09/07/2026
5 जुलाई 2026 को ग्राम इमझिरा से तेंदूखेड़ा तक सड़क के दोनों किनारों पर सभी वृक्ष मित्रों एवं प्रकृति प्रेमियों के सहयोग से नीम के बीजों का रोपण किया गया।
प्रकृति के लिए काम न करने वालों के पास बहाने बहुत होते हैं, लेकिन प्रकृति का ऋण चुकाने वालों को संरक्षण के नए-नए रास्ते मिल ही जाते हैं। नीम के बीजों का रोपण भी ऐसा ही एक सरल, सस्ता और प्रभावी प्रयास है।
आप भी अपनी क्षमता के अनुसार प्रकृति के लिए कुछ न कुछ अवश्य करें—वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) करें, पेड़ लगाएँ, बीज बोएँ, कलम तैयार करें या पौधे विकसित करें। छोटा-सा प्रयास भी आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली और जीवन का आधार बन सकता है।
आइए, प्रकृति का ऋण चुकाने का संकल्प लें।
एक छोटा कदम... जो आने वाले वर्षों में हजारों पेड़ों में बदल सकता है। ☎️Contact us - 9926581790
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