12/07/2026
#मौसम_अपडेट: उत्तर भारत में कल से बदलेगा मौसम, नए WD से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में आंधी व बारिश संभव
उत्तर भारत में आधिकारिक रूप से 9 जुलाई को IMD ने मानसून के पूरे भारत को कवर करने की घोषणा कर दी थी। हालांकि अभी भी पश्चिमी पंजाब, पश्चिम हरियाणा, उत्तर व पश्चिमी राजस्थान का बड़ा भूभाग एक अच्छी बारिश के लिए तरस रहा है, जो जुलाई के मध्य के दिनों में एक गंभीर समस्या है। कई जगहों पर तो अभी तक बुवाई तक नहीं हो पाई है।
बहरहाल, अब मौसम में बदलाव होने वाला है क्योंकि एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है। इसका असर आज पाकिस्तान में शुरू हो चुका है और कल इसके प्रभाव से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधियां शुरू होंगी।
हालांकि यह सिस्टम इतना मजबूत नहीं है कि सभी इलाकों में बड़े पैमाने पर भारी बारिश करा सके। फिर भी बिखरे तौर पर हल्की से मध्यम बारिश तथा कहीं-कहीं तेज बौछारें और आंधी देखने को मिल सकती हैं।
कल जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दक्षिण व पूर्वी पंजाब, उत्तर व पश्चिम हरियाणा, उत्तर राजस्थान तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उत्तरी जिलों में बिखरे तौर पर हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी संभव है।
वहीं जम्मू-कश्मीर, उत्तरी हिमाचल प्रदेश और उत्तर पंजाब में बादलवाही के बीच कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी।
इसी के साथ उत्तर प्रदेश की तराई बेल्ट, जिसमें सहारनपुर से लेकर गोरखपुर तक का क्षेत्र शामिल है, वहां बिखरे तौर पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। जबकि कुशीनगर और महाराजगंज जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी संभव है।
बुंदेलखंड, दक्षिणी मध्य प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश तथा मालवा के दक्षिण-पश्चिमी जिलों में भी हल्की बारिश और बूंदाबांदी की संभावना है।
शेष राजस्थान और मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम लगभग साफ और गर्म बना रहेगा। इन इलाकों में बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि दिन के समय आंशिक बादलवाही देखने को मिलेगी और एक-दो स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन किसी बड़ी बारिश की संभावना फिलहाल नहीं है।
आगे का मौसम पूर्वानुमान:
उत्तर भारत में यह पश्चिमी विक्षोभ कल से लेकर 15 जुलाई तक अपना असर दिखाएगा। इसके प्रभाव से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर एवं पूर्वी राजस्थान तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में बिखरे तौर पर हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी।
ध्यान रहे: यह बारिश सभी जगह नहीं होगी। जहां बादलों का निर्माण होगा, वहां बादल कुछ समय के लिए ही सक्रिय रहेंगे और उसके बाद आगे बढ़कर कमजोर पड़ जाएंगे। इसलिए बारिश बिखरे तौर पर होगी और इसका फैलाव भी अधिक नहीं होगा।
इसके बाद 15 जुलाई के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक नया चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र धीरे-धीरे सक्रिय होगा। यह सिस्टम अपने साथ मध्य एवं पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियां लेकर आएगा। फिलहाल संभावना है कि यह सिस्टम मध्य भारत की बजाय उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ सकता है, हालांकि इसका ट्रैक अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
इसके बाद 18 जुलाई के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक और चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बनने की संभावना है, जो पहले वाले सिस्टम से अधिक मजबूत हो सकता है। यदि यह अनुमान सही रहता है तो 19 जुलाई से उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां फिर से बढ़ सकती हैं।
तब तक उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में मौसम बड़े पैमाने पर साफ बना रहेगा। केवल मानसून ट्रफ के प्रभाव से पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बीच-बीच में बारिश की गतिविधियां होती रहेंगी।
वहीं पश्चिमी हरियाणा, पश्चिमी राजस्थान, पश्चिमी एवं दक्षिणी उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड, मध्य प्रदेश के बड़े हिस्से तथा गुजरात में मौसम अधिकतर शुष्क और आंशिक बादलों वाला रहेगा। ट्रफ की स्थिति में बदलाव के कारण कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।
आगे की जानकारी समय-समय पर दी जाएगी।
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