04/04/2026
किशोरियां व गर्भवती महिलाये एनीमिया से पीड़ित है इसी चुनौतियों को देखते हुए सोसाइटी फॉर एनिमल हेल्थ, एग्रीकल्चर साइंस एंड ह्यूमैनिटी सम्बद्ध मेरा युवा भारत अमेठी एवं सहायक ट्रस्ट मुंबई के संयुक्त तत्वावधान में स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से उच्च प्राथमिक विद्यालय सरायखेमा विकास खण्ड अमेठी में जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम का शुभारंभ राज सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी मुंशीगंज ने किया। उन्होंने कहा कि अध्ययन में सामने आया कि करीब 31 फीसदी गर्भवती महिलाएं जिले में अनीमिया की शिकार पाई गईं। इन गर्भवतियों में हिमोग्लोबिन का स्तर सात डेसी लीटर से भी कम मिला है। सरकार हर माह 1, 9, 16, 24 तारीख को सरकारी अस्पतालों में जांच शिविर लगाती है। सुनीता सिंह प्रधानाचार्या ने कहा कि सामान्य महिला के शरीर में 12 ग्राम प्रति डेसी लीटर रक्त होना चाहिए। एस पी सिंह मास्टर ट्रेनर ने कहा कि 10 से 19 वर्ष की आयु की किशोरिया व युवतिया 887, शून्य -6 माह के 12468, 20 से 49 वर्ष की 14197 युवती और महिलाये अमेठी जनपद में मिली है जिनका हीमोग्लोबिन सामान्य से कम है। 89 फीसदी किशोरियां एनीमिया से देश भर में पीड़ित हैं। तंबाकू ,गुटखा ,शराब लोहे के अवशोषण को रोकता है। अंकुरित दाने,सहजन और लोहे की कड़ाही खाना पकाने के लिए प्रयोग करे। नंदनी सिंह ने कहा कि पीड़ित किशोरियों/ गर्भवतियों में थकान, चक्कर, सांस लेने में दिक्कत, चेहरा पीला पड़ना, सिर दर्द, दिल की धड़कन तेज होने के साथ भूख न लगना, कम वजन का और समय से पहले बच्चे का जन्म, चिड़चिड़ापन,बार-बार बीमार पड़ना और मानसिक एकाग्रता की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। मास्टर ट्रेनर श्री चन्दर पाल यादव ने जैविक पोषण वाटिका बनाने की विधि, बीजामृत और जीवामृत तैयार करने की विधि और फायदे पर विस्तार से चर्चा की। इस बीमारी से बचना है तो संतुलित आहार करे और जंक फूड से बचे। संतुलित आहार में लौह, प्रोटीन, विटामिन सी, हरी सब्जियों, चुकंदर,गाजर का प्रयोग करें। दिन में 6 से 7 ग्लास पानी पीजिए।
इस अवसर पर माधुरी श्रीवास्तव,जय प्रकाश वर्मा, पूनम वर्मा, सावित्री देवी सहित 59 से अधिक बच्चियों उपस्थित रही।