19/09/2025
*युवाओं में धर्म, संस्कार एवं सेवा-भाव का विकास हो – इस उद्देश्य से भारत विकास परिषद, अडाजन शाखा द्वारा प्रश्न मंच का भव्य आयोजन*
वर्तमान समय में जब भारत के अनेक युवा पश्चिमी संस्कृति से आकृष्ट होकर भारतीय परंपरा से विमुख होते जा रहे हैं, ऐसे समय भारत विकास परिषद ने युवाओं को अपनी संस्कृति एवं संस्कारों से परिचित कराने तथा उन्हें राष्ट्र के इतिहास, भौगोलिक स्वरूप, अर्थव्यवस्था, विज्ञान, अंतरिक्ष गतिविधियाँ, समकालीन घटनाएँ एवं विश्वभर में भारत के योगदान की जानकारी प्रदान करने के पवित्र उद्देश्य से “भारत को जानो” प्रश्न मंच प्रतियोगिता का आयोजन किया। यह आयोजन शारदा विद्यालय, इच्छापोर में सम्पन्न हुआ।
इस प्रतियोगिता में कुल 11 विद्यालयों के 1300 से अधिक विद्यार्थियों ने लिखित परीक्षा में भाग लिया। शाखा स्तर पर चयनित पाँच प्राथमिक एवं सात माध्यमिक अर्थात कुल 24 विद्यार्थियों को क्विज़ प्रतियोगिता हेतु आमंत्रित किया गया।
इस प्रतियोगिता में 2 प्राथमिक एवं 2 माध्यमिक/ उच्च माध्यमिक सहित कुल 4 विद्यार्थियों को विजेता घोषित किया गया।
माध्यमिक/उच्च माध्यमिक वर्ग में प्रथम स्थान ज़ेड एम पटेल विद्यालय, लवाचा को तथा प्राथमिक वर्ग में प्रथम स्थान शारदा विद्यालय, इच्छापोर को प्राप्त हुआ। जो प्रांतीय स्तर की स्पर्धा में हिस्सा लेंगे, प्रांतीय स्तर पर विजयी दल आगे क्षेत्रीय प्रतियोगिता में भाग लेगा तथा तत्पश्चात अखिल भारतीय स्तर पर भारत विकास परिषद के “भारत को जानो” प्रश्न मंच में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेगा।
भारत विकास परिषद संस्कार संवर्धन की दृष्टि से “भारत को जानो”, “राष्ट्रीय समूहगान” तथा “गुरु वंदन – छात्र अभिनंदन” जैसे आयोजन पूरे देश के विद्यालयों में नियमित रूप से करती है। यह संस्था ही एकमात्र है जो राष्ट्रीय स्तर पर संस्कृत भाषा में प्रतियोगिताओं का आयोजन करती है। इसके अतिरिक्त विकलांग सहायता योजना, वनवासी कल्याण योजना, चिकित्सा उपकरण सेवा इत्यादि कार्यक्रमों के माध्यम से परिषद् देश की प्रमुख स्वैच्छिक एवं समाजसेवी संस्थाओं में विशिष्ट स्थान रखती है।
आज के समारोह में मुख्य अतिथि प्रांत संस्कार गतिविधि संयोजक श्री लक्ष्मणभाई पारेख ने कहा कि भारत विकास परिषद विभिन्न व्यवसायों एवं क्षेत्रों से जुड़े श्रेष्ठ व्यक्तियों का एक बिनराजनीतिक, समाजसेवी, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय संगठन है। इसकी स्थापना का मूल उद्देश्य भारतीय समाज का सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक, नैतिक एवं आध्यात्मिक—सर्वांगिण विकास करना है। उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों को माता-पिता एवं गुरुजनों का सदैव सम्मान करने की प्रेरणा दी तथा “अतिथि देवो भवः” के महत्व को भी प्रतिपादित किया।
अडाजन शाखा के अध्यक्ष श्री विनेश शाह ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय जीवन में आध्यात्मिक एवं नैतिक मूल्यों का संरक्षण करना तथा भावी पीढ़ी में संस्कारों का सिंचन कर राष्ट्रचरित्र का निर्माण करना ही परिषद का प्रधान ध्येय है।
शाखा मंत्री श्री विकास पारेख ने अवगत कराया कि स्वामी विवेकानन्द की विचारधारा से प्रेरित होकर परिषद की स्थापना सन् 1963 में हुई थी और आज देशभर में इसकी 1600 से भी अधिक शाखाएँ कार्यरत हैं।
कार्यक्रम की जानकारी शाखा संस्कार संयोजक श्री रोहितभाई ने दी तथा सम्पूर्ण आयोजन का संचालन भी उन्होंने ही सफलतापूर्वक सम्पन्न किया।
निर्णायक के रूप में श्री प्रफुलभाई एवं श्रीमती दामिनीबेन ने अपनी भूमिका निभाई और परिणाम घोषित किए।
इस अवसर पर प्रांत सहसचिव श्री राजीव सेठ, “भारत को जानो” प्रकल्प संयोजक श्री शंकरसिंह, जिला समन्वयक श्री भूपत चोपड़ा, क्षेत्रीय सहमंत्री (संपर्क) श्री जिज्ञेशभाई डुमसवाला तथा जिला शिक्षा समिति के मंत्री श्री विमलभाई चुडासमा विशेष रूप से उपस्थित रहे और प्रतियोगियों का उत्साहवर्धन किया।
इस कार्यक्रम की सफलता में शाखा समिति सदस्य श्री हितेश जरीवाला एवं महिला सह संयोजिका का विशेष योगदान रहा।
अंत में प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र तथा विद्यालयों एवं विजेताओं को ट्रॉफी प्रदान कर कार्यक्रम का गरिमामय समापन किया गया।