court of India, New Delhi

विशिष्ट अतिथि:
- मोहम्मद मूसा आज़मी (सामाजिक कार्यकर्ता)
- कुमार विजय (वरिष्ठ पत्रकार)
- जागृति राही (सामाजिक कार्यकर्ता)
- डॉ अनूप श्रमिक (सामाजिक कार्यकर्ता)

मुख्य कार्यक्रम:
- 31 अगस्त विमुक्ति दिवस समारोह
- विमुक्त, घुमंतू समुदायों के इतिहास पर चर्चा
- बाबा लक्ष्मी शाह बंजारा जी को श्रद्धांजलि
- उड़ान पाठशाला के बच्चों की प्रस्तुति
- समुदाय के बुजुर्गों का सम्मान
- युवक विकास एवं शिक्षा पर चर्चा

दिनांक: 31 अगस्त 2026, सोमवार
समय: सुबह 10 बजे
स्थान: DNT Youth Resource Centre, उड़ान पाठशाला परिसर, बेलवा, पिंडरा, वाराणसी

आइए, अपने इतिहास को जानें, अपने अधिकारों को पहचानें और आने वाली पीढ़ी के लिए एकजुट हों।

आपकी उपस्थिति ही हमारा सम्मान है।

विनीत -
प्रेम कुमार नट
उड़ान ट्रस्ट / नट समुदाय संघर्ष समिति
संपर्क: 9920230877, 9967412943

Address

बेलवां
Varanasi
221206

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