20/07/2026
गर्व है..
यह केवल एक सफ़र नहीं, बल्कि सपनों, संघर्ष, सीख और निरंतर आगे बढ़ते रहने की कहानी है।
इस कहानी की शुरुआत हिल्स नर्सरी से हुई, जहाँ एक नन्ही-सी बच्ची ने दुनिया को समझना और अपने सपनों को आकार देना शुरू किया। हिल्स हाई स्कूल में उसने न केवल पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, बल्कि हर प्रतियोगिता, मंच और अवसर पर अपनी आवाज़ को बुलंद करना भी सीखा। अपनी मेहनत और लगन से उसने दसवीं कक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त किए और फिर एक नए पड़ाव की ओर बढ़ी—सेंट ज़ेवियर्स हाई स्कूल। एक ज़ेवियराइट बनना उसके जीवन का एक महत्वपूर्ण अध्याय था, जिसने उसे नए अनुभवों और संभावनाओं से परिचित कराया।
कोविड के चुनौतीपूर्ण समय के बीच उसकी मंज़िल उसे गुजरात के सबसे प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक शैक्षणिक संस्थानों में से एक, महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय, वडोदरा लेकर गई। वडोदरा ने उसे केवल एक डिग्री ही नहीं दी, बल्कि जीवन को एक नए नज़रिए से देखना भी सिखाया। इंटर्नशिप्स, सामाजिक संगठनों और शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने के अनुभवों ने उसे सिखाया कि सीखना केवल किताबों तक सीमित नहीं होता, बल्कि हर अनुभव हमें गढ़ता है।
अपने जुनून को पहचानते हुए उसने पब्लिक पॉलिसी और एडमिनिस्ट्रेशन के क्षेत्र को चुना और पंडित दीनदयाल एनर्जी यूनिवर्सिटी में मास्टर्स की पढ़ाई शुरू की। यह केवल एक शैक्षणिक निर्णय नहीं था, बल्कि अपने सपनों को दिशा देने का साहसिक कदम था। वह इस कार्यक्रम की प्रथम बैच का हिस्सा रही और इन दो वर्षों ने उसके व्यक्तित्व, सोच और क्षमताओं को एक नई ऊँचाई दी।
मास्टर्स के इन दो वर्षों में उसने अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लिया, शोध-पत्र प्रस्तुत किए, दो महत्वपूर्ण शोध प्रबंध (Dissertations/Theses) पूर्ण किए और शिक्षा तथा शोध के क्षेत्र में स्वयं को निरंतर विकसित किया। उसे भारत के प्रधानमंत्री, गुजरात के मुख्यमंत्री और भारत के विदेश मंत्री से मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। साथ ही, शशि थरूर और निर्मला सीतारमण जैसी प्रतिष्ठित हस्तियों के विचारों को निकट से सुनने और उनसे प्रेरणा लेने का अवसर भी मिला। ये अनुभव केवल उपलब्धियाँ नहीं थे, बल्कि उसके दृष्टिकोण को व्यापक बनाने वाले जीवन के अमूल्य क्षण थे।
उसके पेशेवर सफ़र की शुरुआत गुजरात राज्य संस्थान फॉर ट्रांसफॉर्मेशन (GRIT) में इंटर्नशिप से हुई, जहाँ उसे गुजरात सरकार के साथ कार्य करने का अवसर मिला। यही वह पड़ाव था जिसने उसे KPMG तक पहुँचाया। इसके बाद उसने KPMG में एक अकैडमिक ट्रेनी के रूप में पाँच महीनों तक कार्य किया और गुजरात सरकार की महत्वपूर्ण परियोजनाओं, जिनमें GIFT City से जुड़ी पहलें भी शामिल थीं, में अपना योगदान दिया।
आज, जब वह KPMG में एक Associate Consultant के रूप में अपने करियर की नई शुरुआत करने जा रही है, तब यह केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, सीख, संघर्ष और विश्वास का परिणाम है। हिल्स की एक छोटी-सी छात्रा से लेकर पब्लिक पॉलिसी और कंसल्टिंग की दुनिया में अपने कदम मज़बूती से रखने तक का यह सफ़र इस बात का प्रमाण है कि सपने तभी पूरे होते हैं, जब उन्हें पूरा करने का साहस भी साथ हो।
“मंज़िलें कभी एक दिन में नहीं मिलतीं, वे वर्षों की मेहनत, अनगिनत सीखों और छोटे-छोटे क़दमों से बनती हैं। यह कहानी किसी मंज़िल पर पहुँचने की नहीं, बल्कि हर दिन स्वयं का एक बेहतर रूप बनने की है। और यह सफ़र अभी बस शुरू हुआ है।” ✨
परिचय:
खुशी पुत्री मनफूल जी सारस्वत (तावनिया )
गांव: सारोठिया
तहसील: सुजानगढ़
जिला: चुरू - राजस्थान
हाल निवास सूरत, गुजरात