DistrictSaharsa AMAN JHA

DistrictSaharsa AMAN JHA ❤️SAHARSA DISTRICT | BIHAR | Mithilanchal
📍Ground updates Issues Progress EXPOSE
🤝For Saharsa, By Saharsa
🚫No Political Party Affiliation

सहरसा में आज सबसे बड़ा सवाल सिर्फ सड़क, नाला या ट्रैफिक का नहीं है…सबसे बड़ा सवाल है Silence का।जब जनता परेशान हो और बड़...
13/05/2026

सहरसा में आज सबसे बड़ा सवाल सिर्फ सड़क, नाला या ट्रैफिक का नहीं है…
सबसे बड़ा सवाल है Silence का।

जब जनता परेशान हो और बड़े मुद्दों पर चुप्पी बनी रहे,
तब सवाल पूछना जरूरी हो जाता है।

सदर थाना से लेकर public issues तक…
नेताओं की मौजूदगी से लेकर उनकी चुप्पी तक…
जनता सब देख रही है।

इसी मुद्दे पर हमारी नई वीडियो अब page पर upload हो चुकी है।
देखिए, अपनी राय दीजिए और तय कीजिए कि क्या सच में सहरसा को जवाब नहीं चाहिए?

▶️ Full Video Available On Page

13/05/2026

सहरसा में आज सबसे बड़ा सवाल सड़क, नाला या ट्रैफिक का नहीं है…
सबसे बड़ा सवाल है चुप्पी का।

जब जनता परेशान हो,
जब भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहें,
जब बड़े मुद्दों पर कोई खुलकर जवाब न दे…
तब सवाल पूछना गलत नहीं होता।

सहरसा की जनता सिर्फ promises नहीं, जवाब चाहती है।
क्योंकि शहर तभी बदलेगा जब लोग डरना छोड़कर बोलना शुरू करेंगे।


सहरसा

12/05/2026

सहरसा में सबसे बड़ा SCAM क्या है?
सपने दिखाना… और फिर जनता को उसी हाल में छोड़ देना।

हर साल promises बदलते हैं,
लेकिन समस्याएँ वही रहती हैं।
कहीं जलजमाव, कहीं गंदगी, कहीं traffic chaos, कहीं बेरोजगारी।

धीरे-धीरे लोगों को इतना adjust करवाया गया कि अब problem भी normal लगने लगी है।

सबसे बड़ा खतरा यही है।

जब जनता सवाल पूछना छोड़ देती है…
तब system और कमजोर हो जाता है।

सहरसा को speeches नहीं,
ground पर बदलाव चाहिए।
क्योंकि ये शहर potential रखता है… बस सही काम की जरूरत है।

Saharsa

हर साल promises बदलते हैं,लेकिन समस्याएँ वही रहती हैं।कहीं जलजमाव, कहीं गंदगी, कहीं traffic chaos, कहीं बेरोजगारी।धीरे-ध...
12/05/2026

हर साल promises बदलते हैं,
लेकिन समस्याएँ वही रहती हैं।
कहीं जलजमाव, कहीं गंदगी, कहीं traffic chaos, कहीं बेरोजगारी।

धीरे-धीरे लोगों को इतना adjust करवाया गया कि अब problem भी normal लगने लगी है।

सबसे बड़ा खतरा यही है।

जब जनता सवाल पूछना छोड़ देती है…
तब system और कमजोर हो जाता है।

Saharsa

11/05/2026

🚨 सहरसा का ट्रैफिक सिस्टम भगवान भरोसे?

मनोहर स्कूल के पास आज इतनी भयंकर जाम लगी हुई थी कि लोगों का निकलना मुश्किल हो गया। सबसे हैरानी की बात ये रही कि वहाँ 3-3 ट्रैफिक पुलिस मौजूद थे।
2 महिला पुलिसकर्मी और 1 पुरुष पुलिसकर्मी।
लेकिन ट्रैफिक कंट्रोल करने की जगह बस खड़े और बैठे हुए नजर आए।

मैं जब तक वीडियो रिकॉर्ड करने पहुँचा, तब तक काफी ट्रैफिक खत्म हो चुका था…
फिर भी वीडियो में साफ दिख रहा है कि हालत कितनी खराब थी।

सवाल ये है 👇
अगर ट्रैफिक पुलिस सिर्फ कुर्सी पकड़कर बैठी रहे, तो आम जनता टैक्स किस चीज़ का दे रही है?
क्या लोगों का समय, एम्बुलेंस, स्कूल जाने वाले बच्चे, मरीज… किसी की कोई वैल्यू नहीं?

सहरसा को स्मार्ट बनाना है तो पहले सिस्टम को जिम्मेदार बनाना पड़ेगा।
वरना हर दिन जनता ऐसे ही सड़क पर परेशान होती रहेगी।

📍स्थान: मनोहर स्कूल, सहरसा
🎥 Voice Raised By: district_saharsa

11/05/2026

बीमारी से बड़ा डर अब व्यवस्था बन चुकी है।
रात में emergency आए… तो मरीज से ज्यादा उसका परिवार परेशान होता है।

सवाल सिर्फ अस्पताल का नहीं, पूरे emergency system का है।

Sadar Hospital Saharsa

“रात के समय अगर किसी गरीब परिवार में emergency आ जाए…तो सहरसा में कई बार बीमारी से पहले व्यवस्था का डर लगता है।Gate बंद,...
11/05/2026

“रात के समय अगर किसी गरीब परिवार में emergency आ जाए…
तो सहरसा में कई बार बीमारी से पहले व्यवस्था का डर लगता है।

Gate बंद, oxygen की शिकायतें, दवाई की परेशानी, staff और व्यवस्था पर सवाल…
आखिर आम आदमी जाए तो जाए कहाँ?

ये वीडियो किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि एक जरूरी मुद्दे पर सवाल है।
क्योंकि स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत होना हर नागरिक का अधिकार है।”

Sadar Hospital Saharsa
Saharsa

माँ सिर्फ वो नहीं जो जन्म दे,माँ वो भी है जो पहचान दे, मिट्टी दे, संस्कार दे। 🇮🇳❤️मेरी मातृभूमि भारत को समर्पितमदर्स डे ...
10/05/2026

माँ सिर्फ वो नहीं जो जन्म दे,
माँ वो भी है जो पहचान दे, मिट्टी दे, संस्कार दे। 🇮🇳❤️

मेरी मातृभूमि भारत को समर्पित
मदर्स डे का प्रणाम।
जय हिन्द। 🇮🇳

09/05/2026

🚨 कोशी बांध पर दिनदहाड़े मोबाइल छिनतई, प्रशासन की सुस्ती ने बढ़ाया गुस्सा

सहरसा ज़िला के नवहट्टा थाना क्षेत्र अंतर्गत चंद्रयान गाँव की ओर जाने वाले कोशी बांध मार्ग पर एक गरीब बाइक चालक से अपराधियों द्वारा मोबाइल छीन लिया गया। घटना के बाद पीड़ित मदद के लिए लोगों से गुहार लगाता रहा, लेकिन डर और पुलिसिया झंझट के भय से अधिकांश लोग पीछे हट गए। लोगों को यह डर था कि कहीं मदद करने पर बाद में केस, पूछताछ या थाने का चक्कर उनके गले न पड़ जाए।

जब पीड़ित ने मुझसे मदद मांगी तो मैंने तुरंत सहायता करने की कोशिश की और प्रशासन को सूचना दी। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर आम जनता की सुरक्षा का जिम्मा किसके पास है?

नवहट्टा थाना और ERV 112 इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल को सूचना देने के बावजूद मौके पर पहुँचने में बेहद ज्यादा देर हुई। जब तक पुलिस पहुँची, तब तक अपराधी आराम से फरार हो चुके थे। अगर इमरजेंसी सेवा ही समय पर न पहुँचे तो फिर जनता आखिर भरोसा किस पर करे?

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में चोरी, छिनतई और अवैध गतिविधियाँ लगातार होती रहती हैं। घटना स्थल के आसपास खुलेआम कोशी नदी से बालू निकासी भी चल रही थी, लेकिन प्रशासन की निगरानी कहीं दिखाई नहीं दी।

कागज़ों में कानून व्यवस्था मजबूत दिखाना आसान है, लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि एक गरीब आदमी का मोबाइल दिनदहाड़े छीन लिया जाता है और प्रशासन सिर्फ “रास्ते में हैं” बोलते-बोलते देर कर देता है।
अगर पुलिस और इमरजेंसी सिस्टम का रिस्पॉन्स इतना धीमा रहेगा, तो अपराधियों का मनोबल बढ़ेगा ही।

यह सिर्फ एक मोबाइल छिनतई की घटना नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक लापरवाही और जनता के टूटते भरोसे की तस्वीर है।

#सहरसा #नवहट्टा #कोशीबांध #चंद्रयानगांव #कोशीनदी

08/05/2026

सहरसा की मिड-डे मील घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
क्या बच्चों को खाना देने से पहले उसकी जांच नहीं होनी चाहिए?
सरकार को हर स्कूल में एक जिम्मेदार व्यक्ति नियुक्त करना चाहिए, जो बच्चों को भोजन परोसने से पहले खुद उसकी गुणवत्ता और सुरक्षा की जांच करे।
क्योंकि गलती का खामियाज़ा बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर नहीं भुगत सकते।
मिड-डे मील योजना बच्चों के पोषण के लिए बनी थी, डर और लापरवाही के लिए नहीं।
अब सिस्टम बदलना जरूरी है।
— DISTRICT_SAHARSA

Address

Saharsa
852201

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when DistrictSaharsa AMAN JHA posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share