06/04/2026
आज (6 अप्रैल, 2026) तमिलनाडु की एक अदालत ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 9 पुलिसकर्मियों को मृत्युदंड (Death Penalty) की सजा दी है। यह मामला 2020 के बहुचर्चित साथानकुलम (Sathankulam) हिरासत में मौत के मामले से जुड़ा है, जिसमें एक व्यापारी जयराज और उनके बेटे बेनिक्स की पुलिस टॉर्चर के कारण मौत हो गई थी।
इस अदालती आदेश की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
कोर्ट का आदेश और विवरण
• न्यायालय: मदुरै की प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत (First Additional District and Sessions Court)।
• न्यायाधीश: न्यायाधीश जी. मुथुकुमारन (Judge G. Muthukumaran)।
• सजा: अदालत ने सभी 9 दोषी पुलिसकर्मियों को धारा 302 (हत्या) के तहत फांसी की सजा सुनाई। इसके साथ ही, मुख्य आरोपी इंस्पेक्टर श्रीधर पर 15 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
• कुल मुआवजा: कोर्ट ने दोषियों द्वारा पीड़ित परिवार को कुल 1.40 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।
कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ
न्यायाधीश ने सजा सुनाते समय इस मामले को "रैरेस्ट ऑफ रेयर" (Rarest of Rare) श्रेणी में रखा और कहा:
1. कानून के रखवाले ही भक्षक: कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह एक गंभीर मामला है जहाँ पुलिस अधिकारियों ने, जिनका कर्तव्य कानून व्यवस्था बनाए रखना था, स्वयं कानून के विरुद्ध जाकर क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं।
2. क्रूरता का स्तर: अदालत ने पाया कि पिता-पुत्र को पूरी रात बेरहमी से टॉर्चर किया गया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर पर गंभीर चोटों के निशान और अत्यधिक रक्तस्राव की पुष्टि हुई थी।
3. जवाबदेही: कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि आम नागरिक ऐसा करते तो स्थिति अलग होती, लेकिन वर्दी में मौजूद रक्षकों द्वारा किया गया यह कृत्य समाज के लिए गहरा कलंक है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह घटना जून 2020 की है, जब लॉकडाउन के दौरान कथित तौर पर दुकान समय से ज्यादा देर तक खुली रखने के आरोप में पी. जयराज (58) और उनके बेटे जे. बेनिक्स (31) को गिरफ्तार किया गया था। साथानकुलम पुलिस स्टेशन में उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया, जिसके कुछ दिनों बाद अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई। इस मामले की जाँच CBI द्वारा की गई थी।
दोषी पाए गए पुलिसकर्मी:
सजा पाने वालों में तत्कालीन इंस्पेक्टर एस. श्रीधर, सब-इंस्पेक्टर रघु गणेश और बालकृष्णन, साथ ही अन्य हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल शामिल हैं। (एक आरोपी स्पेशल सब-इंस्पेक्टर पालदुरई की ट्रायल के दौरान ही मृत्यु हो गई थी)