श्री जम्भेश्वर गौशाला सोनड़ी तहसील-सेड़वा,बाड़मेर सुदूर रेगिस्तान के धोरो की बीच मे स्थित हैं यहां वर्षा काल मे अल्प वर्षा के कारण हरी घास भी अल्प मात्रा में होती हैं इसके उपरांत आस-पास के इलाकों में,सड़कों पर,गावों में घूम रही गौमाताओं को एकत्र करके सन 2012-13 में इन गौशाला की स्थापना सोनड़ी नगर सेठ देरामाराम जी खीचड़ ने अपने निजी खेत को गौशाला में दान करके की। सेठ जी ने अपनी समस्त पूंजी गौशाला के लिए
लूटा दी,और अंतिम समय तक गायो की सेवा करते हुए चल बसे। पश्चात गौभक्तो ने पास में गौचर भूमि में गायों को स्थानांतरित करके गौशाला को और विस्तृत किया,संस्था को रजिस्टर्ड करके उसमें सरकारी ट्यूबवैल और एक संस्था का ट्यूबवेल का निर्माण करवाकर गायों के लिए पानी की व्यवस्था की।गांव के और आस-पास के सभी भामाशाहों ने मिलकर गायों के लिए छायादार 10-12 टीनशेड तैयार किये और अलग अलग बाड़ें बनाकर गायों को व्यवस्थित किया गया,और पास उपलब्ध गौचर भूमि की तारबन्दी की गई। पर्यावरण प्रेमियों ने गौशाला परिसर में छायादार पेड़ लगाए और नियमित पानी देकर सींचा जा रहा हैं।आज के समय गौशाला में लगभग 320 गायें हैं जिनको सरकार द्वारा वार्षिक अनुदान के रूप में लाभ मिलता हैं।गायों के बीमार होने पर स्थानीय पशु चिकित्सा अधिकारी व अन्य चिकित्सक टीम द्वारा समय समय पर इलाज किया जा रहा हैं। गौशाला परिसर में हरे चारे रिजका की खेती से भी गायो को लाभांवित किया जा रहा हैं।नियमित दाला चुरी,साप्ताहिक लापसी,सूखा चारा,हरा चारा,गुड़,धान आदि तरह से गौसेवा हो रही हैं।
अब इस गौशाला को और विस्तृत किया जा रहा हैं जिसमे अतिरिक्त बाड़े बनाये जा रहे हैं ताकि गायो के बैठने चारा खाने,पानी पीने आदि की और सुविधा हो सके, इसलिए आप सभी गौभक्तो से गौशाला निवेदन करती हैं कि आप अपना तन-मन-धन से इसे सहयोग करे,गौशाला आप पर बिना दबाव स्वेछा से अंश मांग रहा हैं,आप अपनी नेक कमाई से सहयोग जरूर दें। आप गौशाला में अपनों तरफ से चारा,मीठा पानी,लापसी,गुड़,बाजरी,गेंहु,टीनशेड,पानी होदी,तारबन्दी,सीण, पौधे व अन्य समस्त भौतिक संसाधनों में से सहयोग जरूर दे,गायें आपको आशीर्वाद जरूर देगी।
थोड़े माहीं थोड़े रो दीजे होते नाहीं ना किजें।
संस्था की अन्य जानकारी के लिए आप एक बार गौशाला में पधारकर सेवा का मौका जरूर दें।
आप सहयोग ऑनलाइन माध्यम से भी दे सकते हैं phonepay- 7976550629
जय गौमाता,जय गौमाता,जय गौमाता।