09/01/2025
शिक्षा जीवन का महत्वपूर्ण अंग : उदयपाल झाझड़िया
- प्रभु प्रेम ट्रस्ट का शिक्षा में महत्त्वपूर्ण योगदान
- झाझडिय़ा परिवार ने सर्दी में बचाव के लिए विद्यार्थियों में वितरित किए जूतें एवं जुराबें
श्रीगंगानगर। शिक्षा जीवन का महत्वपूर्ण अंग है और इसके बिना सरल एवं समृद्ध जीवन सम्भव नहीं है यह शब्द तपोवन ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाजसेवी उदयपाल झाझड़िया ने उनकी धर्मपत्नी एवं श्रीगंगानगर के राजकीय मेडिकल कॉलेज की प्रथम देहदानी तथा नेत्रदानी स्व. श्रीमती सुलोचना झाझडिय़ा की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर कहे। इस अवसर पर उन्होंने परिवार सहित प्रभु प्रेम ट्रस्ट द्वारा संचालित प्रभु प्रेम शिक्षा मंदिर में अध्ययनरत विद्यार्थियों को सर्दी से बचाव हेतु जूते एवं जुराबों का वितरण किया तथा बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्रभु प्रेम ट्रस्ट द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में दिए जा रहे योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज समाज को ऐसी संस्थाओं की आवश्यकता है जो समाज को शिक्षित करने के लिए इस प्रकार के प्रकल्पों का संचालन करें, ताकि समाज के हर क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगा सके। इस अवसर पर श्री झाझडिय़ा ने कहा कि प्रभु प्रेम ट्रस्ट द्वारा भी समाज को देहदान, अंगदान तथा नेत्रदान के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। साथ उन्होंने समाज के हर वर्ग से अपील करते हुए कहा कि हम सबको देहदान, अंगदान एवं नेत्रदान का संकल्प लेना चाहिए, ताकि हमारी मृत्यु के बाद भी हमारे अंगों के दान से कई लोगों के जीवन को बचाया जा सके। इस अवसर पर उदयपाल झाझड़िया, डॉ. प्रभु दयाल अरोड़ा, आकाशदीप ठाकराण, कमल अरोड़ा, संजय बत्तरा, किशन अरोड़ा, पवन अरोड़ा, मंजू अरोड़ा, ज्योति वधवा अरोड़ा, विनीता बत्तरा, सुगंधा शर्मा, वीना अरोड़ा, अंजू, मूलराम झाझडिय़ा, खिराजराम झाझडिय़ा, जगदीश झाझडिय़ा, मोहनलाल झाझडिय़ा, सुशीला राजाराम कस्वा, पूनम सहारण नेतेवाला, सरपंच सरणजीत सिंह झाझडिय़ा, प्रेम झाझडिय़ा, रामस्वरूप, दयाराम झाझडिय़ा, भूप सिंह झाझडिय़ा, महावीर झाझडिय़ा, कृष्णपाल झाझडिय़ा आदि उपस्थित थे।