29/09/2026
हम्मीर कि चितोड़ विजय राष्ट्रीय गौरव कि पुनः प्रतिष्ठा है : प्रो बी. पी शर्मा
हाथी और प्रचुर मात्रा में सोना चांदी के साज समान दण्ड के रूप में भरने पड़े थे। मोहम्मद बिन तुगलक को हम्मीर द्वारा बन्दी बनाये जाने की उपरोक्त घटना के बाद देश भर में बड़ी संख्या में उन मतान्तरित हिन्दुओं की घर वापसी और हिन्दू साम्राज्यों व रियासतों के पुनर्डदय का दौर आरम्भ हो गया जिन्हें खिलजी ने मतान्तरित कर दिया था। बुक्क राय व हरिहर राय, जिन्हें तुगलक ने मुसलमान बनाने के बाद, अपना सेनापति नियुक्त कर दक्षिण में जब हयसाल साम्राज्य पर आक्रमण के लिये भेज दिया था। तब ही सुल्तान तुगलक के राणा हम्मीर की कैद में रहने के दौरान ही विद्यारण्य स्वामी ने उनकी शुद्धि कर उन्हें विजयनगर जैसे एक विशाल व सशक्त साम्राज्य की स्थापना की प्रेरणा दी। विद्यारण्य स्वामी की श्रृंगेरी के शंकराचार्य के पद पर नियुक्ति हो जाने पर उनके भाई सायणाचार्य ने विजयनगर साम्राज्य के संस्थापक महामात्य (महामंत्री) व प्रधान सेनापति का पद ग्रहण कर साम्राज्य का व्यापक विस्तार किया। उन्होंने तब वेदों को उद्धार कर वेदों के सायण भाष्य की भी रचना की थी। विजय नगर साम्राज्य के साथ ही चौदहवीं सदी में कई हिन्दू रियासतें पुनर्जीवित हो गई। हम्मीर के चचेरे भाई सज्जन सिंह के दक्षिण प्रवास के बाद उनकी 14वीं पीढ़ी में ही शिवाजी महाराज का जन्म हुआ था।
*मुख्य अतिथि विक्रमादित्य सिंह* *जूदेव, जशपुर* ने बताया की आज भी मेवाड़ राजवंश पुरे विश्व में पूजा जाता है |
राणा हमीर सिंह ने 1326 ईस्वी में चित्तौड़गढ़ पर पुनः विजय प्राप्त कर मेवाड़ के गौरव को पुनर्स्थापित किया और गुहिल राजवंश कि शाखा (सिसोदिया राजवंश) की नींव
रखी| आज 2026 तक 700 वर्ष पूर्ण हो चुके |इस अवसर पर प्रो जैफ स्टीवन ( मेंचेस्टर , यू. के.),प्रो प्रदीप सिंह ज्ञानगढ़ (एम. एस. विश्वविद्यालय, बड़ोदा )प्रो अमल कुमार मिश्र ( भुवनेश्वर ),ड़ॉ राजेंद्र नाथ पुरोहित, ड़ॉ जे. के. ओझा,सरपाल सिंह अरोरा, ड़ॉ अनिरुद्ध सिंह,ड़ॉ सुदर्शन सिंह (मीरा गर्ल्स कॉलेज ),ड़ॉ राम सिंह राठौड़,प्रो हरीश राव,ड़ॉ मनोज दादीच थे |
स्वागत उद्धभोधन ड़ॉ शुभरा
धन्यवाद ड़ॉ हरीश राव ने किया