Bahujan Samaj - Rohtak

Bahujan Samaj - Rohtak SC+ST+OBC+Minority's =Bahujan Samaj

2018 के कर्नाटक चुनावों के बाद बहनजी ने पहल करके जनता दल सेक्युलर और कांग्रेस के बीच समझौता करवाकर कुमारस्वामी के नेतृत्...
15/10/2025

2018 के कर्नाटक चुनावों के बाद बहनजी ने पहल करके जनता दल सेक्युलर और कांग्रेस के बीच समझौता करवाकर कुमारस्वामी के नेतृत्व में सरकार बनवाई और बसपा के एन महेश बेसिक शिक्षा मंत्री भी बने थे। ये तब हुआ जब बहनजी भाजपा से डरती थीं। सीबीआई ईडी से डरती थीं लेकिन इस डर के बाद भी उन्होंने भाजपा को सरकार बनाने से रोका।
फिर राजस्थान और मध्य प्रदेश में कांग्रेस पूर्ण बहुमत पाने से वंचित रह गई । बसपा के राजस्थान में छ और मध्य प्रदेश में दो विधायक जीते और दोनों जगह बसपा ने भाजपा के विरुद्ध जाकर कांग्रेस को समर्थन देकर उसकी सरकार बनवाई । बहनजी ने ये तब किया जब बसपा भाजपा से डरी हुई थी । बसपा सीबीआई ईडी से डरी हुई थी । ये दूसरी बात है कि इस अहसान का बदला कांग्रेस ने बसपा विधायकों को तोड़कर चुकाया । फिर 2019 में समाजवादी पार्टी से गठबंधन किया ताकि भाजपा को हराया जा सके । ये दूसरी बात है कि अपेक्षित परिणाम नहीं मिले लेकिन था ये भाजपा को हराने के लिए ।
इसलिए मैं कहता हूं कि ये कांग्रेसी और सपाई जो बहनजी के खिलाफ जहर उगलते है वो जहरीले जातिवादी सांप हैं ।

प्रश्न : दक्षिण के बाल्मीकि समाज से आने वाले पुरन सिंह की आत्महत्या को किस रूप में देखते है?उत्तर: दलित आईएएस, आईपीएस, आ...
15/10/2025

प्रश्न : दक्षिण के बाल्मीकि समाज से आने वाले पुरन सिंह की आत्महत्या को किस रूप में देखते है?
उत्तर: दलित आईएएस, आईपीएस, आईआरएस से लेकर तमाम अधिकारियो का शोषण एक आम बात है। नकारा नही जा सकता है। अब से नही बल्कि शुरू से होता आया है। उदाहरण दूँगा।

श्री बलवंत सिंह जी 1957 में आईएएस बने;

1.शोषण का शिकार हुए।
2.चपरासी भी अलग गिलास रखता था।
3.नौकरी में परेशान किया गया।
4.हर स्तर पर छुआछूत का शिकार हुए।
5.यह 1962 तक हुआ।

जब out of limit हो गया तब इस्तीफा देकर सहारनपुर अपने पैतृक घर आ गए। उंसके बाद आजीवन अम्बेकडरवादी आंदोलन से जुड़े रहे।

6.उनकी अँग्रेजी में अच्छी पकड़ थी। बौद्ध दर्शन पर काफी अच्छा अध्ययन था। कट्टर आंबेडकरवादी थे। इसी दौरान किताबें लिखी। Struggle against slavery, An untouchable in IAS, Beauty of Himalya.

7.उनकी Struggle against Slavery यूरोप में काफी बिकी। फ्रांस में रॉयल्टी मिलती थी।।एक बार में अपने घर पर बैठक में सो रहा रहा था, उठा तो देखा कि बलवंत सिंह बराबर में सोफे पर बैठे है। मेरे बड़े भाई से मिलने आये थे जो उस समय यूरोप में रहते थे, तब उनसे मेरी मुलाकात हुई। उंसके बाद काफी बार हुई। चर्चा हुई।

8.श्री रामविलास पासवान जी के पास बार अश्वेत लोगो के एक सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए अमरीका से आमंत्रण आया। उन्होंने हमनर घनिष्ठ श्री दीपक जाटव को वँहा भेजने का निर्णय लिया, लेकिन एक गाँव मे गुरु रविदास जी शोभायात्रा नही निकलने देने पर हुए केस के कारण वीजा नही मिला। तब दीपक जाटव जी की recomndation पर श्री बलवंत सिंह जी को अमरीका भेजा गया, उनकी।स्पीच से अश्वेत सन्गठन काफी प्रभावित हुए ओर काफी गिफ्ट तक दिए।

9.अमीर खान के "प्रसिद्ध छुआछूत कार्यक्रम" कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

अब आपको अपने प्रश्न का उत्तर इसी अमीर खान के सत्यमेव जयते से मिल जाएगा। जिसमे

10.कार्यक्रम छुआछूत पर था। वक्ता एससी थे। लेकिन बिल्कुल गांधीवादी व गाँधी प्रशँसा का कार्यक्रम बना दिया गया इंहा सभी वक्ता में से एक को छोड़कर किसी ने अम्बेडकर का नाम तक नही किया। किसी ने धन्यवाद तक नही दिया। लेकिन एक नए ऐसा नही किया। वो अकेला "बलवंत सिंह" जी थे। अगर बलवंत सिंह जी को कार्यक्रम से हटा दिया जाए तो ऐसा लगेगा कि यह कार्यक्रम छुआछूत के खिलाफ कम बल्कि गाँधी को अछूतों का मसीहा सिद्ध करने का एक प्रयास था। बलवंत सिंह जी ने बाबा साहब का नाम लिया। अब उसमे वक्ताओं में;

"अधिकतर गैर चमार थे। बलवंत सिंह चमार जाति से थे"

निष्कर्ष
******
मेरी उम्र 40 साल हो गयी है। जबसे हौश संभाली है तबसे लेकर आज तक सहारनपुर में एससी की चमार जाति को छोड़कर किसी अन्य जाति द्वारा बाबा साहब की शोभायात्रा निकालते हुए नही देखा है। कार्यक्रम करते हुए तक नही देखा है। सहारनपुर का बाबा साहब अम्बेडकर पार्क भी जाटव ने लाठी खाकर 1991 में बनवाया था, वो भी इसलिए सम्भव हुआ क्योंकि डीएम सागर जी भी जाटव थे।

बिना बाबा साहब;

1.मनोबल वाली जागृति कैसे आएगी?
2.एक समूह का निर्माण कैसे होगा, जो अलग पक्ष बनकर डटकर खड़ा हो सके?
3.जब न तो मनोबल होगा, न जागृति आएगी, तो समस्या का सामना करने का जज़्बा कैसे आएगा।

4.इसलिए बलवंत सिंह जी;

A. आंबेडकरवादी थे।
B. इससे उनका मनोबल उच्च था।
C. आईएएस जैसे पद को लात मारकर भी दृढ़ निश्चय के साथ सामाजिक कार्यो में लगे रहे। किताबे लिखी जो विदेशों तक में मशहूर हुई।
D.उनमे साथ सबसे मजबूत पक्ष यह था कि;

"जिस उपजाति से वो आते थे, उस जाति ने अम्बेडकरवाद को लपक लिया। जिसके कारण समस्याओं से लड़ने का वातावरण उन्हें अपने इस सामाजिक माहौल से मिला"

5.जबकिं श्री पुरन सिंह जी अबसे नही बल्कि 2008 से शोषण झेल रहे थे। कई बार शिकायत किये। लेकिन उनकी उपजाति के सन्गठन उनकी आवाज बनकर दवाबकारी समूह नही बन सके, जिसके कारण उनका कंही न कंही हौशला टूटा।

में आगे से एससी की हर उपजाति के अधिकारी से कहूँगा की शोषण के मामले में यह सोचकर इतना उच्च मनोबल रखे की उंसके साथ देश के "18%" अनुसुचित जाति के सन्गठन खड़े है। वो दिमाग से अपनी उपजाति निकालकर चलेगा तो उसके हित मे रहेगा। इसमे चाहे चमार जाति के सन्गठन हो या किसी भी उपजाति के। उनसे सीधा संपर्क रखे। उंसके शोषण के समय उंसकी उपजाति नही बल्कि जाति अथार्त एससी जाति ध्यान में रखी जानी चाहिए।

विकास कुमार जाटव

 #पूरा_भाषण 9 अक्टूबर को मान्य बहनजी द्वारा दिए गये पुरा भाषण शब्दों मे -👇👇👇👇सर्व समाज के सम्मान में अपने महापुरुषो के स...
13/10/2025

#पूरा_भाषण
9 अक्टूबर को मान्य बहनजी द्वारा दिए गये पुरा भाषण शब्दों मे -👇👇👇👇

सर्व समाज के सम्मान में अपने महापुरुषो के सम्मान में उत्तर प्रर्देश के कोने कोने से आये हुए पाटी के सभी छोटे बड़े पदाधिकारी जन प्रतिनिधि , नेता और कार्यकर्तागण जैसा कि आप लोगों को ये विदित है कि आज बहुजन समाज पार्टी के जन्मदाता और संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी की उन्नीसवीं पुण्यतिथि है। और आज के ही दिन उनका लंबी बिमारी के कारण देहांत हुआ था।जो अब हमारे बीच में नहीं रहे हैं। लेकिन बहुजन समाज के हित में इनका सम्पूर्ण समर्पित रहा जो हमारे लिए हमेशा यादगार वै अमर रहेगा। ऐसे महान व्यक्तित्व को आज मेरे साथ साथ आप लोग भी अपार संख्या में अर्थात लाखो लाखो की संख्या मेंयहाँ यूपी की राजधानी लखनऊ में बीएसपी की रही सरकार द्वारा इनके सम्मान में निर्मित किए गए भव्य व अती विशाल मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल पर इनको अपने शृद्धा सुमन अर्पित करने के लिए पहुँचे हैं हालाँकि आप लोगों को ये भी मालूम हैंकि इनके सम्मान में बनाए गए इस स्थल के कुछ हिस्सों की समय से मरम्मत नहीं होने की वजह से आप लोग भी पिछले कुछ समय से यहां इनके प्रतिमा पर अपने पुष्प अर्पित नहीं कर पा रहे थे लेकिन अब यहां मरम्मत का अधिकांश कार्य पूरा हो जाने के बाद

इस बार मेरे साथ साथ आप लोग भी भीड के मामले में अपना पिछला खुद का सभी रिकार्ड तोड़ते हुए यहां लाखों लाखों की संख्या में इस स्थल पर मान्यवर श्री काशीराम जी को अपने शृद्धा सुमन अर्पित करने के लिए पहुँचे हैं,जिसके लिए पार्टी आपकी बहुत बहुत आभारी है साथ ही वर्तमान राज्य सरकार की बहुत बहुत आभारी है और इसलिए आभारी है क्योंकि इस स्थल को देखने वाले लोगों के टिक्टो का एकठा हुआ पैसा पूर्व की रही सपा सरकार की तरह बर्तमान भाजपा की राज्य सरकार ने इसे दबा कर नहीं रखा है बल्कि पाटी के आग्रह करने पर इसे मरमत करने पर पूरा खर्च किया है इस संबंध में मैं आप लोगों को ये बताना चाहती हूँ जब यूपी में हमारी सरकार थी और ये मान्यवर श्री काशी राम जी के आदर सम्मान में ये जो विशालकाय स्मारक स्थल जब बनाया गया था तो हमने उसी समय हमारी सरकार ने यह व्यवस्था की थी कि हम देखने वालों के लिए इस पर हम टिकट की व्यवस्था करेंगे और इसका जो पैसा आएगा टिकट का तो वह किसी और मद पर खर्च नहीं किया जाएगा बल्कि जितने भी उत्तर पर्देश की उत्तर प्रर्देश की राजधानी लखनऊ में जो स्मारक बने हैं पार्क बने हैं तो उनके रख रखाव पर खर्च किया जाएगा तो ये हमने व्यवस्था की थी लेकिन दुःख की बात ये है कि जब वर्तमान भाजपा की सरकार से पहले यहां सपा की सरकार थी तो सपा की सरकार ने उस टिकट के पैसे को दबा कर रखा,एक पैसा खर्च नहीं किया इनके रख रखाव् पर और हालत बड़ी जर्जर हो गई थी स्थलों की,यही नहीं और भी स्थल थे पार्क थे उनकी हालत बड़ी खराब हो गई थी तो तब मैंने उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री जी को ये कहा लिखित चिठी के जरिये उनसे रिक्वेस्ट किया कि हम आपसे यह नहीं कहते कि दूसरे मद का पैसा आप इनके रख रखाव पर लगाओ तो जो देखने वालों का टिकटो का पैसा काफी बड़ी तदाद में इकठा हो गया है गवर्मेंट के पास उस पैसे को इनके रख रखाव पर लगाये जाए तो उत्तर प्रदेश की बर्तमान भाजपा की सरकार ने इस मामले को दिखवाया पूरा और उसके बाद उन्होंने हमें कमिट किया प्रोमिस किया कि हम जो भी पैसा टिकटो को आया है हम दूसरे मत पर नहीं लगाएंगे बल्कि इन स्थलों के रखरखाव पर लगाएंगे उन्होंने ये लगाया इसलिए हमारी पार्टी उनकी आभारी है लेकिन वही दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी की जब यूपी में सरकार थी और ये स्थल बन चुके थे तो उन्होंने इनके रख रखाब पर कोई पैसा खर्च नहीं किया टिकटो का पैसा दबा कर रख लिया लेकिन जब अब वो सत्ता से बाहर है समाजवादी पार्टी तो अभी दो तीन दिन पहले वो मिडिया में खबर चपवा रहे थे कि हम मान्यवर श्री काशी राम जी के सम्मान में संगोष्टी करेंगे लेकिन जब वो सरकार में रहते हैं तो ना उन्हें पीड़ीए याद आता है और ना मान्यवर श्री कांशीराम जी की जयंती और ना ही पुण्यतिथि उनको याद आती है सरकार में रहकर लेकिन जब वह सत्ता से बाहर हो जाते हैं तो समाजवादी पार्टी को फिर याद आता है कि हमें संगोष्टि करनी चाहिए मैं सपा मुखिया अखिलेश यादव से मैं ये पूछना चाहती हूँ यदि मान्यवर कांशीराम जी के प्रति आपका इतना ही आदर सम्मान था तो जब यूपी में मेरी सरकार थी तो मेरी सरकार ने अलीगड मंडल में कास गंज के नाम से अलग से जिला बनाया उस जिले का नाम मान्यवर कांशीराम जी नगर के नाम से रखा था लेकिन जैसे ही समाजवादी पार्टी पावर में आई उन्होंने नाम बदल दिया,मान्यवर श्री काशीराम जी के नाम पर हमने कॉलेज यूनिवर्सिटी अनेको संस्थानों के नाम रखे अनेको संस्थानों के नाम रखे जनहित की योजनाई शुरू की सारी के सारी जो बड़ी बड़ी योजनाई थी वो सभी के सभी इन्होंने बंद कर दी समाजवादी पाटी के सरकार ने। ये इनका दोगला या दोहरा चरित्र नहीं है तो क्या है। जब ये सत्ता में रहते हैं ना इनको पीडीए याद आता है और ना पड़ा के जो संत गुरु व और महापुरोषो वो भी याद नहीं आते हैं।जब ये सत्ता से बाहर हो जाते हैं तब इनको हमारे संत गुरु और महापुरुष याद आते है तो ऐसे दोगले लोगों से आप लोगों को बहुत ही सावधान रहने की जरूरत है और अब मैं मान्यवर कांशीराम जी जो पंजाब राज्य के एक मध्यम दलित परिवार में पैदा हुए हैं तो इनके बारे में मैं ये कहना चहूँगी कि इन्होने भारत के सविधान के मूल निर्माता व् दलितों व अन्य उपेक्षित वर्गों के मसीहा परम पूज्य बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की मूवमेंट से वे इनके कड़े संघर्ष व अथक प्रयासों से देश के खासकर करोड़ों दलितों आदिवासियों पिछड़े वर्गों मुस्लिम वे अन्य धर्मिक अल्प संख्यक समाज के भी हित में भारत सविधान में दिए गए कानूनी अधिकारों से प्रेरित होकर तथा उनके बताए हुए रास्तों पर चलकर फिर अपनी पूरी जिंदगी इनके अधूरे रहे कार्वा को मंजिल तक पहुंचाने के लिए समर्पित की है और इसके लिए उन्होंने यानि कि मान्यवर श्री काशीराम जी ने अपने माँ बाप भाई बहन रिश्ते नाते व सरकारी नौकरी आदि सभी त्याग कर बाबा साहब डाक्टर भीमराव जी आंबेडकर केउस अधूरे रही कारवा को पूरा करने के लिए लगा दी है जो बाबा साहब ने यहाँ देश के करोडो दलितों एबं अन्य उपेक्षित वर्गों के लोगों को यह कही थी कि मैंने बाबा साहब ने क्या कहा था कि मैंने अपने कड़े संघर्ष एबं अथक प्रयासों से इन वर्गों के लोगों को भारतीय सविधान में इन्हें स्वाभीमान के साथ जिन्दगी व्यतीत करने व खुद अपने पैरों पर खड़े होने के लिए कानूनी अधिकार तो जरूर दिला दिये हैं लेकिन उनका सही से पूरा लाभ लेने के लिए इन सभी वर्गों के लोगों को परम पुज्य बावा साहब डॉक्टर आंबेडकर ने कहा था तभी फिर इनका वास्तव में सही से विकास व् उत्थान आदि हो सकता है और तभी फिर ये लोग स्वाभी मान के साथ अपनी पूरी जिन्दगी व्यतीत कर सकते हैं क्योंकि इस मामले में बाबा साहब डॉक्टर भीमराब अबमिडकर जी का ये कहना था कि देश में राजनितिक सत्ता वे एक ऐसी मास्टर चाबी है जिसके जरिये इन वर्गों के लोग अपनी सभी समस्याओं का समाधान खुद कर सकते हैं साथ ही ये लोग भी यहां अन्य वर्गों की तरह पूरे आत्मसम्मान वे स्वाभीमान के साथ अपनी खुशाल जिन्दगी व्यतीत कर सकते हैं और इसके लिए बाबासाहब डॉक्टर भीमराब अम्बेडकर जी ने इन वर्गों के लोगों को जो भी रास्ते दिखाएं थे वे उनके जीते जी तो पूरे नहीं हो सके थे जिनसे फिर उनके देहांत के बाद उन रास्तों पर चलने व उनके इस अधूरे रहे कारवा को मंजिल तक पहुचाने के लिए मान्यवर कांशीराम जी ने अनेको कष्ट जेल कर अपनी पूरी जिन्दगी लगा दी है और वे अपने जीते जी इस मकसद में काफी हद तक कामयाब भी हुए हैं

और खासकर इन्होंने यहां आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े परदेश उत्तर परदेश में अपनी पाटी के नेतृत्व में कई बार सरकार बना कर वे उत्तर प्रदेश सहित नज़दीक के लगे राज्यों में भी पाटी के कुछ सांसद व विधायक आदि भी जिता कर बाबासाहब के कारवा को काफी हद तक आगे बढ़ाया है,इतना ही नहीं बल्कि मान्यवर श्री काशी राम जी के देहांत होने से पहले उनकी ये दिली तमन्ना थी कि जहां आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े परदेश उत्तर प्रदेश में जहां दलितों एवं अन्य उपेक्षित वर्गों के लोगों की कुल मिलाकर आबादी काफी जादा है।तो इन्हें यहाँ एक जुट होकर अकेले ही अपनी पार्टी की पूर्ण बहुमत बहुमत की सरकार बनानी होगी। यह मान्यवर श्री काशीराम जी की उनके देहांत तो होने से पहले यह दिली तमन्ना थी। तभी फिर इन वर्गों के लोग यहाँ हर मामले में वे हर स्तर पर पूरे स्वाभीमान के साथ अपनी जिंदगी व्यतीत कर सकते हैं।जिनसे प्रेरित होकर फिर अन्य राज्यों में भी इन वर्गों के लोग खुद अपने पैरों पर खड़े हो सकते हैं तभी फिर यहां बाबा साहब का काफी हद तक अधूरा रहा सपना जरूर साकार हो सकता है लेकिन दुख की बात यह है कि मान्यवर श्री काशी राम जी के जीते जी इनका ये सपना साकार नहीं हो सका था जिसे फिर इनके देहांत के बाद सन 2007 में इनकी एक मात्र रही उत्तराधिकारी व पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अर्थात हमने यहां उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज के साथ साथ समता मूलत समाज व्यवस्था में विश्वास रखने वाले उच्च वर्गों के लोगों को भी साथ में लेकर इसे पूरा भी किया है और सन 2007 मेंदेश के विशाल आबादी वाले यूपी स्टेट में पहली बार हमने यहां अपनी पाटी के अकेले ही पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई है हालाँकि पहले तीन बार हमने बनाई वो मिली जुली सरकार थी लेकिन चोथी बार हमने अकेले अपने बलबूते पर यूपी में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई है जो यहां खासकर कांग्रेस, बीजेपी, सपा व अन्य जातिवादी पाटियों को कतई भी अच्छा नहीं लगा है।

जबकि इससे पहले केंद्र की रही भाजपा सरकार ने सता का दूरूपयोग करके,मेरे उपर व मेरे मा बाप, भाई बहन एबं अन्य रिश्ते नातियों आदि के उपर भी अनेको गलत एबं फर्जी केस दर्ज करा के हम सभी को जबरदश्ती इनकम टेक्स व सीबीआई आदी के जंजाल में फसा कर हमारी छवी को धूमिल करने का हर संभव पूरा पूरा प्रयास किया है।इसके साथ साथ आगे चल कर इन सब मामलों में केंद्र की रही कांग्रेसी सरकार ने भी हमें न्याय देने की बजाय बल्कि काफी उलज़ा दिया था और तब फिर हमें इन सब के विरुद मान्य कोर्ट में भी जाना पड़ा है जहां हमें न्याय मिला है,इस प्रकार से ये सब भी हमें काफी कुछ झेलना पड़ा है लेकिन ऐसे विकट व संकट भरे हालातों में भी हमने बाबा साहब डॉक्टर भीमराब अंबेडकर के बताये रास्तों पर चल कर यहां उत्तर परदेश में सन 2007 में हुए विधानसबा चुनाव में अकेले ही यह चुनाव लड़कर फिर अपनी पाटी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई है।

और हमने यहां बाबा साहब डॉक्टर भीमराब आंबेडकर एवं मान्यवर श्री कांशी राम जी आदि के सपनों को काफी हद तक साकार किया है।दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्गों के साथ साथ मुस्लिम अब अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक समाज के लोगों के भी हित व कल्याण में अनेको एतिहासिक कार्य किये हैं। जिनके नाम बदल कर उन्हें अब अन्य राज्यों में विभिन पार्टियों की सरकारे भुना रही हैं। जबकि इसका वास्तव में असली श्रेय बीएसपी को ही जाता है।साथ ही हमारी पार्टी की रही सरकार ने दलितों एबं अन्य उपेक्षित वर्गों के लोगों के हितों का सभी मामलों में पूरा पूरा ध्यान रखा हैं खासकर आरक्षण का तो इने पूरा ध्यान दिया हैं

इतना ही नहीं बल्कि हमने या अपनी सरकार में सर्व समाज में से गरीबों, मजदूरों, बेरोजगारों, किसानों, वकीलों, करमचारियों, व्यापारियों एबं अन्य मेहनतकश लोगों के साथ साथ यहां छात्रों, युवाओं, महि लाओं, व बुजुर्गों आदि के भी हितों में काफी महत्वपूर्ण कार्य किये हैं जिनसे इन्हें काफी जादा लाभ पहुचा हैं इनके साथ हमारी पार्टी की रही सरकार ने प्रदेश में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को भी चुस्त दुरुस्त करने के लिए यहां जाति , धर्म व दलगत राजनिति से उपर उठकर कार्य किये हैं ताकि प्रदेश में अमन चैन व शांति व्यवस्था आदि कायम रहे जिसकी प्रदेश में उस समय काफी जरूरत भी थी,

साथ ही कानून व्यवस्था के मामले में हमने यहां हर स्तर पर अन्याय अपराध वह भयमुक्त वाताबरण भी पैदा किया है इस प्रकार से हमारी पार्टी की पूर्ण बहुमत की रहि सरकार ने यह सर्वसमाज के लोगों को पर मामले में वह हर स्तर पर सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय की नीतियों पर आधारीत थी यह काफी बेहतरीन सरकार दिया है जिसे प्रदेश की जनता अभी तक भी भुला नहीं पा रही है।और खासकर हमने रोटी रोजी देने के मामले में सर्व समाज में से यहां गरीबों, दलितों एबं अन्य उपेक्षित वर्गों के लोगों को काफी हद तक उन्हें आत्म निर्भर भी बनाया जिनकी यहां वर्षों से सभी विरोधी पार्टियों की रही सरकारों की जातिवादी, संकीर्ण, व पूजीवादी सोच होने के कारण काफी ज्यादा उपेक्षा की गई है। इतना ही नहीं, बल्कि हमने वर्तमान केंद्र की सरकार की तरह अपने राजनितिक स्वार्थ में इन्हें इनके टैक्स के पैसों से ही थोड़ा सा मुफ्त में राशन देकर इनको अपना गुलाम व लाचार नहीं बनाया है अर्थाप इनको दूसरों के उपर निर्भर नहीं रखा है

इसके साथ साथ हमारी पार्टी की रही सरकार ने देश में यहां बहुजन समाज में समय समय पर जन्मे अपने महान संतों गुरुवों व महापुरुषो में भी खासकर महात्मा जोतिबा फूले, छत्रपति शाहुजी महराज, नारायना गुरु, बाबा साहैब ,मान्यवर श्री कांशीराम जी, संत गुरु रविदाज जी, वे गोतम बुद्ध आदि को भी विभिन्न रूपों में पूरा पूरा आदर सम्मान दिया है।जो ये सब यहाँ जातिवादी पाटियों को कतई भी रास नहीं आ रहे हैं और इस मामले में समाजवादी पार्टी तो सब से आगे रही है और अब ये समाजवादी पार्टी यहाँ अपने राजनितिक स्वार्थ में जबरन पीडीए आदि की हवा हवाई बाते करके इन वर्गों को गुमराह करने में लगी है जबकि हमारी पार्टी के रही सरकार ने अपने संतों गुरुवों व महापुरूषो आदि के नाम पर यहां प्रदेश में जिन जिलों संस्थानों एवं योजनाओं आदि के नाम रखे थे तो उन में से काफी को तो सपा की रही सरकार ने बदल दिया है जैसा कि शुरू में मैंने आप लोगों को बताया है.साथ ही हमने इन वर्गों के विकास व उत्थान में जो अनेको महत्वपूर्ण योजनाए शुरू की थी तो उने भी अधिकांश बंद कर दिया गया है आरक्षन दिये जाने के मामले में भी सपा की रही सरकार ने यहां दलितों आदिवासियों एवं अन्य पिछले वर्गों के लोगों के साथ हमेशा पक्षपात वाला रवैया ही अपनाया है,इनके पदोनती में आरक्षण को तो इस पाटी की रही सरकार ने एक प्रकार से यहां खत्म ही कर दिया था इसके इलावा इनकी रही सरकार में यहां गुंडों, बदमासों, माफियाओं एबं अन्य आराजक तत्मों को ही जादातर बढ़ावा दिया गया है जिसकी वज़ह से यहां कानून व्यवस्था भी काफी बुरी तरह से चरमरा गई थी और अब अधिकांश मामलों में लगभग यही स्थिति हमें यह वर्तमान बीजेपी की सरकार में भी देखने के लिए मिल रही है जबकि आजादी के बाद इन से पहले यहां शुरू में काफी बर्शों तक काम कांग्रेस पार्टी के रहे शासन काल में तो इन वर्गों का हर स्तर पर काफी ज्यादा शोषण व् उत्पीड़न आधी हुआ है एक प्रकार से कुल मिलाकर यहां यूपी में कांग्रेस पार्टी का भी ज्यादातर जातिवादी संकीर्ण और पुंजीवादी सोच के आधार पर ही शासन चलता रहा है और सन 1985 में में देश में लगी इमरजेंसी में तो कांग्रेस पार्टी की रही सरकार ने यहां बाबासाहब के सविधान को भी काफी हद तक प्रभावहिन् बना दिया था जिसकी आड़ में अब इस पार्टी के लोग आए दिन किस्म किस्म की नाटक बाजी करते रहते हैं

सविधान को हाथ में लेकर किस्म किस्म की नाटक बाजी करते रहते हैं इसके साथ साथ कांग्रेस पार्टी ने हर प्रकार के हथकंडे इस्तेमाल करके बाबासाहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को संसद में भी चुनकर नहीं जाने दिया था इसके अलावा केंद्र में इसी कांग्रेस पार्टी की रही सरकार ने भारतीय सविधान के मूल निर्माता एवं उपेक्षित वर्गों के मसीहा परम पूज्य बाबा साहब डाक्टर भीमराव आंबेडकर को भारत रत्न की उपाधि से भी सम्मानित नहीं किया था इसके बाद फिर इनकी मुवमेंट को आगे गत्ति देने वाले मान्यवर श्री कांशी राम जी को भी उनके देहांत के बाद केंद्र में रही इसी कांग्रेस पाटी की सरकार ने इनके सम्मान में एक दिन के लिए भी राष्ट्र शोक घोषित नहीं किया था इसी प्रकार समाजवादी पाटी की भी सरकार ने एक दिन के लिए भी शोक घोषित नहीं किया था!साथ ही इन्होंने देश में पिछडे वर्गो की आरक्षण संबंधी मंडल कमिशन की रिपोर्ट को भी लागू नहीं किया था जिससे फिर बीएसपी के अथक प्रयासों से श्री बीपी सिंग जी की रही सरकार में ही लागू किया गया था इसके साथ साथ उसी समय ही बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अबमिडकर जी को भी भारत रत्न की उपाधि से सम्मानित किया गया था इसी प्रकार बीजेपी व अन्य जातिवादी पाटियों के भी शासन काल में इन वर्गों का शोषण व उत्पीड़न आदि होना अभी तक भी बंद नहीं हुआ है इसके इलावा इनकी सरकारों में भी जनता को लुभाने के लिए आई दिन घोषणाएं ,शिल्यान्यास व उदघाटन आदि तो काफी किये जाते हैं लेकिन इन से भी जनता को कोई खास लाभ मिलने वाला नहीं है क्योंकि ये खाली हवा हवाई ज्यादा और जमीनी हकिकत पे बहुत कम होते हैं

ऐसी स्थिति में आप लोगों को पूरे देश में सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय की नितियों पर आधारीत अपनी पार्टी को ही हर मामले में मजबूत बनाकर इसे केंद्र व् राज्यों की भी सत्ता में लाना बहुत जरूरी है और अब पार्टी के लोगों को यह उत्तर प्रदेश सहित देश के अन्य विभिन्न राज्यों में कुछ समय के बाद जो एक साथ विधानसभा के आम चुनाव होने वाले हैं तो उनको वहाँ भी ऐसी सभी विरोधी पार्टियों को सत्ता में आने से जरूर रोक रहा है और खासकर यहां यूपी में तो इनको अपनी पार्टी बीएसपी की ही फिर से अकेले पूर्ण बहुमत की सरकार बनाना बहुत गरूरी है जिससे यहां कांग्रेस, बीजेपी, सपा व अन्य सभी विरोधी पार्टिया किस्म किस्म के षड्यंत्र व हथकंडे आदि इस्तेमाल करके इसे रोकने का हर संभाव पूरा पूरा प्रयास करेगी।

और इस संदर्भ में वैसे आप लोगों को ये मालूम है कि सन 2007 में यूपी में बी एसपी ही अकेले ही पूर्ण बहुमत की सरकार बनने के बाद फिर बी एसपी की सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय की रही कार्य शैली से पूरे देश में बीएसपी के बढ़ते हुए प्रभाव को देखकर फिर यहां सभी जातिवादी संकिर्ण व पूजीवादी पाटियों ने अंदर-अंदर आपस में एक जुट होकर अपनी पार्टी को सत्तां में वापिस नहीं आने दिया है साथ ही देश के अन्य राज्यों में भी अपनी पार्टी को आगे नहीं बढ़ने दिया है क्योंकि बी एस पी के यहां अकेले ही सत्ता में आने पर यहाँ यूपी में सन 2007 में बीएसपी के जहाँ अकेले ही सत्ता में आने पर इनको ये डर था सभी जो जातिवादी पाटियां है इनको ये डर था कि यदि बीएसपी को आगे बढ़ने से नहीं रोका गया तो फिर ये पार्टी केंद्र की सत्ता तक भी जरूर पहुंच सकती है जिससे घबरा कर फिर बीएसपी को पुन; यहा सत्ता में आने से पूरे देश में भी आगे बढ़ने से रोकने के लिए फिर हुआ ये कि इसके बाद फिर खासकर यूपी में जो भी विधानसभा व अन्य राज्यों में भी विधानसभा व् देश में लोकसभा के आम चुनाब हुए हैं तो उन सभी चुनाबों में यहां कांग्रेस बीजेपी सपां व अन्य सभी विरोधी पाटियों ने अपनी खासकर जातिवादी मानसिकता के तहच चलकर व अंदर अंदर आपस में एक जुठ होकर तथा किस्म किस्म के हथकंडे इस्तेमाल करके फिर बीएसपी को इन्होंने कामयाब नहीं होने दिया। सारी जातिवादी पार्टिया अंदर अंदर एक हो गई थी। एक होकर इन्होंने जहां जहां बीएसपी जीत रही थी तो वहां इनको हराया। जो विरोधियो के कंडिडेट जीत रहे थे उनको इन्होंने अपना वोट ट्रांसफर कराया।इसके साथ ही फिर बाकी रही से कमी EVM में की गई धांगली के जरिये पूरी कर दी गई,जबकि वर्तमान हालातों में evm के काफी विरोध के चलते ये EVM वाला सिस्टम कभी भी खत्म किया जा सकता है अब EVM का विरोध बहुत हो रहा है और फिर पुन; बैलिट पेपर वाला सिस्टम लागू हो सकता है इसकी भी काफी काफी संभावना है ऐसे में अब हमें हर स्तर पर हमेशा अपनी पार्टी को मजबूत बनाते रहना बहुत जरूरी है।

दलित बेस वोट को बाटने के लिए इसी समाज में से स्वार्थी व् बिकाऊ किस्म के लोगों को इस्तेमाल करके व उनके जरिये अनेको पाटिया व संगठन आदि भी काफी बनवा दिये हैं जिनसे ये जातिबादी पाटियां चुनाव् में अपने अपने फायदे के हिसाब से उम्मीदवार खड़े करवा के बी एसपी को कमजोर करने में लगी है और अब तो ये पाटियां अंदर अंदर खुद अपने वोट ट्रांसफर करा के इनके एक आधा उम्मीदवार भी जीता कर भेज रही है!ताकि इससे दलितों का वोट बाटने में इनको कुछ मदद मिलती रहें। ऐसी स्थिति में अब आप लोगों को पुन: यहा यूपी में अपनी पार्टी को सत्ता में लानें व अभी हाल ही में बिहार प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में तथा आगे चलकर अन्य और राज्यों में भी विधानसभा व लोकसभा के होने वाले आम चुनाओं में भी पार्टी का अपनी पार्टी का बेहतर रिजल्ट लाने के लिए ऐसे सभी स्वार्थी व् बिकाऊ दलित संगठनों व पार्टियों को अपने यार दोस्त जात बिरादरी व रिशत नाते आदि के चक्कर में भी पड़ कर अब इनको अपना एक भी वोट देकर खराब नहीं करना है वरना फिर इसका पूरा लाभ यह विरोधी पार्टियों को ही मिलता रहेगा जिसे भी खास ध्यान में रखकर अब कि हर छोटे-बड़े चुनाव में आप लोगों को अपना एक भी बोट ऐसे सभी स्वार्थी व् बिकाऊ पार्टियों व् संगठनों आदि को नहीं देना है बल्कि अपनी एक मात्र हितेशी पार्टी बीएसपी को ही देना है ताकि बीएसबी फिर से अपना बेहतर रीजल्ट लाकर पुन; यूपी की सत्ता में वापिस हो सके तथा देश के अन्य सभी राज्यों में भी पार्टी पुने आगे बढ़ सके और इसके लिए विरोधी पार्टियों के ऐसे अनेकों और भी सभी हथकंडों से अपनी पार्टी के लोगों को जरूर सावधान रहना है इसके इलावा पार्टी के लोगों को सचेत करने के उदेष्य से यहां मैं ये भी कहना चाहूंगी कि पिछले कुछ समय से दुनिया के अनेक देश किसी ना किसी मुद्दे को लेकर हुए बबाल व हिंसा आदि से काफी ग्रसित रहे हैं और ये सिलसिला अभी भी जारी है लेकिन अपने भारत देश को भी जैसे इसका कुछ नजर लगना शुरू हो गई तो उसे फिर तुरंत ही केंद्र व संबंधित राज्य सरकारों ने सकती से निपतना है ,

जिससे केंद्र व सभी राज्य सरकारों को आगे भी काफी सतर्क रहना होगा। इतना ही नहीं बल्कि देश में आम जनहित के मुद्धों पर आवाज उठाने की बजाए जो पिछले कुछ समय से यहां स्वार्थी व शरारती तत्व एक दूसरे के देवी देवता, खुदा व धर्म आदि को लेकर तथा इन पर आये दिन नए नए मुद्दों को निकाल कर देश में बबाल व हिंसा आदि पैदा करने की कोशीस में लगे रहते हैं और फिर इनकी आड़ में राजनिती करते हैं,ये भी देश हित में ठीक नहीं है जबकि इन सब मामलों में सभी को भारत के सविधान के मुताविक चलना चाहिए साथ ही सभी धर्मों का पूरा आदर सम्मान भी करना चाहिए और इनके सदियों से चले आ रहे हैं धार्मिक नियम मान्यताएं व परंपराएं आदि में भी किसी को दखल देना उचित नहीं है और ना ही इनकी आड़ में आई लव आदि की कोई राजनिति नहीं करनी चाहिए

इसके इलावा जहां पर पिछले दिनों जम्मू कश्मीर के पर्यटक स्थल पहलगांव में कोई आतंकी घटना का सवाल है जिसमें काफी महिलाओ के सिंदूर उजड़ गए थे तो ये अत्यंत ही दुखद व चिन्ता की बात है हालाँकि इस घटना को होने से रोका जा सकता था बशर्ते उस समय सरकार द्वारा इस प्रयटक स्थल पर सुरक्षा का उचित पाबंद किया होता ,जो नहीं किया गया था साथ ही हमारी विदेश निति भी हमेशा देश व जनहित में ही होनी चाहिए और इस मामले में अभी हाल ही में अमरिका द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ से भी केंद्र सरकार को काफी सचेत रहने की जरूरत है और इसी पर भी इन्होने सब देशी उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोड़ देकर जो देश को आत्मनिर्भर बनाने की बात कही है तो ये हवा हवाई ना होकर बल्कि जमीनी हकीकत में भी लोगों को होता हुआ नजर आना चाहिए जिसका फिर हमारी पार्टी भी जरूर स्वागत करेगी!

और अब इन सब बातों को मध्यनजर रखते हुए पूरे देश में अपनी पार्टी को हर स्तर पर मजबूत बनाना वैसे आगे बढ़ाना भी बहुत जरूरी है और खास कर इस बार यूपी में बीएसपी की अकेले ही पुन ; पूर्ण बहुमत की यह सरकार जरूर बनाना और यह इसलिए भी बहुत जरूरी है क्योंकि बीएसपी के सत्ता से हटने के बाद जब से यहां सपा व बीजेपी की सरकार बनी हैं तो तब से यहां पूर्व की रही कांग्रेसी सरकार की तरह ही इनकी भी सरकारों में सर्व समाज में से खासकर यहां गरीबों दलितों व् अन्य पिछड़े वर्गों के लोगों का सही से विकास व् उत्थान आदि नहीं हो पा रहा है और अब इनमें गरीबी व् बेरोजगारी आदि काफी ज्यादा बढ़ गई है साथ ही इनके ऊपर हो रही जुल्म-ज्यादती आदि भी काफी चरम सीमा पर पहुंच चुकी है इनकी बहन बेटिया भी अधिकांश नहीं रही है इसके साथ ही इन वर्गों के लोगों को यह आरक्षण का से पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है हालाँकि इस संबंध में आप लोगों को यह मालूम है कि इनके आरक्षण को लेकर अभी तक जितने भी माननीय कोट के फैसले आए हैं तो उनकी सभी जातिवादी पार्टियों की रही सरकारों ने सही से पैरवी भी नहीं किया जिससे अब इनको आरक्षण का बहुत कम लाभ मिल पा रहा है और इस मामले में यहां मैं ये भी कहना चाहूंगी कि बी एसपी के अथक प्रयासों से देश में एस सी व् एस टी वर्गों के सरकारी नोकरियों में पदोनति में आरक्षण को प्रभावी बनाने के लिए जब केंद्र की रही कांग्रेस सरकार में सविधानिक संसोधन विधेयक संसद में लाया गया था तो तब उसे कांग्रेस पार्टी ने बीजेपी व अन्य आरक्षण विरोधी पार्टियों की अंदरूनी मिली भगत से पास तक भी नहीं होने दिया था जो अभी तक भी संसद में लटका पड़ा है जबकि समाजवादी पार्टी के सांसदो ने तो इस बिल को इस संसद में फाड़ दिया था इतनी ज़्यादा इस पार्टी को इनके पदोनति में आरक्षण दिये जाने को लेकर इस बिल से इनको जबरदस्त एलर्जी थी नफरत थी ऐसे में अब आप ही ये बताएं क्या ऐसी स्थिति में कांग्रेस, बीजेपी, व सपा आदि जैसी इन जातिवादी पार्टियों में यहां खासकर अपने दलितों व् अन्य उपेक्षित वर्गों के लोगों का सही से विकास व् उत्थान आदि हो सकता है मैं समझती हु कभी भी संभव नहीं है।

इसके आलावा इसी तरह यह उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में मुस्लिम व् अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक समाज के लोगों का भी सही से विकास व उत्थान आदि होना तो बहुत दूर की बात रही बल्कि अब तो इनका जान माल व मजहब आदि भी पूरे तोर से सुरक्षित नहीं रहा है।

इनकी सच्चर कमेटी की रिपोर्ट भी दर किनार कर दी गई है। अपरकास्ट समाज में से गरीब लोगों की तथा विभिन्न क्षेत्रो में लगे लोगों की भी स्थिति हमें कोई खास अच्छी नजर नहीं आ रही है। वैसे भी इन सब मामलों में केंद्र व राज्य सरकारों के भी अधिकांश कार्य सरकारी फाइलों में ही सिमट कर रह जाते हैं।कि यह भी छिपा नहीं है कानून व्यवस्था भी यूपी सहित पूरे देश में कोई खास अच्छी नहीं है हर प्रकार के अपराध भी काफी बढ़े हैं ऐसे में यह विरोधी पार्टियां सत्ता में आने के लिए खासकर चुनाव के समय में अपने-अपने चुनावी घोषणा पत्रों मेंजो किस्म किस्म के लुभाबने वायदे करती हैं तो उनको फिर ये पार्टिया सत्ता में आने के बाद 50% भी लागू नहीं करती हैं साथ ही इनके गलत आर्थिक नितियों की वज़ह से पूरे देश में गरीबी, बेरोजगारी, व महंगाई आदी भी लगातार बढ़ती जा रही है जिन पर पर्दा डालने के लिए अब ये पाटियां आये दिन किस्म किस्म के हथकंडे इस्तेमाल करती रहती है

इतना ही नहीं बलकि अब तो सत्ता अब हम विपक्ष अंदर ही अंदर मिलकर वे अपनी जातिवादी मानसिकता के तहत चल कर यहां बाबा साहब डाक्टर भीमराव आंबेडकर द्वारा निर्मित किये गए इनके मानवताबादी व समता मूलक भारतिय सविधान को भी बदल कर इसे ये पुराने वाले जातिवादी धांचे में ही परिवर्तित करना चाहती है जिसके लिए इनके साधु संत भी आये दिन बहस भी करते रहते हैं जिसे हमारी पार्टी बी एस पी कतई भी बदलने नहीं देगी चाहे इसके लिए हमें कितना भी संघ्रह क्यों ना करना पड़े,तभी फिर यहां दलितों, आदिवासियों, पिछडे वर्गों अब हम अन्य उपेक्षित वर्गों के लोगों के कानूनी अधिकार सुरक्षित में बचे रह सकते हैं।वरना इन वर्गों के लोगों को अभी तक थोड़ा बहुत जो भी लाभ मिल रहा है तो फिर यहां सविधान बदलने पर यह काफी कुछ खत्म ही हो जाएगा ,जिन्हे बचाने व बरकरार रखने के लिए इन सभी वर्गों के लोगों को बी एस पी के झंडे तले आपस में एक जुट होना बहुत जरूरी है

साथ ही अपनी बीएसपी पार्टी को हर स्थर पर मजबूत बनाकर इसे सत्ता में भी लाना बहुत जरूरी है क्योंकि बीएसपी ही एक ऐसी पार्टी है जो यहां बाबा साहब के बनाये गए सविधान को सुरक्षित रख सकती है और सविधान के मुताबिक चलकर यहां सदियों से उपिक्षित रहे दलित एवं अन्य उपिक्षित वर्गों के लोगों को अपने पैरों पर खड़ा कर सकती है और ये सब आप लोगों ने यूपी में अपनी पार्टी की चार बार रही सरकार के दौरान होते हुए देखा है ऐसे में अब यूपी में बी एसपी को ही फिर से सत्ता में लाकर यहां की जनता को हर मामले में खुशाल बनाना होगा जिसके लिए पार्टी के लोगों को सन 2007 में हुए विधानसबा आमचुनाव की तरह ही इस बार भी यहां पूरे पर्देश में प्रत्येक पोलिंग बूथ स्तर पर सर्व समाज को विशेष कर बहुज़न समाज के लोगों को उनकी छोटी छोटी बैठकों के जरिये उन्हें बी एस पी की सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय की नितियों व हमारे सिद्धांतो आदि से जोड़ना है और इस दोरान इन्हें बीएसपी के बेहतरीन रहे शाषन काल की उपलब्दियों के बारे में बताना है साथ ही उन्हें विरोधी पाटियों के किस्म किस्म के हथकंडों से सावधान रहने के बारे में भी जरूर बताना है और आज जो भी बाते मैं आप लोगों के सामने रख रही हूं तो उन्हें भी इन छोटी छोटी बैठकों में जरूर बताना है और यदि पार्टी के लोग मेरे इन सब बातों पर सही से अमल कर लेते हैं तो फिर इस बार अपनी पार्टी के हाथों में यह सत्ता जरूर आ जाएगी !

इसके अलावा जहां तक अपनी पार्टी के लिए अकेले चुनाव लड़ने का सवाल है तो इसके बारे में भी यहां में अपनी पार्टी के अब तक के रहे अनुभवों को ध्यान में रखकर यह बताना जरूरी समझती हूं कि देश के अन्य प्रदेशो तरह की खासकर यहां यूपी में जब भी हमारी पार्टी ने विधानसभा का आम चुनाव गठबंधन करके लड़ा है तो तब फिर हमारी पार्टी को कोई विशेष लाभ नहीं हुआ है क्योंकि हमारी पार्टी का जो बोट है तो गठबंधन वाली पार्टी को एक तरफा ट्रांसफर हो जाता है लेकिन उनका जातिबादी मानसिकता की वज़ह से विशेष कर अपरकास्ट समाज का बोट बी एस पी के उम्मीदवारों को ट्रांसफर नहीं हो पाता है और बास्तम में यही सही और हकीकत भी है जिससे फिर हमारी पाटी के उम्मीदवार भी बहुत कम जीत पाते हैं तथा पाटी का बोट प्रतिशत भी काफी कम हो जाता है इसके साथ ही गठबंधन की सरकार बनने पर अपनी पाटी के नेतृत्व में बनी ये सरकार समय से पहले ही गिर जाती है जैसे-

सन 1993 में BSP ने सपा से गठबंधन करके यहा

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