09/03/2024
जब स्वप्न आप देखें, लेकिन पूरा आपके मित्र करें, तो समझें कि प्रकृति की आप पर बड़ी अनूठी दृष्टि है।
सभी का ‘शरीर स्वस्थ हो, मन संतुलित हो और चित्त शांत हो’ हम ऐसी कामना करते हैं, लेकिन केवल कामना करने भर से ऐसा होगा नहीं।
इसके लिए धरातल पर लोगों से संवाद करना होगा, उनके तर्क-कुतर्क झेलने होंगे, उन्हें उन्हीं के लिए मनाना होगा और अंततः प्राकृतिक मार्ग से जोड़ना होगा।
पिछले कई वर्षों से प्रतापगढ़ उत्तर - प्रदेश में Umesh Pratap Singh जी सहयोग से आमजन के लिए निःशुल्क योग एवं जीवन प्रबंधन शिविर किए गए । इसके बहुत अच्छे परिणाम आये।
इसी बार की यात्रा में एक फीडबैक मिला कि एक लड़की जो शासकीय शिक्षिका थी, उसे स्मृति क्षीणता की समस्या थी अर्थात् उसे कुछ याद नहीं रहता था और कई बार चक्कर खाकर गिर जाती थी।
शिविर के बारे में जब उसके परिजनों को पता लगा तो वे उसे लेकर आये। अच्छा! हमें इसकी जानकारी नहीं थी। जो अभ्यास हम सभी को कराते हैं वह अभ्यास कराये गये। शिविर पूर्ण हुआ।
बाद में जानकारी मिली कि वह लड़की ठीक हो गई। जहाँ उसकी नौकरी छूटने का संकट आ गया था, अब वह अच्छे से बच्चों को पढ़ा रही हैं।
और भी बहुत अनुभव सुनने को मिले..
इससे इस बात का विश्वास मिला कि आम लोगों के लिए यह मार्ग और सुगम बनाना चाहिए।
अब यहीं एक ट्रस्ट की स्थापना कर 65000/- वर्ग मीटर के प्रांगण में Yog Rasayan संस्थान आरम्भ हो रहा है। अब यहाँ ओपीडी/आईपीडी की व्यस्था रहेगी।
योग, आयुर्वेद, पंचकर्म और प्राकृतिक चिकित्सा के अनुभवी चिकित्सक यहाँ सेवा देंगे। इस संस्थान से जुड़ने के लिए कुछ चिकित्सक ऐसे हैं जो विदेशों पुनः अपनी माटी में लौटेंगे ।
सभी के लिए शुभकामनाएँ हैं, सब आगे बढ़ें - स्वस्थ रहें।
🍁
#भूपेन्द्र