05/05/2026
हिमाचल सेब उत्पादक संघ की दो दिन चली बैठकों का कार्यक्रम आज सफलतापूर्वक पूरा हुआ। इन बैठकों में क्षेत्र के बागवानों, किसानों और पशुपालकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और अपने अनुभव व समस्याएं खुलकर सामने रखीं।
बैठक में साफ तौर पर यह बात सामने आई कि खेती, बागवानी और पशुपालन से जुड़े लोगों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। गांवों में आज भी शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी, सड़क और परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं, जिससे लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
संघ ने यह भी महसूस किया कि इन जरूरी मुद्दों पर स्थानीय, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रहा है। ऐसे में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि आने वाले पंचायती राज चुनाव में संघ केवल उन्हीं उम्मीदवारों का समर्थन करेगा, जो किसानों और बागवानों के मुद्दों को समझते हों और उनके समाधान के लिए ईमानदारी से काम करने को तैयार हों। संघ का मानना है कि यह कदम चुनावों को मुद्दा-आधारित और गंभीर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
संघ ने स्पष्ट किया कि समर्थन उन्हीं उम्मीदवारों को दिया जाएगा, जो—
• सेब, दूध, सब्जी सहित सभी फसलों के लिए उचित दाम, MSP और MIS लागू करवाने के लिए प्रयास करें।
• भूमिहीन और छोटे किसानों के लिए जमीन की नीति बनाने की दिशा में काम करें।
• वन अधिकार कानून (FRA 2006) को लागू करवाने के लिए पहल करें।
• खाद, दवाइयों और कीटनाशकों की समय पर उपलब्धता और सब्सिडी सुनिश्चित करें।
• मनरेगा को मजबूत बनाने के लिए काम करें।
• बिजली के निजीकरण और प्रीपेड स्मार्ट मीटर के खिलाफ आवाज उठाएं।
• बारदाना, पैकिंग और कोल्ड स्टोरेज की बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाएं।
• सड़कों और परिवहन की सुविधा सुधारें ताकि किसान अपनी उपज बिना कमीशन के मंडियों तक पहुंचा सकें।
• मंडियों में किसानों के शोषण को रोकने और APMC कानून को सही तरीके से लागू करवाने के लिए काम करें।
• क्षेत्र के संतुलित विकास के लिए जनभागीदारी को प्राथमिकता दें।
• मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से किसानों को हो रहे नुकसान पर ठोस कदम उठाएं।
अंत में संघ ने कहा कि वह किसानों और बागवानों के अधिकारों के लिए आगे भी मजबूती से संघर्ष करता रहेगा।
हिमाचल सेब उत्पादक संघ ठियोग क्षेत्र
सेब उत्पादक संघ चौपाल
सेब उत्पादक संघ
रोहड़ू