01/05/2026
खुद को मिटा दिया उसने, पर अपनी बाहों में अपना संसार बसाए रखा।
जबलपुर के बरगी डैम स्थित खमरिया टापू के पास हुआ क्रूज हादसा बेहद हृदयविदारक और स्तब्ध कर देने वाला है। पर्यटकों से भरे इस क्रूज के डूबने की खबर ने हर किसी को गहरे शोक में डाल दिया है। मौके पर एसडीआरएफ (SDRF) की टीम पूरी मुस्तैदी के साथ राहत और बचाव कार्य में जुटी है।
इस भीषण त्रासदी के बीच एक ऐसा मार्मिक दृश्य सामने आया है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। एक मां, जिसने मौत को सामने देखकर भी अपने बच्चे को आखिरी सांस तक सीने से लगाए रखा। वह चाहती तो शायद अपनी जान बचाकर किनारे तक पहुंच सकती थी, लेकिन जिस मां की पूरी दुनिया ही उसकी संतान हो, वह उसे उन बेरहम लहरों के बीच कैसे छोड़ सकती थी।
**उस मां के अद्वितीय बलिदान और संघर्ष को नमन:**
> लहरों का हर वार सह लिया, पर अपनी पकड़ ढीली न होने दी,
> खौफनाक मौत से भी लड़ गई वो, ममता की लौ बुझने न दी।
> खुद की सांसें भले ही टूट गईं, पर बच्चे को सीने से लगाए रखा,
> खुद को मिटा दिया उसने, पर अपनी बाहों में अपना संसार बसाए रखा।
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ईश्वर से विनम्र प्रार्थना है कि इस हादसे में जान गंवाने वाली सभी दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों को यह वज्रपात सहने की असीम शक्ति प्रदान करें। सभी घायलों के शीघ्र से शीघ्र स्वस्थ होने की कामना है।
ॐ शांति 💐🙏
*अजय कुमार तिवारी*