19/01/2026
हम घर के आंगन में धूप में बैठे थे, ताऊजी ने अचानक बात करते करते कहा " रूक मैं तुझे कुछ देता हूँ " अपने वृद्ध हो चुके शरीर को कष्ट देकर वे घर अंदर गए और बाहर आकर मुझे यह पत्रिका दी। ना जाने मेरे दिमाग में अचानक क्या आया और मैंने यह फोटो खींच ली।
पिछले दिनों दादी की बरसी कार्यक्रम हेतु हमारे गाँव कफना में पिताजी की बुआ के बेटे हमारे पूज्य ताऊजी जिनका मुख्य परिचय है आदरणीय श्री सुरेंद्र भट्ट जी उत्तराखंड की सबसे पुरानी और राज्य आंदोलन सहित अनेक सामाजिक क्रांतियों की बुलंद आवाज़ मासिक पत्रिका " गढ़ रैबार " के आप मुख्य संपादक हैं।
आपकी लेखनी ने अनेकों बार शासन प्रशासन का ध्यान जल, जंगल, ज़मीन सहित अनेक विषयों पर आकर्षित किया। आज आयु के इस पड़ाव में भी आपके ना कदम रूके हैं ना आपके अंदर का पत्रकार।
हमारी अनेक अतीक व वर्तमान सामाजिक - राजनीतिक विषयों पर चर्चा हुई। "गढ़ रैबार" पत्रिका को आज के वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुसार कैसे बदलाव कर बेहतर बनाया जा सकता है, इस विषय पर भी खूब चर्चा हुई जिसमें पत्रिका का digital version, social media पर मजबूत उपस्थिति, अपनी खुद की App सहित content में उत्तराखंड की प्रत्येक विषय का coverage के साथ राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय वर्तमान ज्वलंत विषयों को भी स्थान दिया जाए आदि ।
मेरा आपसे निवेदन है कृप्या आप भी अपना सुझाव अवश्य comment में दें, व यदि आप इस पत्रिका से जुड़कर इस विरासत को बढ़ाने में अपना योगदान दे सकें तो और भी मंगलकारी होगा।