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 #बिहार पंचायत चुनाव 2026 – जागरूक मतदाता, मजबूत पंचायतपंचायत चुनाव आने वाले हैं। फिर प्रत्याशी आपके दरवाजे पर आएँगे। हा...
28/06/2026

#बिहार पंचायत चुनाव 2026 – जागरूक मतदाता, मजबूत पंचायत

पंचायत चुनाव आने वाले हैं। फिर प्रत्याशी आपके दरवाजे पर आएँगे। हाथ जोड़ेंगे, वादे करेंगे और विकास की बातें करेंगे। लेकिन इस बार केवल आश्वासन नहीं, पिछले पाँच वर्षों के काम का हिसाब भी माँगिए।

अपने आप से कुछ सवाल पूछिए—

क्या हर गली तक पक्की सड़क पहुँची?

क्या नाली और जलनिकासी की व्यवस्था सुधरी?

क्या बारिश में जलजमाव की समस्या कम हुई?

क्या सफाई व्यवस्था बेहतर हुई?

क्या सरकारी योजनाओं का लाभ सभी तक पहुँचा?

क्या पंचायत में पारदर्शिता और जवाबदेही रही?

यदि इन सवालों का जवाब "हाँ" है, तो जनता स्वयं सही निर्णय करेगी।
यदि जवाब "नहीं" है, तो बदलाव पर गंभीरता से विचार करने का समय है।

लोकतंत्र में वोट किसी दबाव, लालच, जाति, रिश्तेदारी या खोखले वादों के आधार पर नहीं, बल्कि काम, ईमानदारी और जवाबदेही के आधार पर दिया जाना चाहिए।

आज गांव का हर युवा, किसान, महिला और बुजुर्ग ऐसी पंचायत चाहता है जहाँ विकास सभी के लिए हो, निर्णय पारदर्शी हों और जनप्रतिनिधि जनता के प्रति जवाबदेह हों।

इस चुनाव में सड़क, पानी, नाली, सफाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सुशासन जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दीजिए। यही एक विकसित और सशक्त गांव की नींव हैं।

याद रखिए—
आपका एक वोट केवल एक उम्मीदवार नहीं चुनता, बल्कि आने वाले पाँच वर्षों का भविष्य तय करता है।

इस बार सोचिए। सवाल पूछिए। काम का मूल्यांकन कीजिए। फिर अपने विवेक से मतदान कीजिए।

जागरूक मतदाता ही मजबूत पंचायत और समृद्ध गांव की पहचान है।

#पंचायतचुनाव

12/06/2026

💔 गोह में एक बार फिर झोला छाप डॉक्टर के हत्थे चढ़ी मासूम बच्ची की जान...

लेकिन चिंता की कोई बात नहीं!
कुछ दिन हंगामा होगा, फिर सब शांत...
फिर कोई नई जान जाएगी, फिर वही कहानी दोहराई जाएगी।

आखिर प्रशासन कार्रवाई करेगा कब?
या यूं ही लोगों की जिंदगी को तमाशा बनाकर देखते रहेगा?

बिना डिग्री, बिना सुविधा, बिना जिम्मेदारी —
फिर भी खुलेआम चल रहा मौत का कारोबार!

⚠️ “झोला छाप पर कार्रवाई नहीं, तो मौतों की जिम्मेदारी किसकी?”
Samrat Choudhary Bihar Health Department

#गोह #झोलाछाप
#बिहार #प्रशासन_जागो

20/03/2026

⚠️हिंदू बेटियों के लिए जरूरी सतर्कता संदेश ⚠️

आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया पर नई दोस्ती करना आसान है, लेकिन हर प्रोफाइल भरोसेमंद हो, यह ज़रूरी नहीं है।

👉 किसी भी अनजान व्यक्ति से बात करते समय सावधान रहें
👉 अपनी निजी जानकारी (फोटो, नंबर, पता) साझा करने से बचें
👉 सामने वाले की पहचान अच्छे से verify करें
👉 अगर कोई जल्दबाजी में भरोसा जीतने या दबाव बनाने की कोशिश करे, तो तुरंत दूरी बनाएं
👉 अपने माता-पिता और परिवार से खुलकर बात करें — उनका अनुभव आपकी सुरक्षा है

याद रखें, सही निर्णय लेने के लिए खुद सोचें और किसी के बहकावे में न आएं।

सुरक्षित रहें, जागरूक रहें 🙏

जय श्री राम

#हिंदू

07/02/2026

समाज को पढ़े लिखे प्रतिनिधि को चुनना चाहिए, लोकप्रियता छोड़िए।

आप कब ? #मृत्युभोज_बंद_करो    #मृत्युभोज  #जागरूकता
27/01/2026

आप कब ?

#मृत्युभोज_बंद_करो #मृत्युभोज #जागरूकता

17/01/2026

जागरूक बनें , संस्कारी बनें।।

22/12/2025

⛰️अरावली पर्वतमाला: प्रकृति, पानी और भविष्य की सुरक्षा का सवाल 🌿

अरावली पर्वतमाला #भारत की सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखला है। यह केवल पहाड़ नहीं, बल्कि उत्तर भारत के लिए प्राकृतिक सुरक्षा कवच है। दिल्ली-NCR, हरियाणा और राजस्थान की हवा, पानी, जलवायु और जैव-विविधता सीधे तौर पर अरावली पर निर्भर करती है।

आज अरावली को लेकर नई नीतिगत चर्चाएँ और कानूनी परिभाषाओं की बात सामने आ रही है। ऐसे समय में जनता का सही जानकारी से अवगत होना और सजग रहना अत्यंत आवश्यक है।

🌱 #अरावली हमारे लिए क्यों जरूरी है?
• यह थार #रेगिस्तान को आगे बढ़ने से रोकती है
• भूजल recharge का प्राकृतिक स्रोत है
• प्रदूषण और धूल भरी आँधियों से सुरक्षा देती है
• तापमान संतुलन बनाए रखती है
• हजारों पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं का घर है

⚠️ चिंता का विषय क्या है?
हालिया चर्चाओं में यह बात सामने आई है कि अरावली की पहचान को केवल ऊँचाई के मापदंडों से जोड़ा जा रहा है। इससे कई छोटी पहाड़ियाँ और प्राकृतिक संरचनाएँ कानूनी सुरक्षा से बाहर हो सकती हैं, जो पारिस्थितिकी के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि
👉 प्रकृति को केवल कागज़ी परिभाषाओं में बाँधना, उसके वास्तविक पर्यावरणीय योगदान को नज़रअंदाज़ करना है।

🌍 हमारी संस्था का स्पष्ट मत
हम विकास के विरोध में नहीं हैं,
लेकिन हम ऐसा विकास चाहते हैं जो:
✔️ पर्यावरण-अनुकूल हो
✔️ टिकाऊ हो
✔️ आने वाली पीढ़ियों के हित में हो

🤝 #जनता से विनम्र अपील
• इस विषय पर जागरूक बनें
• सही और प्रमाणिक जानकारी साझा करें
• पर्यावरण-संरक्षण से जुड़ी आवाज़ों का समर्थन करें
• प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर विकास की माँग करें

🌳 अरावली बचेगी, तभी भविष्य बचेगा।
यह मुद्दा राजनीति का नहीं,
हमारे जीवन, स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ियों का है।

#अरावली_बचाओ

ंगल_जमीन

⚠️ अंडे में नाइट्रोप्यूरान: बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा ⚠️(दैनिक जागरण की रिपोर्ट के आधार पर)दैनिक जागरण में प्रका...
19/12/2025

⚠️ अंडे में नाइट्रोप्यूरान: बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा ⚠️
(दैनिक जागरण की रिपोर्ट के आधार पर)

दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर के अनुसार अंडों में नाइट्रोप्यूरान जैसे प्रतिबंधित रसायन पाए जाने के बाद केंद्र सरकार को अलर्ट जारी करना पड़ा है। यह खबर केवल खाद्य सुरक्षा से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों के भविष्य और स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय है।

👉 आज बिहार सहित कई राज्यों के सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना के तहत बच्चों को अंडा दिया जा रहा है। उद्देश्य बच्चों को प्रोटीन देना है, लेकिन जब वही अंडा बीमारी का कारण बन सकता है, तो उस नीति पर पुनर्विचार अनिवार्य हो जाता है।

आज के अंडे पहले जैसे प्राकृतिक और पोषक नहीं रहे।
अधिकांश अंडे अब पोल्ट्री फार्मों में तैयार होते हैं, जहाँ मुर्गियों को:
❌ तेजी से अंडा देने के लिए केमिकल
❌ एंटीबायोटिक और हार्मोन
❌ अस्वाभाविक दवाइयाँ
दी जाती हैं।

इन दवाओं के अवशेष अंडों में पहुँच जाते हैं, जो बच्चों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। नाइट्रोप्यूरान जैसे तत्व इम्युनिटी को कमजोर, लिवर-किडनी को नुकसान और लंबे समय में गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।

❓ सवाल यह भी है कि क्या आज के अंडों में वह पोषण बचा है, जिसके नाम पर उन्हें स्कूलों में शामिल किया गया?
सच यह है कि:
👉 पुराने समय के देशी अंडों जैसी गुणवत्ता अब नहीं रही
👉 पोषण घटा है, खतरा बढ़ा है

👶 बच्चे किसी प्रयोगशाला का हिस्सा नहीं हैं।
उनके स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता स्वीकार्य नहीं है।

📢 इसलिए हमारी स्पष्ट मांग है—
✅ बिहार के सरकारी स्कूलों में अंडा वितरण पूरी तरह बंद किया जाए
✅ बच्चों के भोजन में सात्विक, शुद्ध और सुरक्षित विकल्प शामिल किए जाएँ
✅ दाल, दूध, छाछ, मूंगफली, अंकुरित अनाज और मौसमी फल को प्राथमिकता दी जाए

🇮🇳 भारत की पहचान हमेशा से सात्विकता, शुद्धता और प्राकृतिक जीवन शैली रही है। हमें अपनी उसी परंपरा को फिर से अपनाने की जरूरत है। सरकार को केवल योजनाएँ चलाने के बजाय यह सुनिश्चित करना चाहिए कि दी जाने वाली सामग्री स्वास्थ्य के लिए पूरी तरह सुरक्षित हो।

✋ बच्चों का स्वास्थ्य देश का भविष्य है।
यदि आज हमने सही निर्णय नहीं लिया, तो इसकी कीमत आने वाली पीढ़ियाँ चुकाएँगी।

अब समय आ गया है—
अंडा नहीं, सुरक्षित पोषण चाहिए।

#बच्चों_का_स्वास्थ्य
#अंडा_बंद_करो
#सात्विक_भारत



#दैनिक_जागरण
Narendra Modi Nitish Kumar Tejashwi Yadav Ministry of Food Processing Industries, Government of India Mangal Pandey Bihar Education Department PMFME - Ministry of Food Processing Industries Ministry of Education

गयाजी शहर में 2 टेंपो स्टैंड 👇गया नगर निगम द्वारा जारी सूची में स्पष्ट कर दिया गया है कि  #गयाजी शहर में चौक टेंपो स्टैं...
07/12/2025

गयाजी शहर में 2 टेंपो स्टैंड 👇

गया नगर निगम द्वारा जारी सूची में स्पष्ट कर दिया गया है कि #गयाजी शहर में चौक टेंपो स्टैंड और जिला स्कूल टेंपो स्टैंड केवल 2 स्थानों को ही अधिकृत #टेम्पो_स्टैंड के रूप में #मान्यता प्राप्त है।

इन दो स्थानों के अलावा कहीं भी #टेम्पो_चालकों से की जाने वाली #वसूली पूरी तरह #अवैध है।

सभी #टेम्पो_चालकों और #शहरवासियों से अनुरोध है कि अवैध वसूली का विरोध करें तथा #शिकायत संबंधित #विभाग को दर्ज कराएं।




#वसूली_माफिया

04/12/2025

जो चला गया, उसकी याद में किसी का जीवन संवारो।
मृत्यु भोज छोड़ें, मानवता अपनाएँ।
#नईसोचनईशुरुआत

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