20/04/2026
क्या अब वृंदावन धाम, जो भक्ति, प्रेम और श्रीकृष्ण की लीला भूमि है, एक मात्र पर्यटन स्थल बनकर रह गया है?
क्या अब लोग यहां अपने पाप धोने नहीं, बल्कि नए पाप जोड़ने आ रहे हैं?
क्या सनातन संस्कृति के वाहक धर्माचार्यों, संतों, कथावाचकों और वैष्णवों का सम्मान करना भी लोगों ने छोड़ दिया है?
यह केवल एक प्रश्न नहीं, बल्कि हम सबके अंतर्मन को झकझोर देने वाली सच्चाई है।
हाल ही में वृंदावन धाम में घटी घटना, जिसमें युवा हृदयों के सम्राट, हम सभी के आत्मीय एवं आदरणीय श्री मृदुलकांत शास्त्री जी पर जानलेवा हमला हुआ — यह न केवल निंदनीय है, बल्कि सनातन संस्कृति पर सीधा प्रहार है।
हम इस कायरतापूर्ण कृत्य की घोर निंदा करते हैं और सरकार से मांग करते हैं कि दोषियों पर तत्काल और कठोरतम कार्रवाई की जाए।
अब समय आ गया है कि हम सब मिलकर अपनी आस्था, अपने संतों और अपने धाम की गरिमा की रक्षा करें।
अगर आज नहीं जागे, तो कल बहुत देर हो जाएगी…
Neki ki Raah- नेकी की राह NGO G-SIL Educational Society - Global Social Interest League NGO Gaurav Sharma