21/04/2026
भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां में विश्वविद्यालय स्वावलम्बन केन्द्र द्वारा “आत्मनिर्भर भारत हेतु स्वदेशी एवं उद्यमिता का महत्व” विषय पर एकदिवसीय व्याख्यान का सफल आयोजन संस्कारम् सभागार में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत गीत से हुआ, जिसके उपरांत अतिथियों का औपचारिक स्वागत एवं सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि माननीय श्री सतीश कुमार (अखिल भारतीय सह-संगठक, स्वदेशी जागरण मंच) ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में स्वदेशी अपनाने तथा उद्यमिता को बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने अनेक उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट किया कि स्वदेशी और उद्यमिता के बल पर भारत को विकसित राष्ट्र बनाया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने तथा उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने अपने संबोधन में प्रेरणादायक नारों के माध्यम से वातावरण को उत्साहपूर्ण बनाया—
“जय स्वदेशी, जय-जय स्वदेशी”,
“जब बाजार जाएंगे, स्वदेशी सामान लाएंगे”।
उन्होंने विद्यार्थियों को यह संदेश भी दिया कि वे केवल नौकरी के इच्छुक (Job Seeker) न बनें, बल्कि नौकरी देने वाले (Job Provider) बनने का संकल्प लें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय की माननीया कुलगुरु प्रो. सुदेश ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ आत्मनिर्भरता एवं स्वावलम्बन की भावना का विकास आज के समय की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और उद्यमशील बनने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्रो अंशु भारद्वाज ने स्वागत विश्वविद्यालय स्वावलम्बन केन्द्र की गतिविधियों एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत संगठक कुलदीप पुनिया,स्वावलंबी भारत अभियान की प्रांत सह समन्वयक डॉ इप्शिता बंसल,डॉ पूर्णमल गौड़,भूपेंद्र ,जोगेंद्र,अनुराधा,रूमल नैन,ज्योति,लक्ष्मी,विश्वविद्यालय रजिस्ट्रार, विभिन्न संकायों के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण, शिक्षकेतर कर्मचारीगण, मुख्य सुरक्षा अधिकारी, जनसम्पर्क कार्यालय, तकनीकी टीम, मीडिया प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. धीरज दहिया द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।