01/07/2025
लखनऊ के बसंतकुंज इलाके में महिलाओं के मध्य ऐपवा गठन की ओर कदम बढ़ाया गया। बसंतकुंज में लखनऊ के अकबरनगर से विस्थापित लोगों को बसाया गया है। ये वही लोग हैं जिनके घरों, दुकानों को अतिक्रमण के नाम पर योगी सरकार ने बुलडोजर के दम पर जमींदोज कर दिया था। जबकि इन सब के पास वोटर, आधार कार्ड से लेकर राशन कार्ड और अन्य तमाम जरूरी कागजात मौजूद थे, बिजली पानी के बिल का भुगतान भी समय पर होता रहा। करीब सत्तर साल से सैकड़ों परिवार वहाँ रह रहे थे ।बुलडोजर चले एक साल होने को आया पर अभी तक इनकी जिंदगी पटरी पर नहीं लौटी है।
अस्पताल, स्कूल, बाजार जैसे मूलभूत जरूरतों की जगह इनके इलाके से कोसों दूर है इस हालात में बच्चे न तो स्कूल ही जा पा रहे न बीमारों को उचित इलाज ही मिल पा रहा। लोगों के मुताबिक इलाज के अभाव में हर महीने यहाँ दो मौतें तो हो ही रही हैं। छोटे छोटे से दो कमरे हैं जिनमें बमुश्किल बसर हो पा रही है। हद तो यह है कि मकानों की दीवारें इतनी कमजोर हैं कि शायद ही कोई बड़ा झटका झेल पाए। बिजली की वायरिंग भी काम चलाऊ है। कुल मिलाकर सब कुछ औसत दर्जे के भी अंतिम पायदान पर है।
इस अमानवीयता के बावजूद अब इन पीड़ितों से मकान की किस्त हर महीने चार हजार लेने की तैयारी लखनऊ विकास प्राधिकरण कर रहा है। जिनका रोजगार ही नहीं बचा वो किस्त कहाँ से चुकाये?
आज महिलाओं के साथ ऐपवा ने बैठक कर उनसे ऐपवा से जुड़ने की अपील की और उनके हक़ के लिए आंदोलन करने का आहवान किया। महिलाओं ने बैठक में खुले दिल से भागीदारी कर ऐपवा से जुड़ने और अपने क्षेत्र में ऐपवा निर्माण के लिए हर संभव कदम बढ़ाने का भरोसा दिया। बैठक सफल रही और महिलाओं का उत्साह देखते हुए उनकी माँग पर एक 13 सदस्य कार्यकारिणी का गठन किया गया।