10/05/2026
चामुंडा में संपन्न हुआ राष्ट्रीय स्तर का थ्रोबॉल रैफरी शिक्षण शिविर
चामुंडा, कांगड़ा । थ्रोबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के सौजन्य से हिमाचल प्रदेश के पावन धार्मिक स्थल चामुंडा में आयोजित राष्ट्रीय स्तर का रैफरी शिक्षण एवं रेफरी क्लिनिक कार्यक्रम आज सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रशिक्षकों, रैफरियों एवं खेल अधिकारियों ने भाग लेकर थ्रोबॉल खेल की नवीनतम तकनीकों और नियमों की जानकारी प्राप्त की। शिविर के दौरान प्रतिभागियों में खेल के प्रति विशेष उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य थ्रोबॉल खेल को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत बनाना, रेफरियों को आधुनिक नियमों से अवगत करवाना तथा खेल संचालन में पारदर्शिता एवं अनुशासन सुनिश्चित करना रहा। प्रशिक्षण सत्रों में रेफरियों को मैच संचालन, फाउल नियम, स्कोरिंग प्रणाली, खिलाड़ियों के व्यवहार, तकनीकी निर्णय तथा खेल के दौरान उत्पन्न होने वाली विभिन्न परिस्थितियों से निपटने के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
शिविर के दौरान टेक्निकल कमेटी के अध्यक्ष नरेंद्र यादव ने प्रतिभागियों को थ्रोबॉल खेल के नए नियमों, रेफरिंग तकनीकों तथा खेल की बारीकियों के बारे में विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी खेल की गुणवत्ता उसके प्रशिक्षकों और रेफरियों की निष्पक्षता एवं दक्षता पर निर्भर करती है। ऐसे प्रशिक्षण शिविर खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और खेलों में अनुशासन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
समापन समारोह में हिमाचल प्रदेश थ्रोबॉल संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बृजेश कुमार ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए इस प्रकार के राष्ट्रीय स्तर के शिविर अत्यंत लाभदायक सिद्ध हो रहे हैं। उन्होंने आशा जताई कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले रैफरी भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी सेवाएं देकर प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।
सम्मानित किए गए प्रतिभागियों में दीपक वर्मा, रामकृष्ण एस., सुशील कुमार, कुमार शामू, कबाक जॉन, जैमरी काकुम, हितेश माहेश्वरी, सुमित, पूरण चंद तथा यशवीर राणा प्रमुख रूप से शामिल रहे।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, प्रशिक्षकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाते रहेंगे ताकि थ्रोबॉल खेल को जमीनी स्तर से मजबूत किया जा सके और युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित किया जा सके।