Maa Annapurna Sewa Trust

Maa Annapurna Sewa Trust We are a strong believers of doing Sewa with Love, which is truly the meaning of our lives. Self-defense classes will be incorporated soon.

The Trust is based in Rishikesh, started in the year 2020 starting of the first lockdown by the blessing of Mother Ganga with the belief that Unconditional service is Unconditional Love and Unconditional Love is the Energy of The Divine. Maa Annapurna Sewa Trust is based in Rishikesh, started in the year 2020 starting of the first lockdown by the blessing of Mother Ganga with the belief that Uncon

ditional service is Unconditional Love and Unconditional Love is the Energy of the Divine. Our team has that dedication to be able go out and serve people all day long . Our team consists of numerous volunteers and salaried employees, including cooks, teachers, cleaning staff, and tech support experts, who are working in the various wings of our project and make it as one family. Our team members go through the poorest communities, visiting the houses of the those we serve, to determine who truly has no means to make a living, and to find those who have special needs. We always give priority to elderly women, single mothers with children, and those who are Divyangs. The various subjects offered in the Shakti School of Arts for Girls are taught by teachers with expertise in the subject. The teachers may be international volunteers or teachers from within the Rishikesh community. The subjects taught are English, dance, music, art and yoga, and also sports such as volleyball. At times we collaborate with other charitable organizations, sharing our knowledge and resources so that more people can be served.

प्रियवाक्यप्रदानेन सर्वे तुष्यन्ति जन्तवः।तस्मात्तदेव वक्तव्यं, वचने किं दरिद्रता।।मीठी वाणी बोलने से सभी प्रसन्न और संत...
22/05/2026

प्रियवाक्यप्रदानेन सर्वे तुष्यन्ति जन्तवः।

तस्मात्तदेव वक्तव्यं, वचने किं दरिद्रता।।

मीठी वाणी बोलने से सभी प्रसन्न और संतुष्ट होते हैं इसलिए सदैव मधुर वचन ही बोलना चाहिए। वाणी हमारे अधीन है और इसका कोई मूल्य भी नहीं देना पड़ता तो मीठे वचन बोलने में दरिद्रता कैसी?

मृदुभाषी यदि हम बन जाएँ,
सुख हर जन मन पर बरसाएँ,

शब्द हमारे वश में अपने,
इसमें क्यों दरिद्रता अपनाएँ।

तीर्थ यात्रा पर श्रद्धालुओं के लिए मां अन्नपूर्णा सेवा ट्रस्ट ने चार धाम यात्रा ट्रांजिट कैंप यात्रा बस स्टैंड ऋषिकेश में निशुल्क भोजन वितरण व्यवस्था की हुई है जिसमें प्रति दिन श्री बद्रीनाथ केदारनाथ गंगोत्री व यमुनोत्री धामों की यात्रा पर आए हजारों तीर्थयात्री‌ भोजन रुप प्रसाद ग्रहण कर तृप्त होते हैं, मां अन्नपूर्णा सेवा ट्रस्ट द्वारा तीर्थनगरी ऋषिकेश में यह सेवा विगत कई वर्षों से निःस्वार्थ भाव से की जाती है।

हूँ भूख मरूँ‚ हूँ प्यास मरूँ‚ मेवाड़ धरा आजाद रहै।हूँ घोर उजाड़ां मैं भटकूँ‚ पण मन में माँ री याद रहै।कन्हैया लाल सेठिया :...
19/05/2026

हूँ भूख मरूँ‚ हूँ प्यास मरूँ‚ मेवाड़ धरा आजाद रहै।

हूँ घोर उजाड़ां मैं भटकूँ‚ पण मन में माँ री याद रहै।
कन्हैया लाल सेठिया : पीथळ और पाथळ।

मेवाड़ धरा के परमवीर महाराणा प्रताप के मातृभूमि के प्रति मनोभावों को व्यक्त करते हुए कवि कहते हैं कि मैं भूख से प्यास से मर जाऊँ, पर मेवाड़ धरा स्वतंत्र रहे। मैं उजाड़ वनों में भटकता रहूँ, परंतु मेरे मन में सदैव मातृभूमि रहे।

आज ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया महाराणा प्रताप की जयंती पर आएँ हम सभी अपनी मातृभूमि के उत्थान हेतु संकल्पित हों।

है मातृभूमि सर्वोच्च सदा, सर्वस्व लुटाएँ हम इस पर,

राणा सा शौर्य भरें उर में, कोई आँख उठे यदि भारत पर।

मां अन्नपूर्णा सेवा ट्रस्ट द्वारा तीर्थनगरी ऋषिकेश में तीर्थाटन पर आए श्रद्धालुओं हेतु चार धाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में निशुल्क भोजन वितरण व्यवस्था जारी की हुई है।

जनयन्त्यर्जने दु:खं तापयन्ति विपत्तिषु।मोहयन्ति च सम्पत्तौ कथमर्था: सुखावहा:॥जिसे अर्जित करने में कष्ट होता है, खो देने ...
18/05/2026

जनयन्त्यर्जने दु:खं तापयन्ति विपत्तिषु।

मोहयन्ति च सम्पत्तौ कथमर्था: सुखावहा:॥

जिसे अर्जित करने में कष्ट होता है,
खो देने अथवा चोरी हो जाने से क्लेश होता है।
अधिक हो जाने से अहंकार एवम् मदोन्मति आती है।
कहो/बोलिए! सम्पत्ति अथवा द्रव्य किस स्थिति में सुखदायी है?

माना धन आवश्यक है पर जीवन प्रथम जरूरी है,

स्व में स्थित स्वस्थ रहें हम, यही तपस्या पूरी है।

देवभूमि उत्तराखंड स्थित चार धाम श्री बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री एव यमुनोत्री के प्रवेश द्वार हृषीकेश नारायण भगवान श्री भरत जी महाराज की पवित्र पावन नगरी ऋषिकेश में तीर्थ यात्रा पर आए श्रद्धालुओं हेतु मां अन्नपूर्णा सेवा ट्रस्ट द्वारा बस स्टैंड स्थित चार धाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में संचालित निशुल्क भोजन वितरण व्यवस्था निरंतर जारी है।

दुग्धेन धेनुः कुसुमेन वल्ली शीलेन भार्या कमलेन तोयम्।गुरुं विना भाति न चैव शिष्यः शमेन विद्या नगरी जनेन ॥ भावार्थ - जैसे...
17/05/2026

दुग्धेन धेनुः कुसुमेन वल्ली
शीलेन भार्या कमलेन तोयम्।
गुरुं विना भाति न चैव शिष्यः शमेन विद्या नगरी जनेन ॥

भावार्थ - जैसे दूध के बिना गाय, पुष्प बिना लता, चरित्र के बिना भार्या, कमल बिना जल, शांति के बिना विद्या, और लोग बगैर नगर शोभा नहीं देते, वैसे ही गुरु बिना शिष्य शोभा नहीं देता।

श्री बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धामों की धार्मिक यात्रा पर आए श्रद्धालुओं हेतु मां अन्नपूर्णा सेवा ट्रस्ट द्वारा तीर्थनगरी ऋषिकेश में यात्रा बस स्टैंड स्थित चार धाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में निशुल्क भोजन वितरण व्यवस्था निरंतर जारी है।

सोना सज्जन साधुजन, टूटि जुड़े सौ बार।दुर्जन कुम्भ कुम्हार के, एके  धके दरार।।कबीर जी कहते हैं कि सोने को अगर सौ बार भी त...
14/05/2026

सोना सज्जन साधुजन, टूटि जुड़े सौ बार।

दुर्जन कुम्भ कुम्हार के, एके धके दरार।।

कबीर जी कहते हैं कि सोने को अगर सौ बार भी तोड़ा जाए, तो भी उसे फिर जोड़ा जा सकता है। इसी प्रकार भले मनुष्य साधु हर अवस्था में भले ही रहते हैं। इसके विपरीत बुरे या दुष्ट लोग कुम्हार के घड़े की तरह होते हैं जो एक ही प्रहार अथवा धक्के से टूट जाते हैं एवं पुनः नहीं जुड़ पाते।

सज्जन स्वर्ण समान बनें हम,
कुम्भ समान न टूटें हम,

द्वेष दम्भ क्यों पालें हम,
सज्जनता अपना लें हम।

देवभूमि उत्तराखंड में स्थित श्री बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धामों की यात्रा पर आने वाले देशी - विदेशी तीर्थयात्रियों हेतु मां अन्नपूर्णा सेवा ट्रस्ट द्वारा तीर्थनगरी ऋषिकेश में यात्रा बस स्टैंड स्थित चार धाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में निशुल्क भोजन वितरण व्यवस्था निरंतर जारी है।

अग्निर्देवो द्विजातीनां, मुनीनां हृदि दैवतम्।प्रतिमा स्वल्पबुद्धीनां, सर्वत्र समदर्शिनः।।द्विजों के लिए अग्नि में भगवान ...
14/05/2026

अग्निर्देवो द्विजातीनां, मुनीनां हृदि दैवतम्।

प्रतिमा स्वल्पबुद्धीनां, सर्वत्र समदर्शिनः।।

द्विजों के लिए अग्नि में भगवान है,
मुनियों का भगवान उनके हृदय में, अल्पबुद्धि लोगों का भगवान प्रस्तर प्रतिमा में स्थित है। जो समदर्शी हैं उनके लिए भगवान सर्वत्र हैं।

सद्गुण सबके रूप निखारे,
मानव में देवत्व उभारे,

दीप सिखाता उज्ज्वल होना,
दूर करें जग के अँधियारे।

मां अन्नपूर्णा सेवा ट्रस्ट द्वारा तीर्थनगरी ऋषिकेश में तीर्थाटन हेतु श्री बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धामों की यात्रा पर आए श्रद्धालुओं के लिए यात्रा बस स्टैंड स्थित चार धाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में निशुल्क भोजन वितरण व्यवस्था की हुई है, भूखे भजन न होय गोपाला, यह ले तेरी कंठी माला" ट्रस्ट यह सेवा इसी भावना को ध्यान में रखते हुए प्रति वर्ष करते चले आ रहा है।

अश्विभ्यां प्रात: सवनमिन्द्रेणैन्द्रं माध्यम्दिनम्।वैश्वदेवं सरस्वत्या तृतीयमाप्तं सवनम्॥यजुर्वेद : 19 मंडल, सूक्त 26।हम...
12/05/2026

अश्विभ्यां प्रात: सवनमिन्द्रेणैन्द्रं माध्यम्दिनम्।

वैश्वदेवं सरस्वत्या तृतीयमाप्तं सवनम्॥
यजुर्वेद : 19 मंडल, सूक्त 26।

हम प्रातःकाल, मध्य दिन एवं संध्या काल अर्थात सदैव मानवता और शान्ति के लिए कर्म करते रहें। हम मानवता के उपकारक हों।

देश के विभिन्न राज्यों से श्री बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धामों की यात्रा पर आए तीर्थयात्रियों हेतु मां अन्नपूर्णा सेवा ट्रस्ट द्वारा यात्रा के प्रवेश द्वार ऋषिकेश में यात्रा बस स्टैंड स्थित चार धाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में निशुल्क भोजन वितरण व्यवस्था निरंतर जारी है।

सम्बन्धों की कुल पाँच सीढ़ियाँ होती हैं,देखना, अच्छा लगना, चाहना और पाना,यह चार बहुत सरल सीढ़ियाँ हैं,किन्तु सबसे कठिन पाँ...
10/05/2026

सम्बन्धों की कुल पाँच सीढ़ियाँ होती हैं,

देखना, अच्छा लगना, चाहना और पाना,

यह चार बहुत सरल सीढ़ियाँ हैं,

किन्तु सबसे कठिन पाँचवी सीढ़ी है,

वो है-""निभाना""

जो हर किसी के बस की बात नहीं होती है!

इसलिए अपने संबंधों को मजबूत बना कर विश्वास के साथ समर्पित भाव से निभाएं।

आज ऐतिहासिक दिन मातृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ तीर्थाटन के उद्देश्य से उत्तराखंड में स्थित बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धामों की यात्रा पर आए श्रद्धालुओं को निःशुल्क भोजन वितरण व्यवस्था मां अन्नपूर्णा सेवा ट्रस्ट द्वारा ऋषिकेश स्थित बस स्टैंड पर चार धाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में निरंतर जारी है।

सूर समर करनी करहिं, कहि न जनावहिं आपु।बिद्यमान रन पाइ रिपु, कायर कथहिं प्रतापु॥रामचरित मानस : बालकाण्ड।शूरवीर अपने शौर्य...
09/05/2026

सूर समर करनी करहिं, कहि न जनावहिं आपु।

बिद्यमान रन पाइ रिपु, कायर कथहिं प्रतापु॥
रामचरित मानस : बालकाण्ड।

शूरवीर अपने शौर्य को युद्ध में दिखाते हैं, किन्तु स्वयं को शूरवीर कहकर अपनी प्रशंसा आप नहीं करते, शत्रु को युद्ध में पाकर कायर ही अपने प्रताप की डींग मारा करते हैं।

9 मई सन 1540 में मेवाड़ के योद्धा "महाराणा प्रताप" का जन्म हुआ था, आज उनकी जयंती पर अपनी मातृभूमि के लिए सर्वस्व न्योछावर करने की भावना दृढ़ करें।

राणा सा शौर्य जगाएँ हम,
यह गौरव उर भर लाएँ हम,

निज मातृभूमि की रक्षा हित,*
अपना सर्वस्व लुटाएँ हम।

मां अन्नपूर्णा सेवा ट्रस्ट ने बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धामों की यात्रा पर आए तीर्थयात्रियों हेतु ऋषिकेश यात्रा बस स्टैंड स्थित चार धाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में निशुल्क भोजन वितरण व्यवस्था की हुई है, ट्रस्ट का उद्देश्य है कि कोई भी तीर्थयात्री अपनी यात्रा के दौरान भूखा न रहे।

बलवान् अपि अशक्तोऽसौ धनवानपि निर्धनः।श्रुतवान् अपि मूर्खोऽसौ यो धर्मविमुखो जनः॥जो व्यक्ति अपने धर्म (कर्तव्य) से विमुख ह...
08/05/2026

बलवान् अपि अशक्तोऽसौ धनवानपि निर्धनः।

श्रुतवान् अपि मूर्खोऽसौ यो धर्मविमुखो जनः॥

जो व्यक्ति अपने धर्म (कर्तव्य) से विमुख होता है, वह बलवान हो कर भी असमर्थ, धनवान हो कर भी निर्धन तथा ज्ञानी हो कर भी मूर्ख होता है।

बर्फ का अतीत और भविष्य दोनों पानी ही है। इसलिए बर्फ की तरह जिएँ—अतीत का कोई पछतावा नहीं, भविष्य की कोई चिंता नहीं।
शांत रहें और बस हर पल का आनंद लें।

मां अन्नपूर्णा सेवा ट्रस्ट द्वारा चार धाम यात्रा‌ बद्रीनाथ , केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धामों पर आए श्रद्धालुओं हेतु ऋषिकेश यात्रा बस स्टैंड स्थित चार धाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में हर साल चलाई जाने वाली निशुल्क भोजन वितरण व्यवस्था निरंतर जारी है।

Address

Triveni Ghat
Rishikesh

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Maa Annapurna Sewa Trust posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share