24/08/2025
परमात्मा का सुमिरन शब्दों से ही संभव है
किन्तु परमात्मा शब्दों में नहीं समाता उसका आनंद एक अदभुत अनुभूति है, जिसे अभिव्यक्त नहीं किया जा सकता, क्योंकि शब्द कम पड़ जाते है!
वह तो मौन में ही घटेगा !!
#बुद्धम्_शरणम्_गच्छामि
#आनंद_समर्पण