14/05/2026
सहाड़ा ब्लॉक के घूमन्तु, अर्द्ध घूमन्तु एवं विमुक्त समुदायों के नेतृत्वकर्ताओं का दो दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न
जब तक घूमन्तु समुदाय संगठित नहीं होगा, तब तक अधिकारों की आवाज़ मजबूत नहीं होगी — पारस बंजारा
14 मई, गंगापुर. ओलखाण ट्रस्ट द्वारा सहाड़ा ब्लॉक क्षेत्र के विभिन्न गाँवों के घूमन्तु, अर्द्ध घूमन्तु एवं विमुक्त समुदायों के जागरूक नेतृत्वकर्ताओं के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य समुदाय के लोगों को उनके इतिहास, वर्तमान सामाजिक स्थिति, अधिकारों, सरकारी योजनाओं तथा संगठन निर्माण की प्रक्रिया से अवगत कराना था।
प्रशिक्षण के दौरान ओलखाण ट्रस्ट के निदेशक एवं सामाजिक कार्यकर्त्ता पारस बंजारा ने घूमन्तु समुदायों की पृष्ठभूमि, इतिहास और वर्तमान परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि घूमन्तु एवं विमुक्त समुदाय आज भी मूलभूत सुविधाओं, पहचान और अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता और संगठन के माध्यम से ही समुदाय अपने अधिकारों को मजबूती से प्राप्त कर सकता है।
सभी प्रतिभागियों ने बताया कि समुदाय की प्रमुख समस्याओं में सबसे बड़ी समस्या आवास के पट्टों एवं शमशान घाट के लिए भूमि का अभाव हैं. साथ ही घूमन्तु समुदाय की बस्तियों में मूलभूत सुविधाओं की कमी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित पहुँच जैसी समस्याएँ शामिल हैं। उन्होंने इन मुद्दों के समाधान के लिए सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
विकास सिंह ने प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि समुदाय के लोग शिक्षा, आवास, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा तथा अन्य योजनाओं का लाभ किस प्रकार प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने योजनाओं तक पहुँच बनाने और आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया को भी सरल तरीके से समझाया।
प्रणवेन्द्र सिंह ने जन सूचना पोर्टल के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आम नागरिक किस प्रकार ऑनलाइन माध्यम से सरकारी सूचनाएँ प्राप्त कर सकते हैं तथा अपने अधिकारों से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सूचना तक पहुँच मजबूत होने से समुदाय अपने अधिकारों के प्रति अधिक जागरूक बन सकता है।
आदिवासी विकास मंच के धर्म चंद खैर ने घूमन्तु समुदायों के संगठन निर्माण पर जोर देते हुए कहा कि संगठित समाज ही अपनी समस्याओं और अधिकारों को प्रभावी तरीके से सरकार और प्रशासन के सामने रख सकता है। उन्होंने बताया कि संगठन बनने से समुदाय की सामूहिक ताकत बढ़ती है और सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक मुद्दों पर बेहतर तरीके से काम किया जा सकता है।
सामाजिक कार्यकर्ता सरत ने संगठन कैसे बनाया जाता है, उसका संचालन कैसे होता है तथा उसकी उपयोगिता क्या होती है, इस विषय पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मजबूत संगठन समुदाय के लोगों को नेतृत्व, सहभागिता और अधिकारों की लड़ाई में नई दिशा देता है।
प्रशिक्षण के अंत में सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि सहाड़ा ब्लॉक के घूमन्तु समुदाय एक साझा संगठन का निर्माण करेंगे और संगठित होकर अपने हक़ और अधिकारों की आवाज बुलंद करेंगे। आज उन्होंने ब्लॉक स्तर पर एक संचालक मण्डल का गठन किया.
प्रशिक्षण कार्यक्रम में शंकर लाल बंजारा, बिहारी लाल, प्रकाश, कमला बंजारा, गायत्री नायक, श्याम, लक्षमण गाड़िया लोहार, मदन कालबेलिया, भंवर बंजारा, ओलखाण ट्रस्ट के सुरेश कुमार, सुरेश बंजारा, मंजू नायक, दिनेश, मनु लाल सहित बड़ी संख्या में समुदाय के कार्यकर्त्ता उपस्थित रहे।