09/04/2026
" जो दे दिया, सो बो दिया
जो खा लिया, सो खो दिया।”
शायद यही जीवन का सबसे सच्चा गणित है।
कुछ वर्ष पहले एक बेटी हमारे साथ जुड़ी थी—साधारण परिवार, सीमित संसाधन, लेकिन असाधारण सपने। कई बार किताबें, आने-जाने का खर्च, या ऑनलाइन पढ़ाई के लिए फोन और डाटा जैसी मूलभूत ज़रूरतें भी उसके रास्ते में बाधा बन जाती थीं।
लेकिन सही मार्गदर्शन और निरंतर सहयोग ने उसकी दिशा बदल दी।
आज वही बेटी उत्तराखंड सरकार में Assistant Commissioner (GST) के पद पर कार्यरत है।
और यह सिर्फ एक कहानी नहीं है—ऐसी कई सफल कहानियाँ हमारे साथ जुड़ी हुई हैं।
यह सिर्फ उसकी यात्रा नहीं, बल्कि उस विश्वास की कहानी है, जो सही समय पर बोया गया… और आज सफलता के रूप में सामने है।
आज ऐसी ही 50 बेटियां हमारे साथ हैं।
सपने वही हैं, मेहनत वही है—बस उन्हें भी एक अवसर चाहिए।
पिछले 12 वर्षों से Dhriti Foundation आर्थिक रूप से अभावग्रस्त परंतु बौद्धिक रूप से सशक्त इन बेटियों को शिक्षा, सिविल सेवा की निःशुल्क तैयारी, जीवन कौशल और अंग्रेज़ी संचार का प्रशिक्षण दे रहा है—ताकि वे आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बन सकें।
इसी प्रयास के तहत हम प्रत्येक बेटी को दो वर्षों तक ₹1000 प्रति माह की छात्रवृत्ति भी प्रदान करते हैं, जिससे वे अपनी पढ़ाई को सम्मान और निरंतरता के साथ जारी रख सकें।
हम उनकी पढ़ाई और मार्गदर्शन की पूरी जिम्मेदारी लेते हैं।
यदि आप चाहें, तो आप भी इस परिवर्तन की यात्रा का हिस्सा बन सकते हैं।
✨ ₹12,000 या इससे अधिक का वार्षिक सहयोग
एक या एक से अधिक बेटियों की पढ़ाई को पूरे वर्ष बिना किसी बाधा के जारी रखने में सहायक होता है—जिसमें उसकी शैक्षणिक सामग्री, डिजिटल लर्निंग और आवागमन शामिल है।
यह सिर्फ सहयोग नहीं है—
यह किसी के आत्मविश्वास, उसके सम्मान और उसके भविष्य में निवेश है।
🌱 यदि यह विचार आपको स्पर्श करता है, तो आप इस प्रयास से जुड़ सकते हैं।
कभी-कभी बड़ा बदलाव किसी बड़े कदम से नहीं,
बल्कि सही समय पर उठाए गए एक छोटे से निर्णय से शुरू होता है।
और जिस दिन कोई बेटी एक अधिकारी बनकर खड़ी होगी,
कहानी उसकी होगी… लेकिन गर्व आपका भी होगा।
शुभ हो
टीम धृति