03/01/2023
आज महान समाज सुधारक,भारत की प्रथम महिला शिक्षिका माता सावित्री बाई फुले की 191 वी जन्मदिवस पर लाइब्रेरी में प्रोग्राम किया गया जिसमें उन्हे फूल अर्पित किए गए
अध्यक्ष गुरप्रीत और पंचायत समिति के मेंबर प्रधान अमन ने कहा कि भारत की महान समाज सुधारक महिला शिक्षिका, एवं मराठी कवियत्री थीं. उन्होंने अपने पति ज्योतिराव गोविंदराव फुले के साथ मिलकर स्त्री अधिकारों एवं शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए. उन्हें आधुनिक मराठी काव्य का अग्रदूत माना जाता है. 1852 में उन्होंने बालिकाओं के लिए एक विद्यालय की स्थापना की. पांच सितम्बर 1848 में पुणे (Pune) में अपने पति के साथ मिलकर विभिन्न जातियों की नौ छात्राओं के साथ उन्होंने महिलाओं के लिए एक विद्यालय की स्थापना की.
एक वर्ष में सावित्रीबाई और महात्मा फुले पांच नये विद्यालय खोलने में सफल हुए. तत्कालीन सरकार ने इन्हें सम्मानित भी किया. एक महिला प्रिंसिपल के लिए सन् 1848 में बालिका विद्यालय चलाना कितना मुश्किल रहा होगा, इसकी कल्पना शायद आज भी नहीं की जा सकती. लड़कियों की शिक्षा पर उस समय सामाजिक पाबंदी थी. सावित्रीबाई फुले उस दौर में न सिर्फ खुद पढ़ीं, बल्कि समाज में नारी शिक्षा के माध्यम से नई जागृति लाने सफल प्रयास अपनी सहयोगी फातिमा शेख एवं फातिमा शेख के भाइ उस्मान शेख के माध्यम से किया था।
इस वक्त कमेटी के बहुत सारे सदस्य मौजूद रहे।