07/12/2025
नवीन यज्ञशाला - लोकार्पण
जैसा कि विदित है कि वानप्रस्थ साधक आश्रम के संस्थापक स्मृतिशेष आचार्य ज्ञानेश्वर जी आर्य ने आश्रम में प्रतिदिन प्रात 7:00 बजे से संध्या 7:00 बजे तक 12 घण्टे यज्ञ चलने का प्रकल्प आरम्भ किया था, उनके देहावसान के बाद भी पिछले 8 वर्षों से यह पूर्ववत् किया जाता रहा है और आगे भी चलाते रहने का संकल्प है। यह यज्ञ लगभग 5 घण्टे आश्रम के अग्निहोत्र प्रशिक्षण केंद्र में स्थित यज्ञशाला में होता है और 7 घण्टे आश्रम के चिकित्सालय में बने एक कक्ष में होता है।
लंबे समय से यह आवश्यकता अनुभव की गई थी कि चिकित्सालय के निकट भी एक यज्ञशाला हो, जिसमें यह यज्ञ किया जा सकें। प्रसन्नता कि बात है कि यज्ञ प्रेमी माता सुशीला जी भगत, जालन्धर के सौजन्य से इस यज्ञशाला का निर्माण होकर अब उनके हाथों से 24 नवम्बर 2025 को लोकार्पण हुआ है।
(वैदिक ज्ञान सिद्धान्त ध्यान साधना और अध्यात्म को समर्पित संस्थान)
वानप्रस्थ साधक आश्रम, आर्यवन, रोजड़, त.-तलोद, साबरकांठा, गुजरात-383307.