23/03/2025
रामजीलाल का बयान दोनों पार्टी समाजवादी और भाजपा सिर्फ अपने अपने वोटबैंक को अपने पाले मे बनाये रखने के लिए कर रहे है जिसका धरातल पर उतारने के लिए दोनों पार्टियां पुरजोर कोशिश करेंगी।
बाबर को दिल्ली पर आक्रमण का निवेदन दौलत खान लोदी और आलम खान लोदी ने दिया था ना कि राणा संग्राम सिंह ने और सत्य इतिहास के हर एक छात्र को मालूम है।
राणा संग्राम सिंह के समय उत्तर भारत में कोई ऐसी ताकत नहीं बची थी जो उन्हें चुनौती देने की स्थिति में हों।
राणा सांगा पर मिथ्या आरोप लगाने वाला यह व्यक्ति दलित है और समाजवादी पार्टी से राजयसभा सांसद है।
अपनी स्थिति राजनीति में दयनीय देख ये चाहते हैं कि राजपूत और मुस्लिम विवाद मध्य कालीन इतिहास को विमर्श में रख के किया जाता रहे और इन्होंने इस दलित सांसद को खड़ा किया यह बोलने के लिए ताकि राजपूत दलित विवाद हो और दलित इस सांसद के रास्ते समाजवादी पार्टी से जुड़े ।
भारतीय राजनीति और सामाजिक विमर्श में आप वो देखने की कोशिश करिए जो आपको दिख नहीं रहा है, आप जैसे जैसे दलित, मुस्लिम और राजपूत गठजोड़ तैयार करने का प्रयास करेंगे कोई न कोई व्यक्ति इस तरह का विवाद शुरू कर देगा जिसका फ़ायदा अपने अपने हिसाब से तय किया जायेगा, हर एक विवाद के पीछे एक उद्देश्य होता है, उसे आप समझ गए तो आप किसी के जाल में फसेंगे नहीं।
अभी बीजेपी (राजपूत वोट बैंक के लिए )और समाजवादी पार्टी ( मुस्लिम और दलित वोट के लिए) दोनों ही इस तरह के विमर्श को बढ़ाएगी ताकि इनकी अपनी राजनीति मजबूत हो।
संघ ,बीजेपी को भी रिपोर्ट या इनपुट मिल चुका है कि राजपूत समाज इनके धर्म की राजनीति से दूरी बनाने की सोच रखने लगे हैं, इन लोगो मे प्रेक्टिकल राजनीति सीट वाइज करने की सोच जन्म ले चुकी है, ये बयान बस उसी का परिणाम है, सभी लोग बस देखते रहिए और भावना को नियंत्रण में रखिए, सोते हुए समाज को जागरूक करिए, सब कुछ सही होने लगेगा।
किसी एक आदमी के बयान से सांगा के कद पर कोई फर्क नहीं पड़ता है कुत्तो का काम सिर्फ हगना और मूतना है ये लोग वही कर रहे है, ऐसा कोई माई का लाल पैदा ही नहीं हुआ मेवाड अधिपति कुल गौरव राणा सांगा के कद को माप सके।