Satyapur Club

Satyapur Club Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Satyapur Club, Non-Governmental Organization (NGO), Sanchore, Sanchor.

सांचौर जिला बहाली का मामला इस समय काफी चर्चा में है और कल, 11 मई, को जोधपुर हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई वाकई इस क्षेत्...
10/05/2026

सांचौर जिला बहाली का मामला इस समय काफी चर्चा में है और कल, 11 मई, को जोधपुर हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई वाकई इस क्षेत्र के भविष्य के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।
​इस पूरे मामले को अगर निष्पक्ष नजरिए से देखें, तो स्थिति कुछ इस प्रकार नजर आती है:
​बहाली के पक्ष में मजबूत तर्क
​प्रशासनिक आवश्यकता: सांचौर एक बड़ा भौगोलिक क्षेत्र है। इसे जिला बनाए रखने से स्थानीय लोगों को प्रशासनिक कार्यों के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती, जिससे शासन व्यवस्था अधिक सुलभ होती है।
​जनभावना: क्षेत्र के लोगों में नए जिले को लेकर काफी उत्साह था और इसे वापस लेने के फैसले से जन आक्रोश की स्थिति देखी गई है। अदालत अक्सर जनहित और प्रशासनिक सुगमता को ध्यान में रखती है।
​बुनियादी ढांचा: यदि पिछले कुछ समय में जिले के रूप में वहां कुछ बुनियादी ढांचा (Infrastructure) विकसित हुआ है, तो उसे व्यर्थ करना तर्कसंगत नहीं लगता।
​चुनौतियां और सरकार का पक्ष
​नीतिगत निर्णय: नए जिलों का गठन या उन्हें समाप्त करना मुख्य रूप से राज्य सरकार का "नीतिगत निर्णय" (Policy Decision) होता है। अदालतें आमतौर पर सरकार के नीतिगत फैसलों में तब तक हस्तक्षेप नहीं करतीं जब तक कि उसमें कोई बड़ी कानूनी खामी या प्रक्रिया का उल्लंघन न हो।
​आर्थिक बोझ: सरकार वित्तीय संसाधनों की कमी या प्रशासनिक खर्चों को कम करने का तर्क दे सकती है।
​क्या उम्मीद की जा सकती है?
​हाईकोर्ट में कल की सुनवाई में मुख्य रूप से यह देखा जाएगा कि लुभाया कमेटी की सिफारिशों और सरकार द्वारा जिले रद्द करने की प्रक्रिया में क्या उचित कानूनी मापदंडों का पालन किया गया है।
​संभावनाएं:
​यथास्थिति (Status Quo): कोर्ट सरकार से और विस्तृत जवाब मांग सकता है, जिससे फैसला आने में कुछ और समय लग सकता है।
​सरकार को पुनर्विचार का निर्देश: कोर्ट सरकार को निर्देश दे सकता है कि वह सांचौर की विशिष्ट भौगोलिक और सामाजिक स्थितियों को देखते हुए अपने फैसले पर दोबारा विचार करे।
​यह कहना कठिन है कि फैसला तुरंत क्या होगा, लेकिन स्थानीय संघर्ष और कानूनी बारीकियां इस मामले को बहुत दिलचस्प बनाती हैं। कल की सुनवाई से यह स्पष्ट हो जाएगा कि कोर्ट का झुकाव प्रशासनिक तर्क की तरफ है या जनता की मांग की तरफ।
​आपको क्या लगता है, स्थानीय स्तर पर लोगों का मनोबल इस समय कैसा है?

07/04/2026

शत शत नमन माली समाज के अनमोल रत्न🙏🙏

गुजरात के बनासकांठा जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-168A के थावर-ज़ेरदा (लंबाई 22.45 किमी) खंड के 4-लेन में उन्नयन के लिए 45...
19/03/2026

गुजरात के बनासकांठा जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-168A के थावर-ज़ेरदा (लंबाई 22.45 किमी) खंड के 4-लेन में उन्नयन के लिए 451.49 करोड़ रुपए की लागत के साथ स्वीकृति दी गई है।
प्रस्तावित खंड धनेरा कस्बे से होकर गुजरता है और डीसा के पास झेरदा गांव से जुड़ता है। यह खंड राष्ट्रीय राजमार्ग-168 और राज्य राजमार्ग-7 के माध्यम से राजस्थान के सिरोही, पाली की ओर जाने वाले यातायात को सुगम बनाता है। यहां स्थानीय यातायात की मात्रा अधिक रहती है।वर्तमान में, मौजूदा सड़क पर विशेष रूप से धानेरा में भारी भीड़भाड़ रहती है, इसलिए धानेरा में 5.5 मीटर सर्विस रोड के पुनर्निर्माण के साथ इसे 4-लेन में अपग्रेड करने से भीड़भाड़ कम होगी, सड़क सुरक्षा में सुधार होगा, यातायात की गति बढ़ेगी और यात्रा का समय कम होगा।

सांचौर की राजनैतिक हस्तियां एक ही फ्रेम में।सुखराम बिश्नोई जीवाराम चौधरी MLA सांचौर @दानाराम
13/12/2025

सांचौर की राजनैतिक हस्तियां एक ही फ्रेम में।
सुखराम बिश्नोई जीवाराम चौधरी MLA सांचौर @दानाराम

07/12/2025
03/12/2025

नंदगांव में पंचगव्य महाकुंभ कल से होगा शुरू

एक लाख गायों की छांव में जुटेंगे देशभर के वैज्ञानिक और शोधकर्ता

रेवदर/सिरोही। श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा द्वारा अभिनव ब्रज मंडल, श्री मनोरमा गोलोकतीर्थ नन्दगांव रेवदर में 4–5 दिसंबर 2025 को पंचगव्य के चिकित्सा उपयोग एवं महत्व पर राष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ कल से हो रहा है। विश्व की सबसे बड़ी गोशाला मानी जाने वाली पथमेड़ा में लगभग एक लाख गोवंश संरक्षित है, जिसके बीच यह सेमिनार ज्ञान, शोध और परंपरा का अद्वितीय संगम बनने जा रहा है।

सेमिनार में गोमाता एवं पंचगव्य पर वेद, आयुर्वेद और विभिन्न शास्त्रों में वर्णित ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और वैज्ञानिक पहलुओं पर गहन चर्चा होगी। पंचगव्य की औषधीय उपयोगिता, आधुनिक शोध, पारंपरिक चिकित्सा में भूमिका, वैज्ञानिक नवाचार, गो-आधारित अर्थव्यवस्था, सौंदर्य प्रसाधनों में प्रयोग तथा ‘गो-धूलिवेला’ के आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक महत्व पर विशेषज्ञ अपने शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे।

कार्यकारी अध्यक्ष रघुनाथसिंह राजपुरोहित एवं आयोजन संरक्षक डॉ. गौरी शंकर इन्दौरिया ने बताया कि देशभर के आयुर्वेद शिक्षकों, शोधार्थियों, योग-प्राकृतिक चिकित्सा संस्थानों के प्रतिनिधियों, पंचगव्य उत्पादक संस्थाओं तथा दवा कंपनियों के विशेषज्ञों की उपस्थिति से सेमिनार ज्ञानवर्धक और ऐतिहासिक साबित होगा। नागपुर स्थित पंचगव्य शोध संस्थान के निदेशक सुनील मानसिंह अपने शोध एवं पेटेंट्स की जानकारी साझा करेंगे।

आयोजन सचिव डॉ. श्याम सिंह राजपुरोहित के अनुसार प्रतिभागियों को परिसर स्थित ग्रहवाटिका, नक्षत्र वाटिका, राशि वाटिका और धन्वंतरि वाटिका में मौजूद लगभग 200 प्रजातियों की वनौषधियों का भ्रमण कराया जाएगा। साथ ही गोशाला की आयुर्वेद रसायनशाला में औषधि एवं च्यवनप्राश निर्माण की प्रत्यक्ष प्रक्रिया भी दिखाई जाएगी।परिसर पूर्णतः प्रदूषण रहित है तथा नशा, धूम्रपान और चाय आदि पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू रहेगा।

30/11/2025

सांचौर में सूखा बंदरगाह का सर्वे शुरू, गुजरात से सांचौर के भवातड़ा तक 250 किमी जहाजों के लिए कैनाल बनेगी..

13/11/2025

CM भजनलाल शर्मा से सांचौर MLA जीवाराम चौधरी ओर युवा नेता दानाराम चौधरी ने की मुलाकात...

Address

Sanchore
Sanchor
343041

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Satyapur Club posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to Satyapur Club:

Share