15/05/2026
मोहतरम भाइयों और अज़ीज़ दोस्तों!
आप सब अच्छी तरह जानते हैं कि इल्म किसी भी क़ौम की तरक़्क़ी की बुनियाद होता है। जिस क़ौम के पास इल्म होता है, वही क़ौम दुनिया में इज़्ज़त और कामयाबी हासिल करती है।
और अगर बात बेटियों की तालीम की हो, तो उसकी अहमियत और भी ज़्यादा बढ़ जाती है।
क्योंकि अगर एक लड़का पढ़ता है तो सिर्फ एक फ़र्द पढ़ता है, लेकिन अगर एक लड़की तालीम हासिल करती है तो पूरी नस्ल तालीमयाफ्ता बन जाती है।
मेरे अज़ीज़ भाइयों!
आज हमारे समाज में बहुत सी बेटियाँ ऐसी हैं जो पढ़ना चाहती हैं, आगे बढ़ना चाहती हैं, अपने ख्वाबों को पूरा करना चाहती हैं, लेकिन अफसोस कि कॉलेज की कमी और वसाइल की कमी की वजह से उनके ख्वाब अधूरे रह जाते हैं।
इसी एहसास को महसूस करते हुए हमने यह इरादा किया है कि
“गौसिया गर्ल्स कॉलेज” क़ायम किया जाए।
यह ऐसा इदारा होगा जहाँ हमारी बेटियाँ
अच्छी तालीम हासिल करेंगी,
कंप्यूटर सीखेंगी,
लाइब्रेरी में किताबों से इल्म हासिल करेंगी,
और एक महफूज़ और बा-वक़ार माहौल में अपना मुस्तक़बिल बनाएँगी।
लेकिन मेरे मोहतरम साथियों!
इतना बड़ा काम अकेले किसी एक इंसान के बस की बात नहीं है।
इसके लिए ज़मीन चाहिए, इमारत चाहिए, क्लासरूम चाहिए, लाइब्रेरी चाहिए।
और यह सब कुछ आपकी मदद के बग़ैर मुमकिन नहीं है।
इसीलिए आज मैं आप सब से दिल की गहराइयों से गुज़ारिश करता हूँ कि
इस नेक काम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।
याद रखिए!
आपका दिया हुआ छोटा सा चंदा भी
किसी बेटी के हाथ में किताब बन सकता है,
किसी बेटी के लिए तालीम का रास्ता खोल सकता है,
और आपके लिए सदक़ा-ए-जारीया बन सकता है।
ज़रा सोचिए!
अगर इसी कॉलेज से पढ़कर
कोई बेटी डॉक्टर बन जाए,
कोई टीचर बन जाए,
कोई इंजीनियर बन जाए,
या समाज की खिदमत करने वाली रहनुमा बन जाए —
तो उसकी हर कामयाबी में आपकी मदद का हिस्सा भी होगा।
मेरे अज़ीज़ दोस्तों!
ज़िंदगी बहुत मुख़्तसर है।
एक दिन हम सब को इस दुनिया से रुख़्सत होना है।
लेकिन खुशकिस्मत वो लोग होते हैं जो इस दुनिया में ऐसा काम कर जाते हैं जिसका सवाब मरने के बाद भी जारी रहता है।
आईए!
हम सब मिलकर यह इरादा करें कि
हम अपनी बेटियों के रोशन मुस्तक़बिल के लिए
गौसिया गर्ल्स कॉलेज को ज़रूर तामीर करेंगे।
कोई एक ईंट का खर्च दे दे,
कोई सीमेंट का खर्च उठा ले,
कोई एक कमरे की तामीर की जिम्मेदारी ले ले,
और कोई अपनी हैसियत के मुताबिक चंदा दे दे।
यक़ीन मानिए!
जब यह कॉलेज बनकर तैयार होगा और इसमें सैकड़ों बेटियाँ तालीम हासिल करेंगी,
तो हर दिन, हर क्लास और हर किताब के साथ
आपके लिए सवाब लिखा जाता रहेगा।
अल्लाह तआला हम सबको इस नेक काम में हिस्सा लेने की तौफ़ीक़ अता फरमाए।
आमीन।
बहुत-बहुत शुक्रिया।