14/06/2026
चंडीगढ़ के सेक्टर-11 में जंकी दास जी की हत्या अत्यंत कायरतापूर्ण और दुखद घटना है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि हिमाचल प्रदेश और विशेषकर रोहड़ू के इस व्यक्ति के लिए आखिर कोई आवाज़ क्यों नहीं उठा रहा? यहां तक कि रोहड़ू से भी कोई विशेष प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिल रही, जबकि उनकी धर्मपत्नी स्वयं नव-निर्वाचित प्रधान हैं।
लोगों की इस खामोशी का आखिर क्या मतलब निकाला जाए? क्या रोहड़ू के शेरदिल लोग पंजाब के गैंगस्टरों के सामने खामोश हो गए हैं, या फिर उन्हें इस हत्या से कोई फर्क ही नहीं पड़ा?
और भी आश्चर्य की बात यह है कि पंजाब विश्वविद्यालय और डीएवी कॉलेज, चंडीगढ़ में सक्रिय HIMSU तथा अन्य हिमाचली छात्र संगठनों के नेता भी मौन हैं। वे केवल तब सक्रिय दिखाई देते हैं जब कोई कार्यक्रम आयोजित करना हो या हिमाचल से किसी नेता को बुलाकर उनकी सेवा-सत्कार करनी हो।
एक निर्दोष व्यक्ति की निर्मम हत्या पर यह चुप्पी बेहद दुखद और चिंताजनक है। ऐसे मौकों पर समाज और छात्र नेतृत्व दोनों की जिम्मेदारी बनती है कि वे न्याय की मांग के लिए आगे आएं। अफसोस है कि आज अधिकांश लोग केवल दर्शक बनकर रह गए हैं।