22/05/2026
प्रियवाक्यप्रदानेन सर्वे तुष्यन्ति जन्तवः।
तस्मात्तदेव वक्तव्यं, वचने किं दरिद्रता।।
मीठी वाणी बोलने से सभी प्रसन्न और संतुष्ट होते हैं इसलिए सदैव मधुर वचन ही बोलना चाहिए। वाणी हमारे अधीन है और इसका कोई मूल्य भी नहीं देना पड़ता तो मीठे वचन बोलने में दरिद्रता कैसी?
मृदुभाषी यदि हम बन जाएँ,
सुख हर जन मन पर बरसाएँ,
शब्द हमारे वश में अपने,
इसमें क्यों दरिद्रता अपनाएँ।
तीर्थ यात्रा पर श्रद्धालुओं के लिए मां अन्नपूर्णा सेवा ट्रस्ट ने चार धाम यात्रा ट्रांजिट कैंप यात्रा बस स्टैंड ऋषिकेश में निशुल्क भोजन वितरण व्यवस्था की हुई है जिसमें प्रति दिन श्री बद्रीनाथ केदारनाथ गंगोत्री व यमुनोत्री धामों की यात्रा पर आए हजारों तीर्थयात्री भोजन रुप प्रसाद ग्रहण कर तृप्त होते हैं, मां अन्नपूर्णा सेवा ट्रस्ट द्वारा तीर्थनगरी ऋषिकेश में यह सेवा विगत कई वर्षों से निःस्वार्थ भाव से की जाती है।