25/09/2024
श्री गरुड़ पुराण कथा का आठवा दिन
जय कुलदेवी फॉउन्डेशन के तत्वाधान में आयोजित 18 सितम्बर 2024 से सांय 6 बजे से गरुड़ पुराण कथा प्रारम्भ है इस सौलह दिवसीय श्री गरुड़ पुराण कथा के आठवे दिन कथा वाचक पंडित श्री तरुण व्यास जी ने कहा की आज पितृगण शिवलोक से अपने परिवार से मिलने आते हैं परिवार वालो को शिव मंदिर में पूजा अर्चना करके पीपल के वृक्ष पर पितृगण के निमित्त जल,दूध-चावल, शहद एवं काले तिल चढ़ाकर तर्पण करके उनसे परिवार के कल्याण के लिए आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए।
कल नवमी श्राद्ध तिथि को पितृगण देवीलोक से अपने परिवार से मिलने आते हैं परिवार वालो को देवी मंदिर में पितृगण के निमित्त जल दूध एवं काले तिल से तर्पण करके उनसे परिवार के कल्याण के लिए आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए।
इंजीनियर विजय सिंह यादव (वकील साहेब) ने स्पष्ट किया की जैसे, यहाँ के भेजे हुए रुपये लंदन में पाउण्ड, अमेरिका में डालर एवं जापान में येन बन जाते हैं ऐसे ही पितरों के प्रति किये गये श्राद्ध का अन्न, श्राद्धकर्म का फल हमारे पितर जहाँ हैं, जैसे हैं, उनके अनुरूप उनको मिल जाता है। किन्तु इसमें जिनके लिए श्राद्ध किया जा रहा हो, उनके नाम, उनके पिता के नाम एवं गोत्र के नाम का स्पष्ट उच्चारण होना चाहिए। विष्णु पुराण में आता हैः
श्रद्धासमन्वितैर्दत्तं पितृभ्यो नामगोत्रतः।
यदाहारास्तु ते जातास्तदाहारत्वमेति तत्।।
'श्रद्धायुक्त व्यक्तियों द्वारा नाम और गोत्र का उच्चारण करके दिया हुआ अन्न पितृगण को वे जैसे आहार के योग्य होते हैं वैसा ही होकर उन्हें मिलता है'।
पितृपक्ष में गौ पूजन के साथ गरुड़ पुराण कथा, सर्व पितृ शांति महायज्ञ एवं महाभंडारा दिनांक 02 अक्टूम्बर 2024 को समय : प्रातः 10 से गरुड़ पुराण कथा समापन, सर्व पितृ शांति महायज्ञ के पश्चात महाभंडारा सांय 6 बजे से आपके आगमन तक होगा।
अत्यंत हर्ष एवं आनंद का स्त्रोत कुल भैरव, कुलदेवी, सतीमाता, पितृदेवों और समस्त देवी-देवताओं की असीम कृपा से पावन अवसर पर आप सपरिवार आमंत्रित हैं ।
कृपया इस पत्र को सादर निमंत्रण के रूप में स्वीकार कर भक्तिरसपान में उपस्थित होकर हमें अनुग्रहित करें ...
निवेदक : इंजीनियर विजय सिंह यादव (वकील साहेब)
कार्यालय : 40, लक्ष्मी नगर, रत्नेश्वर रोड़, रतलाम (म.प्र.) 457001 Office : 40, Laxmi Nagar, Ratneshwar Road, Ratlam (M.P.) 457001
Mob.: 8989001819, 9827-007-283
101 गौशाला नहीं, गौलोक की स्थापना का संकल्प! गौशाला नहीं गौलोक