14/08/2026
श्रावण अमावस्या पर धूमधाम से हुआ अमावस्या भंडारा, सुंदरकाण्ड पाठ से गूंजा प्रभु प्रेम ट्रस्ट भवन
- बेसन गट्टे की स्वादिष्ट सब्जी, दाल, खीर, सेब, केले एवं तंदूरी रोटियों का प्रसाद परोसा गया
- श्री बालाजी संगीतमयी सुंदरकाण्ड मंडल के अनिल अग्रवाल ने किया संगीतमयी सुंदरकाण्ड पाठ, भजनों पर झूमे श्रद्धालु एवं सेवादार
श्रीगंगानगर। श्रावण अमावस्या के पावन एवं पुण्यदायी अवसर पर धार्मिक आस्था, भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। जनसहयोग से संचालित प्रभु प्रेम ट्रस्ट भंडारा सेवा द्वारा सरकारी अस्पताल के निकट स्थित प्रभु प्रेम भवन में अमावस्या भंडारे का विशाल आयोजन श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ किया गया। इस अवसर पर हजारों जरूरतमंदों, श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमी भाई-बहनों ने बेसन गट्टे की स्वादिष्ट सब्जी, दाल, खीर, सेब, केले एवं तंदूरी रोटियों का प्रसाद स्वरूप भंडारे का भोजन ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। प्रभु प्रेम ट्रस्ट के संस्थापक सदावर्ती कमल अरोड़ा ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभु स्मरण एवं श्री सुंदरकाण्ड पाठ से हुआ। श्री बालाजी संगीतमयी सुंदरकाण्ड मंडल के भजन गायक अनिल अग्रवाल ने अपनी मधुर एवं भावपूर्ण वाणी में संगीतमयी सुंदरकाण्ड का पाठ किया। सुंदरकाण्ड की प्रत्येक चौपाई और श्री हनुमान जी महाराज की महिमा के गुणगान से पूरा प्रभु प्रेम भवन भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो उठा। श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक सुंदरकाण्ड का श्रवण किया तथा श्रीराम एवं पवनपुत्र हनुमान जी महाराज के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। सुंदरकाण्ड पाठ के पश्चात अनिल अग्रवाल एवं उनके सहयोगी कलाकारों द्वारा मधुर भजनों एवं भक्तिगीतों की प्रस्तुतियां दी गईं। भक्ति रस में डूबे श्रद्धालु और सेवादार स्वयं को रोक नहीं पाए और भजनों की धुन पर भाव-विभोर होकर नाचते-झूमते दिखाई दिए। पूरा वातावरण मानो प्रभु भक्ति की एक दिव्य धारा में परिवर्तित हो गया। भंडारे के दौरान ट्रस्ट के सेवादारों ने पूरे सेवाभाव, विनम्रता और समर्पण के साथ भोजन प्रसाद वितरित किया। सेवादारों द्वारा प्रत्येक श्रद्धालु को प्रेमपूर्वक भोजन करवाया गया। सदावर्ती कमल अरोड़ा ने कहा कि सनातन परंपरा में अन्नदान को अत्यंत पुण्यदायी सेवा माना गया है। प्रभु प्रेम ट्रस्ट का उद्देश्य केवल भोजन करवाना नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार और समर्पण की भावना को समाज में मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि जब सेवा में श्रद्धा और समर्पण जुड़ जाता है तो वह सेवा स्वयं प्रभु के चरणों में अर्पित पूजा बन जाती है। उन्होंने अमावस्या भंडारा सेवा में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी दानदाताओं, सहयोगियों, भजन कलाकारों, सेवादारों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह भंडारा किसी एक व्यक्ति या संस्था का नहीं, बल्कि समाज के सामूहिक सहयोग, श्रद्धा और सेवा भावना का परिणाम है। श्रावण अमावस्या के इस पावन अवसर पर सुंदरकाण्ड पाठ, भजन-कीर्तन और अन्न सेवा के माध्यम से प्रभु प्रेम भवन में आध्यात्मिक ऊर्जा एवं मानवीय सेवा का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने उपस्थित हर व्यक्ति के मन में भक्ति, प्रेम और सेवा का भाव जागृत किया। कार्यक्रम का समापन प्रभु श्रीराम, श्री हनुमान जी महाराज एवं समस्त देवी-देवताओं के चरणों में मंगलकामना एवं सभी के सुख-समृद्धि की प्रार्थना के साथ हुआ।
इनका रहा विशेष सहयोग :- डॉ. प्रभुदयाल अरोड़ा, अचल बयाना, भूपेन्द्र गाबा, हीरालाल-शकुंतला सारस्वा, आकाशदीप ठाकराण, संजय मित्तल, राजेश अग्रवाल, श्रीमती उषा दत्ता-पीयूष दत्ता, ओमप्रकाश सनेजा, संजय मित्तल, अनिल अग्रवाल, श्री बालाजी संगीतमयी सुंदरकांड मंडल, मोहन लाल, अचल भयाना, नरेन्द्र सेतिया, राजकुमार बाघला, भूपेंद्र गाबा, कांता ग्रोवर, ओम प्रकाश सोनी, सुरेंद्र लालगढिय़ा, मनोज कुमार गर्ग, रमेश खंडेलवाल, शिखा विजय शर्मा, बीकानेर, दर्शना रानी उपवेजा, इकबाल समेजा, संदीप कुमार, उमेश चानना, विजेंद्र कुमार, नाथू राम, ऋषभ जैन, गोपाल बत्र, सुशील अग्रवाल, निहालचंद अरोड़ा, कनुप्रिया छाबड़ा, बृजेश कुमार, अमित जसूजा, रणजीत कुमार, सुमन चौधरी, संजय गुप्ता, मिनाली शर्मा, ललित मित्तल, अजय कुमार, संजय शर्मा, खैरातीलाल अरोड़ा, बेबी कुमारी, प्रेम कुमार, राजकुमार, नरेंद्र अरोड़ा, सरपंच संगीता सिंगाठिया, सिकंदर सतेंद्र यादव, सन्नी उप्पल, वीना, जगदीश चंद्र तातरसर, रुपेंद्र कौर, नताशा बलाना, बिमला श्योराण, शीनम अरोड़ा, दुर्गा सारस्वत, सारिका सारस्वत, रजनी दिवाकर इंदोरिया, बीकानेर, चंद्र मोहन शर्मा, भारती सोनी, सतीश छींपा, सुरेश कुमार-अंजू गर्ग, स्नेहा मेकऑवर, देवेंद्र कुमार, गीता देवी, आत्माराम नेतेवाला, साक्षी धवन, इंदु, दीक्षा, डॉ. अर्चना, डॉ. हरीश मेहता, निशा वर्मा, हर्ष, तोषिक, सरिता शर्मा चूरू, भगवती देवी, चूरू, हरि शंकर अग्रवाल, कविता शर्मा, शेर सिंह, घनश्याम बजाज, नीरू अग्रवाल, सूरत, शुभम भूतना, रमनदीप, नरेश कुमार, पवन कुमार मित्तल, राकेश कुमार एरी, पुलकित सुबोध नारंग, सुमन तनेजा, कृष्ण कुमार, एडवोकेट संजय भाटिया, ओम मित्तल-रेनू मित्तल, देवेंद्र कुमार सिंघल, होतेंद्र आहूजा, जानकी सोलीवाल, सुदेश गनेजा / मोनिका जसूजा, संदीप भाटिया, परमेश्वर दयाल शर्मा, झुंझुनू, सुनील चावला-गीत चावला, राधा चौधरी, रघुवीर सिंह, सुनीता काठपाल, पुरुषोत्तम अग्रवाल-उषा अग्रवाल, शशि चलाना, अनिल गोयल, सुभाष बंसल आरे वाले, गोविंद खत्री, सुमित्रा देवी, रामप्यारी देवी, भूरा राम, श्रवण कुमार कटारिया, विपिन दुआ, सिमरन कथूरिया, सुरेंद्र कुमार चौहान, निधि शर्मा, ओमप्रकाश पिलानिया, महेश गुप्ता, संतोष सोनी, राजेंद्र बंसल, अशोक सिडाना, सुमन मिड्ढा, शंकर वर्मा, राजेंद्र नागपाल, पंकज केडिय़ा, सनी सोलंकी, अमी लाल भादू, रोहिणी वर्मा, लाजपतराय-अमित गाबा, हेमंत गुम्बर, सुधीर सामरिया, हरीश छाबड़ा, राजेंद्र बैरठ, आशीष बाघला, अनिल अरोड़ा, मनोज शर्मा, ललित मोहन पारीक, डॉ. ओ.पी. नागपाल, हर्षिता मोटयानी, भंवरी-शुभम शर्मा, दिल्ली, अक्षय नरेश कुमार, स्वास्तिक हब, नारायण दास डागला, पवन शर्मा, सुरेश शर्मा, दीपक कुक्कड़, निशांत गर्ग, पवन कुमार रावल, कृष्ण कुमार शर्मा, गजेंद्र सिंह राजपुरोहित, पाली, विजय / संजीव कुमार चलाना, सतीश कांबोज, रश्मि कोचर, नीतू चुघ, वीरेंद्र कुमार सिंघल, सुहासी अरोड़ा, शिशपाल पटवारी, सुमन अरोड़ा, पुनीत मदान, इंद्रजीत कौर / जसपाल सिंह, अमित खुराना कुमार, योगेश शर्मा, सोमनाथ विग, आशीष शर्मा, सूरज प्रकाश, भूपेंद्र सिंह, शितु, मनीष कुमार, रविंदर मिड्ढा, सरिता बब्बर, रत्नम डेयरी, मंजू अरोड़ा, पवन अरोड़ा, मुस्कान सोनी, ज्योति वधवा अरोड़ा, सुगन्धा शर्मा आदि का विशेष सहयोग रहा।
धर्म संस्कृति और सामाजिक सरोकारों का सांझा मंच है प्रभु प्रेम ट्रस्ट