29/04/2026
परिवर्तन में क्षमता विकास केवल प्रशिक्षण नहीं, बल्कि अपने कार्य को समझने, परखने और उसे नई दिशा देने की एक सामूहिक प्रक्रिया है।
24–25 अप्रैल 2026 को आयोजित वार्षिक रणनीतिक समीक्षा सह क्षमता विकास कार्यशाला में टीम ने बीते वर्ष के कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए आने वाले सत्र के लिए अपनी दिशा और प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया।
कार्यशाला के दौरान ‘परिवर्तन रूपी पेड़’ की अवधारणा के माध्यम से संस्था की जड़ों (स्थापना की सोच), तने (कार्य प्रक्रियाएँ) और डालियों, पत्तों व फलों (कार्यक्रम, परिणाम और प्रभाव) को समझते हुए पूरे वर्ष के अनुभवों को समेकित किया गया। इस प्रक्रिया ने टीम को यह देखने का अवसर दिया कि कौन-सी पहलें प्रभावी रहीं, कहाँ सुधार की आवश्यकता है, और आगे किस दिशा में काम करना है।
इकाई स्तर पर उद्देश्य, प्रदर्शन और आगे की राह पर काम किया गया, वहीं व्यक्तिगत स्तर पर प्रत्येक सदस्य ने अपनी भूमिका, आत्मचिंतन और भविष्य की जिम्मेदारियों को चिन्हित किया। विभिन्न कार्यक्रमों में अंतर-इकाई सहयोग की आवश्यकता को समझते हुए एक साझा रणनीति पर भी विचार किया गया।
शिक्षा, रंगमंडली, कृषि, महिला समाख्या और उमंग जैसे कार्यक्रमों ने अपने-अपने फोकस एरिया तय किए, जिनमें कार्यक्रमों की गुणवत्ता में सुधार, समुदाय की भागीदारी बढ़ाना, सरकारी योजनाओं से जुड़ाव, और लाभार्थियों के साथ गहन संवाद जैसे महत्वपूर्ण पहलू शामिल रहे।
साथ ही, वार्षिक एक्शन प्लान की पुनर्समीक्षा, गतिविधि कैलेंडर को अद्यतन करने, और केस स्टोरी के प्रभावी दस्तावेज़ीकरण पर भी काम किया गया। टीम ने यह भी महसूस किया कि नियमित क्षमतावर्धन, संसाधनों का बेहतर आकलन, हितधारकों के साथ सशक्त जुड़ाव और नेतृत्व स्तर पर समय-समय पर समीक्षा को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
यह कार्यशाला केवल समीक्षा का मंच नहीं रही, बल्कि टीम को एक साझा दृष्टि, स्पष्ट लक्ष्य और नए सत्र के लिए मजबूत संकल्प के साथ आगे बढ़ने का अवसर भी प्रदान किया।
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