14/08/2025
भारत एक राजनीतिक सीमा नहीं,बल्कि एक अमर सांस्कृतिक चेतना है।
अखंड भारत हमारा अतीत भी है, और भविष्य का संकल्प भी है - रमेश शुक्ल
हिन्दू जागरण मंच उदयपुर महानगर द्वारा दिनांक 14 अगस्त 2025 गुरुवार को सांय 7 बजे श्रमजीवी महाविधालय सभागार मे अखण्ड भारत संकल्प दिवस समारोह पर गोष्ठी एवम भारत माता पूजन का आयोजन हुआ।
महानगर सह संयोजक मनमोहन सोनी व रणजीत सिंह ने बताया कि इस अवसर पर मुख्य वक्ता भारतीय इतिहास संकलन समिति चितोड प्रांत संगठन मंत्री श्री रमेश शुक्ल, अध्यक्षता हिन्दू जागरण मंच चित्तौड़ प्रांत संयोजक रविकांत त्रिपाठी व विशिष्ट अतिथि प्रांत प्रचार आयाम सदस्य किशन सोनी थे।
प्रारंभ में अतिथियों द्वारा अखण्ड भारत माता के चित्र के समक्ष पूजन कर दीप प्रज्वलन किया गया । इस अवसर पर मुख्य वक्ता श्री रमेश शुक्ल ने अखण्ड भारत संकल्प दिवस विषय पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 1857 के बाद से अब तक भारत भूमि का 24 बार विभाजन हुआ और 1947 से अब तक देश का 9 बार विभाजन हो गया। अतः स्वतंत्रता दिवस से पूर्व हम अखण्ड भारत का संकल्प लेवे की जो पाकिस्तान से लगाकर अफगानिस्तान और म्यांमार से लगाकर श्रीलंका तक हमारे राष्ट्र के अंग थे और हैं।
भारत कोई राजनीतिक रेखा नहीं, बल्कि एक जीवंत सांस्कृतिक चेतना है —जो सिंधु से ब्रह्मपुत्र, गांधार से अरकाटु, कंधार, मिथिला, अयुत्थया, चटगांव और हिंगलाज तक बहती रही है।
अखंड भारत कोई आक्रोश नहीं, बल्कि एक स्मृति, एक संस्कृति और एक संकल्प है, जो मानवता, सहअस्तित्व और अध्यात्म की आधारशिला है।
अखंड भारत हमारा अतीत भी है, और भविष्य का संकल्प भी है।भारत की सीमाओं से परे फैली भारतीय चेतना
इंडोनेशिया का गरुड़,
बाली के भव्य मंदिर, श्रीलंका की रामायण —ये सब इस बात के जीवित प्रमाण हैं कि भारत सिर्फ एक राजनीतिक सीमा नहीं,
बल्कि एक अमर सांस्कृतिक चेतना है, जो समय और सीमाओं से परे,पूरी दुनिया में अपनी छाप छोड़ चुकी है।सीमाएँ बदल सकती हैं, पर भारत की आत्मा अमर है।प्रांत प्रचार आयाम सदस्य किशन सोनी ने सभी को अखंड भारत संकल्प दिवस पे प्रतिज्ञा दिलाई।
कार्यक्रम में जिला संयोजक अजय मेहता, प्रांत कार्यकारिणी सदस्य प्रदीप कुमावत,गरबा एवम गणपति मंडल आयोजन प्रमुख कुंदन चौहान, जिला युवा वाहिनी से सुरेंद्र सिंह पँवार सहित महानगर एवम विभिन्न नगरों के सैकड़ो कार्यकर्ता एवम् सेकड़ो महिला,बहने उपस्थित थे।महानगर सह संयोजक रणजीत सिंह ने धन्यवाद अर्पित किया।