22/04/2026
वन्यजीव अपराध में बड़ी सफलता: “ऑपरेशन क्लॉइंग बैक” के अनुवर्ती जांच में मुख्य आरोपी गिरफ्तार
रोहड़ू: रोहड़ू वन प्रभाग द्वारा संगठित वन्यजीव अपराध के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त करते हुए अवैध वन्यजीव अंगों के व्यापार में संलिप्त एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
विदित हो कि दिनांक 10 फरवरी 2026 को विभाग द्वारा एक लक्षित कार्रवाई “ऑपरेशन क्लॉइंग बैक” संचालित की गई थी, जिसके दौरान अनुसूचित प्रजातियों से संबंधित 90 वन्यजीव अवशेष/अंग बरामद किए गए थे। यह कार्रवाई क्षेत्र में अवैध वन्यजीव व्यापार पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।
उक्त कार्रवाई के पश्चात, अवैध व्यापार से जुड़े संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश करने हेतु विस्तृत एवं सतत जांच की गई। पिछली कड़ियों (backward linkages), क्षेत्रीय सूचनाओं एवं पूर्व में गिरफ्तार व्यक्तियों से पूछताछ के आधार पर इस अवैध नेटवर्क में संलिप्त एक मुख्य संचालक/आपूर्तिकर्ता की पहचान की गई।
लगभग 70 दिनों की निरंतर जांच एवं निगरानी के पश्चात उक्त आरोपी, ममसैन, पुत्र नूर आलम, निवासी विकास नगर, जनपद देहरादून, उत्तराखंड, को सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच से यह स्पष्ट होता है कि आरोपी तेंदुए के नाखून एवं दांतों के अवैध संग्रहण एवं आपूर्ति में संलिप्त था, जो कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के अंतर्गत अनुसूची-I में संरक्षित प्रजातियों से संबंधित हैं।
यह गिरफ्तारी क्षेत्र में सक्रिय संगठित वन्यजीव अपराध नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विभाग द्वारा आगे की कड़ियों का पता लगाने, अतिरिक्त वन्यजीव अंगों की बरामदगी तथा अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान हेतु कार्यवाही जारी है।
आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है तथा आगे की जांच हेतु अभिरक्षा (custodial interrogation) की मांग की गई है।
वन विभाग वन्यजीव अपराधों के प्रति Zero Tolerance की अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है तथा आमजन से अपील करता है कि ऐसे किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना विभाग को प्रदान करें।
मामले में आगे की जांच प्रगति पर है।