Rauniyar Foundation Bharat

Rauniyar Foundation Bharat "At Rauniyar Foundation Bharat, our vision is to build an inclusive Bharat by pioneering a holistic model to the Society.”

20/12/2025

Sashastra Seema Bal - SSB के स्थापना दिवस पर सभी SSB कर्मियों एवं उनके परिवारजनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।

सीमाओं की रक्षा से लेकर संकट की घड़ी में नागरिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने तक, सशस्त्र सीमा बल ने सदैव राष्ट्र को गौरवान्वित किया है।

कर्तव्य पथ पर सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को कोटि-कोटि नमन एवं श्रद्धांजलि।

जय हिंद! 🇮🇳

#सशस्त्रसीमाबल

🗣️“2047 तक भारत को विकसित बनाने के लिए हमें विकसित राज्य, विकसित जिले, विकसित ब्लॉक और विकसित गाँव-शहर बनाने होंगे।”

🗣️ आओ, मिलकर बनाएं - विकसित भारत!

🇮🇳

🗣️ सबका संकल्प, सबका विजय!

13/12/2025

On our national occasions, we typically sing only the first two stanzas of Vande Mataram, India’s National Song.

Today, let us revisit the complete poem as originally composed by Bankim Chandra Chatterjee Chattopadhyay in 1875 and later included in his novel Anandamath (1882).

The full Vande Mataram is a profound ode to Bharat Mata personified as the synthesis of Maa Durga (strength), Maa Lakshmi (prosperity), and Maa Saraswati (knowledge), set against the backdrop of a lush, divine motherland.

Full original Sanskrit-Bengali lyrics:

वन्दे मातरम्
सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्
शस्यश्यामलां मातरम् ।
शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीम्
फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीम्
सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीम्
सुखदां वरदां मातरम् ॥

This masterpiece is not merely a song; it is a sacred hymn that once electrified an entire generation in the freedom struggle and continues to evoke deep reverence.

On this day, let us remember and honour the complete Vande Mataram in its undiluted, unshortened form.

Jai Hind 🇮🇳
Vande Mataram 🙏

🗣️ “To make India a developed nation by 2047, we must create developed states, developed districts, developed blocks, and developed villages and cities.”
🗣️ Come, let us together build a Developed India! 🇮🇳

🗣️Everyone’s Resolution, Everyone’s Victory!

13/12/2025

सीतामढ़ी जिले के बैरगनिया में आज आयोजित बॉर्डर यूनिटी रन 2025 की भव्य सफलता के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं!

सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के 62वें स्थापना दिवस के इस पावन अवसर पर, 20वीं वाहिनी द्वारा आयोजित यह रन कार्यक्रम अत्यंत सफल एवं ऊर्जावान रहा।

इस दौड़ ने न केवल शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा दिया, बल्कि सीमा क्षेत्र के लोगों में राष्ट्रीय एकता, भाईचारा और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के विजन को और मजबूत किया।

सभी धावकों, आयोजकों, एसएसबी जवानों तथा उपस्थित सभी लोगो को हार्दिक बधाई। आप सभी की भागीदारी से यह कार्यक्रम यादगार बन गया और भारत को विश्व गुरु बनाने की दिशा में एक नया संकल्प जागा।

🏃‍♂️ सफलता की दौड़ पूरी हुई!
🇮🇳 जय हिंद! जय भारत! 🇮🇳

🗣️“2047 तक भारत को विकसित बनाने के लिए हमें विकसित राज्य, विकसित जिले, विकसित ब्लॉक और विकसित गाँव-शहर बनाने होंगे।” 🗣️ आओ, मिलकर बनाएं - विकसित भारत! 🇮🇳 #मधुबन #चिरैया #ढाका #शिवहर #रिगा #बेलसंड 🗣️ सबका संकल्प, सबका विजय!

04/12/2025
04/12/2025

Smt Nirmala Sitharaman's reply to the discussion on The Central Excise (Amendment) Bill, 2025 in Lok Sabha.

04/12/2025

🇮🇳 को सलाम!

भारतीय नौसेना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! ⚓

आज हम उन वीर जवानों को नमन करते हैं जो दिन-रात समुद्र की सीमाओं पर खड़े होकर हमारी रक्षा करते हैं। आपकी बहादुरी, त्याग और समर्पण हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है।

हमारे समुद्री योद्धाओं को कोटि-कोटि प्रणाम! 🙏

जय हिंद! जय भारतीय नौसेना! 💙

#भारतीयनौसेना 🚢 🗣️“2047 तक भारत को विकसित बनाने के लिए हमें विकसित राज्य, विकसित जिले, विकसित ब्लॉक और विकसित गाँव-शहर बनाने होंगे।” 🗣️ आओ, मिलकर बनाएं - विकसित भारत! 🇮🇳 #मधुबन #चिरैया #ढाका #शिवहर #रिगा #बेलसंड 🗣️ सबका संकल्प, सबका विजय!

04/12/2025

आत्मनिर्भर भारत का नया अध्याय: AI कृत्रिम बुद्धिमत्ता की क्रांति ✍️ Vijay Gupta

भारत आज विश्व की सबसे तेज़ गति से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था बन चुका है। ‘आत्मनिर्भर भारत’ का नारा अब केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रहा; यह हमारे युवाओं, स्टार्टअप्स और तकनीकी नवप्रवर्तकों की दिन-प्रतिदिन की सफलता गाथा बन गया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) इस क्रांति का सबसे मजबूत इंजन साबित हो रही है।

वर्ष 2026 तक भारत का AI बाजार 17 अरब डॉलर तक पहुँचने की संभावना है। NASSCOM की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, देश में 5,000 से अधिक AI-आधारित स्टार्टअप कार्यरत हैं जो स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और वित्तीय सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव ला रहे हैं। बेंगलुरु, हैदराबाद और दिल्ली-एनसीआर अब वैश्विक AI हब के रूप में उभर रहे हैं।

कृषि क्षेत्र में AI-संचालित ड्रोन और सैटेलाइट इमेजरी से किसानों को फसल की सटीक निगरानी, कीट-पतंगों की पहचान और सिंचाई की सही मात्रा का ज्ञान मिल रहा है। नीति आयोग के ‘AI for All’ विज़न के तहत ग्रामीण भारत में भी AI टूल्स को स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में AI अब कैंसर की प्रारंभिक पहचान और डायबिटीज़ प्रबंधन में डॉक्टरों का सहायक बन चुका है।

निवेश के मोर्चे पर भी चित्र उज्ज्वल है। 2024-25 में भारतीय AI स्टार्टअप्स ने 4.5 अरब डॉलर से अधिक का फंडिंग प्राप्त किया। वैश्विक दिग्गज जैसे गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और मेटा भारत को अपना सबसे बड़ा AI रिसर्च एवं डेवलपमेंट सेंटर बना रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन सबके पीछे हमारे अपने इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट और युवा उद्यमी हैं।

आत्मनिर्भरता का असली अर्थ यही है – विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम करना और स्वदेशी नवाचार को बढ़ावा देना। जब एक छोटे शहर का लड़का अपने AI ऐप से लाखों किसानों की आय दोगुनी कर रहा हो, जब एक महिला उद्यमी चैटबॉट के ज़रिए ग्रामीण महिलाओं को वित्तीय साक्षरता सिखा रही हो – तब हम कह सकते हैं कि आत्मनिर्भर भारत सिर्फ़ सपना नहीं, हक़ीक़त बन चुका है।

आने वाले वर्षों में भारत न केवल AI का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार बनेगा, बल्कि इसका सबसे बड़ा निर्यातक भी बनेगा। यह वह भारत है जिसकी कल्पना प्रधानमंत्री ने की थी – वह भारत जो विश्व गुरु की अपनी पुरानी पहचान को डिजिटल युग में पुनः स्थापित कर रहा है।

हालांकि बिहार AI के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किल गैप और ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट पहुंच जैसी चुनौतियाँ बाकी हैं। लेकिन सात निश्चय-2 के तहत 50 लाख युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य और स्टार्टअप पॉलिसी AI को बूस्ट देगी। आने वाले वर्षों में बिहार न केवल AI का उपभोक्ता बनेगा, बल्कि इसका निर्यातक भी।

नालंदा की प्राचीन ज्ञान-भूमि आज AI की नई रोशनी से जगमगा रही है। बिहार सरकार का यह विजन साबित करता है कि आत्मनिर्भर भारत का सपना अब बिहार के गाँवों तक पहुँच चुका है।

जय बिहार! जय हिंद!

🗣️“2047 तक भारत को विकसित बनाने के लिए हमें विकसित राज्य, विकसित जिले, विकसित ब्लॉक और विकसित गाँव-शहर बनाने होंगे।” 🗣️ आओ, मिलकर बनाएं - विकसित भारत! 🇮🇳 #मधुबन #चिरैया #ढाका #शिवहर #रिगा #बेलसंड Dilip Jaiswal 🗣️ सबका संकल्प, सबका विजय!

04/12/2025

Virat Kohli का वनडे क्रिकेट में दबदबा देखकर बार-बार ख्याल आता है कि टेस्ट क्रिकेट में उनकी कहानी अधूरी क्यों रह गई।

सब कुछ था उनके पास – तकनीक, धैर्य, भूख और वो क्लास जो लंबी रेस में महान बनाती है।
2019 के अंत तक वे उसी राह पर थे। 84 टेस्ट, लगभग 7,300 रन, औसत 55 के करीब। सचिन के सर्वाधिक टेस्ट रनों के रिकॉर्ड को चुनौती देने की बातें सार्थक लग रही थीं।

फिर 2020 के बाद कुछ बदला।
अगले 39 टेस्ट में सिर्फ़ करीब 1,900 रन, औसत 30 के आसपास। करियर औसत जो कभी 55 के पार जा रहा था, अंत में 46.85 पर थम गया।

प्रतिभा, मेहनत और शुरुआती आँकड़े जो कुछ और ही कहानी लिखने को तैयार थे, वो कहानी कभी पूरी नहीं हुई।
बस एक सवाल रह गया – “काश…”

विराट टेस्ट क्रिकेट के उस महान खिलाड़ी बन सकते थे जिसकी हम कल्पना करते थे।
शायद यही क्रिकेट की ख़ूबसूरती भी है – यहाँ “क्या होता अगर” भी उतना ही महत्व रखता है जितना “क्या हुआ”।

BCCI Domestic ICC - International Cricket Council 🗣️“2047 तक भारत को विकसित बनाने के लिए हमें विकसित राज्य, विकसित जिले, विकसित ब्लॉक और विकसित गाँव-शहर बनाने होंगे।” 🗣️ आओ, मिलकर बनाएं - विकसित भारत! 🇮🇳 #मधुबन #चिरैया #ढाका #शिवहर #रिगा #बेलसंड 🗣️ सबका संकल्प, सबका विजय!

04/12/2025

🌿 अंतरराष्ट्रीय चीता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं 🌿

आज का दिन विशेष इसलिए है क्योंकि विश्व के सबसे तेज धावक चीता अब केवल #मध्यप्रदेश ही नहीं, अपितु सम्पूर्ण भारत की नई पहचान बन चुका है।

माननीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के दूरदर्शी नेतृत्व में 17 सितंबर 2022 को मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में #नामीबिया से लाए गए चीतों को पुनः स्थापित कर एक ऐतिहासिक अध्याय लिखा गया। सत्तर वर्षों बाद जब चीता फिर से भारतीय धरती पर दौड़ा, वह क्षण हम सभी के लिए अविस्मरणीय एवं गौरवपूर्ण रहा।

हाल ही में भारत की धरती पर जन्मी मादा चीता ‘मुखी’ ने पाँच स्वस्थ शावकों को जन्म देकर हमें अपार हर्ष प्रदान किया है। यह घटना इस बात का जीवंत प्रमाण है कि चीतों का कुनबा कूनो में निरंतर फल-फूल रहा है और ‘प्रोजेक्ट चीता’ सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

यह उपलब्धि 145 करोड़ भारतीयों की साझा विरासत है।

आइए, अंतरराष्ट्रीय चीता दिवस के पावन अवसर पर हम सब संकल्प लें कि हम अपने वन्यजीवों, विशेषकर चीते जैसे लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण एवं संवर्धन में अपना पूर्ण योगदान देंगे।

चीता फिर दौड़ रहा है ... भारत की धरती पर... जय हिंद!

🗣️“2047 तक भारत को विकसित बनाने के लिए हमें विकसित राज्य, विकसित जिले, विकसित ब्लॉक और विकसित गाँव-शहर बनाने होंगे।” 🗣️ आओ, मिलकर बनाएं - विकसित भारत! 🇮🇳 #मधुबन #चिरैया #ढाका #शिवहर #रिगा #बेलसंड 🗣️ सबका संकल्प, सबका विजय!

04/12/2025

☘️ इस साल भारत में 113 करोड़ पेड़ सफलतापूर्वक लगाए गए
🎋 ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान ने रचा इतिहास

भारत ने इस वर्ष वृक्षारोपण के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पूरे देश में 113 करोड़ पेड़ सफलतापूर्वक लगा दिए गए हैं। यह स्वतंत्र भारत की अब तक की सबसे बड़ी जन-आंदोलन आधारित वनरोपण मुहिम है।

प्रधानमंत्री Narendra Modi जी द्वारा शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ हर नागरिक में माँ के प्रति श्रद्धा और प्रकृति के प्रति प्रेम जगाना था। अभियान की शुरुआत 5 जून 2024 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हुई थी। मात्र छह महीनों के अंदर ही देश के कोने-कोने से लाखों-करोड़ों लोगों ने इसमें भाग लिया।

स्कूल-कॉलेज के बच्चे, युवा, महिलाएँ, बुजुर्ग, सेना के जवान, एनजीओ, कॉर्पोरेट कंपनियाँ, धार्मिक संस्थाएँ—सबने एक स्वर में इस अभियान को जन-जन तक पहुँचाया। गाँव की चौपालों से लेकर शहरों के पार्कों तक, राजमार्गों के किनारे से लेकर रेलवे ट्रैक के पास तक—हर जगह पेड़ लगाने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते रहे।

🎋 सरकारी आंकड़ों के अनुसार:

- सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लक्ष्य से अधिक पौधारोपण हुआ
- 113 करोड़ में से अधिकांश पेड़ों की जीवित रहने की दर (सर्वाइवल रेट) 80 प्रतिशत से ऊपर दर्ज की गई
- देशी प्रजातियों जैसे #नीम, #पीपल, #बरगद, #आम, #शीशम आदि को प्राथमिकता दी गई

पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में पेड़ लगने से भारत का कार्बन सिंक बढ़ेगा, भूजल स्तर में सुधार होगा और आने वाले वर्षों में तापमान नियंत्रण में मदद मिलेगी।

अभियान के संयोजक और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा, “यह केवल पेड़ लगाने का अभियान नहीं, बल्कि माँ के नाम एक संकल्प है। 113 करोड़ पेड़ यानी 113 करोड़ माँओं को श्रद्धांजलि। जनता ने इसे सच्चे मन से अपनाया, इसलिए यह दुनिया का सबसे बड़ा लोक-चालित वृक्षारोपण अभियान बन गया।”

🎋 आगे की योजना:

- लगाए गए सभी पेड़ों की जियो-टैगिंग और नियमित मॉनिटरिंग
- अगले वर्ष 150 करोड़ पेड़ लगाने का लक्ष्य
- प्रत्येक पेड़ की देखभाल के लिए स्थानीय समितियाँ गठित

भारत ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि जब जनता और सरकार एक साथ कदम मिलाते हैं, तो असंभव भी संभव हो जाता है।
‘एक पेड़ माँ के नाम’ अब केवल अभियान नहीं, एक राष्ट्रीय भावना बन चुका है।

(यह अभियान हमें याद दिलाता है—माँ ने हमें जीवन दिया, अब हम माँ के नाम पृथ्वी माता को नया जीवन दे रहे हैं।)

🗣️“2047 तक भारत को विकसित बनाने के लिए हमें विकसित राज्य, विकसित जिले, विकसित ब्लॉक और विकसित गाँव-शहर बनाने होंगे।” 🗣️ आओ, मिलकर बनाएं - विकसित भारत! 🇮🇳 #मधुबन #चिरैया #ढाका #शिवहर #रिगा #बेलसंड 🗣️ सबका संकल्प, सबका विजय!

30/11/2025

Address

Head Office/F1143, Rauniyar House, Laxmi Textile Park, Behind GIDC , Sachin(Gujarat)
Sachin
394230

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